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देशभर में मानसून का कहर: उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हाईवे बंद, छत्तीसगढ़ में पुल टूटा, यूपी-बिहार में बाढ़ और बिजली गिरने से जनजीवन प्रभावित
Digital Desk
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे बाधित, बिलासपुर में पुल क्षतिग्रस्त होने से बस फंसी, उत्तर प्रदेश की नदियां उफान पर, बिहार-झारखंड में आकाशीय बिजली से 10 लोगों की मौत
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर विकराल रूप में नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं, छत्तीसगढ़ में तेज बारिश से एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, उत्तर प्रदेश में कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जबकि बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से हाईवे बाधित
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ियों से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क बंद होने के कारण चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है, हालांकि मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भी लगातार वर्षा के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। कई ग्रामीण मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित हुई है।
छत्तीसगढ़ में पुल टूटने से फंसी यात्री बस
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के चलते बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुल दो हिस्सों में टूट गया। इसी दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस बीच में फंस गई। हालांकि समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई है और पुल की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, घाघरा, शारदा समेत करीब दस नदियां उफान पर हैं। कई जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर जिले के छह गांवों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है।
बिहार और झारखंड में बिजली गिरने से 10 मौतें
रविवार को बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। बिहार के बांका जिले में खेतों और खुले स्थानों पर मौजूद लोग बिजली की चपेट में आ गए। वहीं झारखंड के कई जिलों से भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है।
कई राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है।
- बिहार के बेगूसराय में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में तीन फीट तक पानी भर गया।
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार बारिश के चलते एक मकान ढह गया।
- गुजरात के राजकोट में भारी वर्षा के कारण एक घर गिर गया।
- राजस्थान के ब्यावर में साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गईं।
इन घटनाओं के चलते स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिलों के प्रशासन को राहत शिविर तैयार रखने, आवश्यक दवाइयों और खाद्य सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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देशभर में मानसून का कहर: उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हाईवे बंद, छत्तीसगढ़ में पुल टूटा, यूपी-बिहार में बाढ़ और बिजली गिरने से जनजीवन प्रभावित
Digital Desk
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर विकराल रूप में नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गए हैं, छत्तीसगढ़ में तेज बारिश से एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, उत्तर प्रदेश में कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जबकि बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से हाईवे बाधित
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ियों से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क बंद होने के कारण चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है, हालांकि मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
रुद्रप्रयाग में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भी लगातार वर्षा के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। कई ग्रामीण मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित हुई है।
छत्तीसगढ़ में पुल टूटने से फंसी यात्री बस
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के चलते बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर स्थित एक पुल दो हिस्सों में टूट गया। इसी दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस बीच में फंस गई। हालांकि समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई है और पुल की मरम्मत का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा, घाघरा, शारदा समेत करीब दस नदियां उफान पर हैं। कई जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर जिले के छह गांवों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। गांवों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर दिया है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है।
बिहार और झारखंड में बिजली गिरने से 10 मौतें
रविवार को बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। बिहार के बांका जिले में खेतों और खुले स्थानों पर मौजूद लोग बिजली की चपेट में आ गए। वहीं झारखंड के कई जिलों से भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है।
कई राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है।
- बिहार के बेगूसराय में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में तीन फीट तक पानी भर गया।
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार बारिश के चलते एक मकान ढह गया।
- गुजरात के राजकोट में भारी वर्षा के कारण एक घर गिर गया।
- राजस्थान के ब्यावर में साढ़े पांच इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें जलमग्न हो गईं।
इन घटनाओं के चलते स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर रखी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिलों के प्रशासन को राहत शिविर तैयार रखने, आवश्यक दवाइयों और खाद्य सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
