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BRICS Bhopal 2026: आम लोगों के लिए खुलेगा मिंटो हॉल, चार दिन लगेंगी तीन खास प्रदर्शनी; प्रवेश निशुल्क
Digital Desk
ब्रिक्स बैठकों के बीच भोपाल के नागरिक भी आयोजन का हिस्सा बन सकेंगे। मिंटो हॉल में पांच से आठ अगस्त तक भारत की ज्ञान परंपरा, समुद्री संपर्क और एशिया में सांस्कृतिक प्रभाव पर तीन इमर्सिव प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। छह अगस्त को रविंद्र भवन में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में भी प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए तैयार हो रहा भोपाल का अंतरराष्ट्रीय आयोजन केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने मिंटो हॉल में लगने वाली तीन विशेष प्रदर्शनियों और रविंद्र भवन के ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव को आम नागरिकों के लिए खोलने की घोषणा की है।
मिंटो हॉल में पांच से आठ अगस्त तक भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत पर आधारित ज्ञान भारतम्, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत नाम से तीन इमर्सिव प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें डिजिटल एवं दृश्य माध्यमों के जरिए भारत के ज्ञान, समुद्री इतिहास और दूसरे देशों के साथ उसके सांस्कृतिक संबंधों की कहानी दिखाई जाएगी। सभी प्रदर्शनियों में प्रवेश निशुल्क रहेगा।
ज्ञान भारतम् में दिखेगी भारत की पांडुलिपि परंपरा
ज्ञान भारतम् प्रदर्शनी में भारत की प्राचीन ज्ञान प्रणालियों, पांडुलिपियों और बौद्धिक परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और कला जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध प्राचीन भारतीय ज्ञान को संरक्षित तथा डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की पहल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होगी।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने वर्ष 2026 में ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण प्रारंभ किया है। इसका उद्देश्य देशभर में निजी परिवारों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और संस्थानों के पास मौजूद पांडुलिपियों की पहचान कर उनका राष्ट्रीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
समुद्री मार्गों की कहानी बताएगा प्रोजेक्ट मौसम
प्रोजेक्ट मौसम भारत और हिंद महासागर से जुड़े देशों के पुराने समुद्री संबंधों को सामने लाएगा। प्रदर्शनी में बताया जाएगा कि किस तरह व्यापारियों, यात्रियों और समुद्री मार्गों के जरिए भारत का खानपान, भाषा, कला, धर्म और स्थापत्य दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचा।
मसालों और वस्त्रों का व्यापार इन समुद्री मार्गों का एक हिस्सा था। इनके साथ विचारों, परंपराओं और तकनीकों का भी देशों के बीच आदान-प्रदान हुआ। यही ऐतिहासिक संपर्क आज भारत के कई एशियाई और अफ्रीकी देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों का आधार माना जाता है।
एशिया में भारतीय प्रभाव दिखाएगा बृहत्तर भारत
प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत में दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्रों में भारतीय सभ्यता तथा संस्कृति से बने ऐतिहासिक संबंधों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें भाषा, रामायण परंपरा, मंदिर वास्तुकला, नृत्य, साहित्य और धार्मिक दर्शन पर पड़े भारतीय प्रभाव की झलक दिखाई जाएगी।
तीनों प्रदर्शनियों को सामान्य संग्रहालय प्रदर्शनी के स्थान पर इमर्सिव स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चित्रों, डिजिटल प्रस्तुतियों और अनुभव आधारित माध्यमों से इतिहास को दर्शकों के लिए अधिक रोचक बनाना है।
रविंद्र भवन में अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां
ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत छह अगस्त को शाम पांच बजे से रविंद्र भवन में सदस्य देशों के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का विषय ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः—हार्मनी फॉर ऑल’ रखा गया है।
रूस, ब्राजील, भारत और दूसरे ब्रिक्स देशों की संगीत, नृत्य एवं लोक परंपराओं की झलक महोत्सव में देखने को मिल सकती है। इस कार्यक्रम में भी प्रवेश निशुल्क है। संस्कृति मंत्रालय ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण लिंक जारी किया है।
एक नजर में सार्वजनिक कार्यक्रम
| कार्यक्रम | तारीख और समय | स्थान | प्रवेश |
|---|---|---|---|
| ज्ञान भारतम् प्रदर्शनी | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| प्रोजेक्ट मौसम | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव | 6 अगस्त, शाम 5 बजे से | रविंद्र भवन | निशुल्क, पंजीकरण उपलब्ध |
ब्रिक्स के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार पांच और छह अगस्त को संस्कृति कार्य समूह की बैठक, छह और सात अगस्त को सांस्कृतिक महोत्सव तथा सात और आठ अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने मिंटो हॉल की प्रदर्शनियों में सभी नागरिकों के लिए निशुल्क प्रवेश की जानकारी जारी की है।
