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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एयरस्ट्राइक, BLA के बड़े हमले के बाद बढ़ा तनाव
अंतराष्ट्रीय न्यूज
32 सैनिकों को मारने के BLA के दावे के बीच पाकिस्तानी कार्रवाई; सुराब और ग्वादर में हवाई हमलों की खबर, नागरिकों के मारे जाने का भी दावा
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर हिंसा का दौर तेज हो गया है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की ओर से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर लगातार हमलों के दावे के बाद पाकिस्तान ने प्रांत के कुछ हिस्सों में हवाई कार्रवाई की है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सुराब और ग्वादर इलाके में पाकिस्तानी विमानों ने हमले किए। इसी बीच BLA ने दावा किया है कि 1 से 8 अगस्त के बीच बलूचिस्तान में किए गए 38 अभियानों के दौरान 32 से ज्यादा पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और अन्य सुरक्षाकर्मी मारे गए। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हवाई कार्रवाई को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारियों में नागरिकों के हताहत होने की बात भी कही गई है। कुछ रिपोर्टों में सुराब और ग्वादर में महिलाओं और बच्चों समेत 21 नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संघर्ष वाले इलाकों में पत्रकारों और स्वतंत्र एजेंसियों की सीमित पहुंच के कारण इस तरह के शुरुआती दावों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पाकिस्तान की तरफ से इन कथित एयरस्ट्राइक में नागरिकों की मौत के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने 12 अगस्त को बलूचिस्तान में एक अलग सुरक्षा अभियान के दौरान 10 उग्रवादियों के मारे जाने की जानकारी दी थी।
BLA के मुताबिक, अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में बलूचिस्तान के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों में चागाई जिले के एक पुलिस स्टेशन पर आधी रात के समय हमले का जिक्र है। यहां पुलिसकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसके अलावा झाओ में सैन्य कैंप, खुजदार-आरसीडी हाईवे पर सुरक्षा बलों के काफिले और वाध इलाके में सैन्य वाहनों पर हमले की जानकारी भी सामने आई। मंगुचर बाजार के पास सुरक्षा चौकी को निशाना बनाए जाने और यक्माच में व्यावसायिक वाहनों को रोकने की बात भी BLA की ओर से कही गई है। इन सभी घटनाओं में हताहतों की कुल संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान की ओर से भी बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियान तेज करने की जानकारी दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अगस्त को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक अभियान में 10 आतंकियों को मारने का दावा किया। इसी दिन सुराब जिले में विस्फोटकों से भरी कार में समय से पहले धमाका हो गया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इस घटना में विस्फोटक तैयार करने में शामिल आठ लोगों और पास के एक घर में मौजूद तीन लोगों की मौत हुई। सुरक्षा बलों के दो जवानों के घायल होने की भी जानकारी दी गई। पाकिस्तान ने इन अलगाववादी समूहों पर भारत से समर्थन मिलने का आरोप लगाया है, जबकि नई दिल्ली ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है।
बलूचिस्तान में इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान का यह प्रांत लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन और सैन्य कार्रवाई के बीच फंसा हुआ है। BLA यहां सक्रिय प्रमुख सशस्त्र संगठनों में से एक है। संगठन पाकिस्तान से अलग बलूच राष्ट्र की मांग करता है और पहले भी सुरक्षा बलों, पुलिस, सरकारी ठिकानों, बुनियादी ढांचे और विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर हमले कर चुका है। जनवरी 2026 में भी बलूचिस्तान के कई जिलों में एक साथ हमले हुए थे, जिनमें सुरक्षा प्रतिष्ठानों के अलावा बाजार, स्कूल और दूसरे सार्वजनिक स्थान भी प्रभावित हुए थे।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा प्रांत है और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है। यहां गैस, खनिज और दूसरे संसाधनों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय स्तर पर गरीबी, बेरोजगारी और विकास की कमी को लेकर लंबे समय से असंतोष रहा है। बलूच राष्ट्रवादी संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि प्रांत के संसाधनों से स्थानीय आबादी को अपेक्षित फायदा नहीं मिलता और केंद्र सरकार का नियंत्रण जरूरत से ज्यादा है। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए विकास परियोजनाओं और सुरक्षा अभियानों को क्षेत्र में स्थिरता के लिए जरूरी बताती रही है।
ग्वादर इस पूरे विवाद में खास महत्व रखता है। यह अरब सागर के किनारे स्थित रणनीतिक बंदरगाह है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है। यहां पहले भी बलूच उग्रवादी संगठनों की ओर से सुरक्षा बलों और चीनी नागरिकों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मार्च 2024 में ग्वादर के पास एक सुरक्षा परिसर पर हुए हमले में पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक दो सैनिक मारे गए थे और आठ हमलावरों को मार गिराया गया था।
ताजा घटनाक्रम में BLA के हमलों और पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई के बीच नागरिक इलाकों पर असर को लेकर भी चिंता बढ़ी है। एक तरफ संगठन अपने अभियानों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा कर रहा है, वहीं पाकिस्तान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में उग्रवादियों के मारे जाने की जानकारी दे रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक नुकसान का आकलन अभी मुश्किल है। खासकर सुराब और ग्वादर में कथित हवाई हमलों से जुड़े नागरिक हताहतों के आंकड़े स्वतंत्र स्रोतों से पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एयरस्ट्राइक, BLA के बड़े हमले के बाद बढ़ा तनाव
