- Hindi News
- देश विदेश
- UAE में फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई: 19 भारतीय समेत 35 गिरफ्तार, नेतन्याहू ने कॉफी पीते वीडियो से मौत...
UAE में फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई: 19 भारतीय समेत 35 गिरफ्तार, नेतन्याहू ने कॉफी पीते वीडियो से मौत की अफवाहों का किया खंडन
international
इजराइल-ईरान जंग के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर UAE की कार्रवाई; नेतन्याहू ने वायरल दावों को खारिज करते हुए वीडियो जारी किया।
मध्य-पूर्व में जारी इजराइल-ईरान युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज और अफवाहों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में 19 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गलत जानकारी और भ्रामक वीडियो फैलाने का आरोप है, जिससे आम लोगों में डर और भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधियों का पता चलने के बाद की गई। UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने कहा कि युद्ध जैसे संवेदनशील समय में झूठी खबरें सामाजिक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है और इस मामले में सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल पोस्ट और वीडियो की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन अफवाहों का संबंध किसी संगठित नेटवर्क से है या नहीं। UAE प्रशासन का कहना है कि देश के साइबर कानूनों के तहत फेक न्यूज फैलाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
इसी दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी सोशल मीडिया पर फैल रही एक अफवाह को लेकर चर्चा में आ गए। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर उनके मौत की खबरें और कई भ्रामक दावे वायरल हो रहे थे। इन अफवाहों का जवाब देते हुए नेतन्याहू ने खुद एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह यरुशलम के एक रेस्टोरेंट में आराम से कॉफी पीते नजर आए।
वीडियो में उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, “क्या आप मेरी उंगलियां गिनना चाहते हैं?” दरअसल, 13 मार्च को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया था कि नेतन्याहू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक से जोड़ते हुए उनकी मौत की अफवाहें फैलानी शुरू कर दी थीं।
डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध या संकट के समय सोशल मीडिया पर गलत सूचना तेजी से फैलती है और इसका असर आम जनता की मानसिक स्थिति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। ऐसे हालात में सरकारों के लिए सूचना की सत्यता बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है।
------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