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BRICS Bhopal 2026: आम लोगों के लिए खुलेगा मिंटो हॉल, चार दिन लगेंगी तीन खास प्रदर्शनी; प्रवेश निशुल्क
Digital Desk
ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए तैयार हो रहा भोपाल का अंतरराष्ट्रीय आयोजन केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने मिंटो हॉल में लगने वाली तीन विशेष प्रदर्शनियों और रविंद्र भवन के ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव को आम नागरिकों के लिए खोलने की घोषणा की है।
मिंटो हॉल में पांच से आठ अगस्त तक भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत पर आधारित ज्ञान भारतम्, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत नाम से तीन इमर्सिव प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें डिजिटल एवं दृश्य माध्यमों के जरिए भारत के ज्ञान, समुद्री इतिहास और दूसरे देशों के साथ उसके सांस्कृतिक संबंधों की कहानी दिखाई जाएगी। सभी प्रदर्शनियों में प्रवेश निशुल्क रहेगा।
ज्ञान भारतम् में दिखेगी भारत की पांडुलिपि परंपरा
ज्ञान भारतम् प्रदर्शनी में भारत की प्राचीन ज्ञान प्रणालियों, पांडुलिपियों और बौद्धिक परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और कला जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध प्राचीन भारतीय ज्ञान को संरक्षित तथा डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की पहल भी प्रदर्शनी का हिस्सा होगी।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने वर्ष 2026 में ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण प्रारंभ किया है। इसका उद्देश्य देशभर में निजी परिवारों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और संस्थानों के पास मौजूद पांडुलिपियों की पहचान कर उनका राष्ट्रीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
समुद्री मार्गों की कहानी बताएगा प्रोजेक्ट मौसम
प्रोजेक्ट मौसम भारत और हिंद महासागर से जुड़े देशों के पुराने समुद्री संबंधों को सामने लाएगा। प्रदर्शनी में बताया जाएगा कि किस तरह व्यापारियों, यात्रियों और समुद्री मार्गों के जरिए भारत का खानपान, भाषा, कला, धर्म और स्थापत्य दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचा।
मसालों और वस्त्रों का व्यापार इन समुद्री मार्गों का एक हिस्सा था। इनके साथ विचारों, परंपराओं और तकनीकों का भी देशों के बीच आदान-प्रदान हुआ। यही ऐतिहासिक संपर्क आज भारत के कई एशियाई और अफ्रीकी देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों का आधार माना जाता है।
एशिया में भारतीय प्रभाव दिखाएगा बृहत्तर भारत
प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत में दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्रों में भारतीय सभ्यता तथा संस्कृति से बने ऐतिहासिक संबंधों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें भाषा, रामायण परंपरा, मंदिर वास्तुकला, नृत्य, साहित्य और धार्मिक दर्शन पर पड़े भारतीय प्रभाव की झलक दिखाई जाएगी।
तीनों प्रदर्शनियों को सामान्य संग्रहालय प्रदर्शनी के स्थान पर इमर्सिव स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चित्रों, डिजिटल प्रस्तुतियों और अनुभव आधारित माध्यमों से इतिहास को दर्शकों के लिए अधिक रोचक बनाना है।
रविंद्र भवन में अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां
ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत छह अगस्त को शाम पांच बजे से रविंद्र भवन में सदस्य देशों के कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का विषय ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः—हार्मनी फॉर ऑल’ रखा गया है।
रूस, ब्राजील, भारत और दूसरे ब्रिक्स देशों की संगीत, नृत्य एवं लोक परंपराओं की झलक महोत्सव में देखने को मिल सकती है। इस कार्यक्रम में भी प्रवेश निशुल्क है। संस्कृति मंत्रालय ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण लिंक जारी किया है।
एक नजर में सार्वजनिक कार्यक्रम
| कार्यक्रम | तारीख और समय | स्थान | प्रवेश |
|---|---|---|---|
| ज्ञान भारतम् प्रदर्शनी | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| प्रोजेक्ट मौसम | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत | 5–8 अगस्त | मिंटो हॉल | निशुल्क |
| ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव | 6 अगस्त, शाम 5 बजे से | रविंद्र भवन | निशुल्क, पंजीकरण उपलब्ध |
ब्रिक्स के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार पांच और छह अगस्त को संस्कृति कार्य समूह की बैठक, छह और सात अगस्त को सांस्कृतिक महोत्सव तथा सात और आठ अगस्त को संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने मिंटो हॉल की प्रदर्शनियों में सभी नागरिकों के लिए निशुल्क प्रवेश की जानकारी जारी की है।