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर हिंसा का दौर तेज हो गया है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की ओर से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर लगातार हमलों के दावे के बाद पाकिस्तान ने प्रांत के कुछ हिस्सों में हवाई कार्रवाई की है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सुराब और ग्वादर इलाके में पाकिस्तानी विमानों ने हमले किए। इसी बीच BLA ने दावा किया है कि 1 से 8 अगस्त के बीच बलूचिस्तान में किए गए 38 अभियानों के दौरान 32 से ज्यादा पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और अन्य सुरक्षाकर्मी मारे गए। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
हवाई कार्रवाई को लेकर सामने आई शुरुआती जानकारियों में नागरिकों के हताहत होने की बात भी कही गई है। कुछ रिपोर्टों में सुराब और ग्वादर में महिलाओं और बच्चों समेत 21 नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संघर्ष वाले इलाकों में पत्रकारों और स्वतंत्र एजेंसियों की सीमित पहुंच के कारण इस तरह के शुरुआती दावों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पाकिस्तान की तरफ से इन कथित एयरस्ट्राइक में नागरिकों की मौत के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने 12 अगस्त को बलूचिस्तान में एक अलग सुरक्षा अभियान के दौरान 10 उग्रवादियों के मारे जाने की जानकारी दी थी।
BLA के मुताबिक, अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में बलूचिस्तान के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों में चागाई जिले के एक पुलिस स्टेशन पर आधी रात के समय हमले का जिक्र है। यहां पुलिसकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसके अलावा झाओ में सैन्य कैंप, खुजदार-आरसीडी हाईवे पर सुरक्षा बलों के काफिले और वाध इलाके में सैन्य वाहनों पर हमले की जानकारी भी सामने आई। मंगुचर बाजार के पास सुरक्षा चौकी को निशाना बनाए जाने और यक्माच में व्यावसायिक वाहनों को रोकने की बात भी BLA की ओर से कही गई है। इन सभी घटनाओं में हताहतों की कुल संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान की ओर से भी बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियान तेज करने की जानकारी दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 अगस्त को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक अभियान में 10 आतंकियों को मारने का दावा किया। इसी दिन सुराब जिले में विस्फोटकों से भरी कार में समय से पहले धमाका हो गया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इस घटना में विस्फोटक तैयार करने में शामिल आठ लोगों और पास के एक घर में मौजूद तीन लोगों की मौत हुई। सुरक्षा बलों के दो जवानों के घायल होने की भी जानकारी दी गई। पाकिस्तान ने इन अलगाववादी समूहों पर भारत से समर्थन मिलने का आरोप लगाया है, जबकि नई दिल्ली ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है।
बलूचिस्तान में इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान का यह प्रांत लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन और सैन्य कार्रवाई के बीच फंसा हुआ है। BLA यहां सक्रिय प्रमुख सशस्त्र संगठनों में से एक है। संगठन पाकिस्तान से अलग बलूच राष्ट्र की मांग करता है और पहले भी सुरक्षा बलों, पुलिस, सरकारी ठिकानों, बुनियादी ढांचे और विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर हमले कर चुका है। जनवरी 2026 में भी बलूचिस्तान के कई जिलों में एक साथ हमले हुए थे, जिनमें सुरक्षा प्रतिष्ठानों के अलावा बाजार, स्कूल और दूसरे सार्वजनिक स्थान भी प्रभावित हुए थे।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा प्रांत है और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है। यहां गैस, खनिज और दूसरे संसाधनों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय स्तर पर गरीबी, बेरोजगारी और विकास की कमी को लेकर लंबे समय से असंतोष रहा है। बलूच राष्ट्रवादी संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि प्रांत के संसाधनों से स्थानीय आबादी को अपेक्षित फायदा नहीं मिलता और केंद्र सरकार का नियंत्रण जरूरत से ज्यादा है। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए विकास परियोजनाओं और सुरक्षा अभियानों को क्षेत्र में स्थिरता के लिए जरूरी बताती रही है।
ग्वादर इस पूरे विवाद में खास महत्व रखता है। यह अरब सागर के किनारे स्थित रणनीतिक बंदरगाह है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं के कारण इसका महत्व और बढ़ गया है। यहां पहले भी बलूच उग्रवादी संगठनों की ओर से सुरक्षा बलों और चीनी नागरिकों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मार्च 2024 में ग्वादर के पास एक सुरक्षा परिसर पर हुए हमले में पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक दो सैनिक मारे गए थे और आठ हमलावरों को मार गिराया गया था।
ताजा घटनाक्रम में BLA के हमलों और पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई के बीच नागरिक इलाकों पर असर को लेकर भी चिंता बढ़ी है। एक तरफ संगठन अपने अभियानों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा कर रहा है, वहीं पाकिस्तान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में उग्रवादियों के मारे जाने की जानकारी दे रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक नुकसान का आकलन अभी मुश्किल है। खासकर सुराब और ग्वादर में कथित हवाई हमलों से जुड़े नागरिक हताहतों के आंकड़े स्वतंत्र स्रोतों से पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।
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