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दोस्ती के जाल में फंसाकर छात्रा से 14.50 लाख और 450 ग्राम सोना ऐंठा, चार आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर,(छ.ग.)
बिलासपुर में 17 वर्षीय छात्रा को धमकाकर एक साल तक करते रहे ब्लैकमेल, रकम से नेपाल यात्रा और महंगी पार्टियां; पुलिस ने ASI के बेटे समेत चार आरोपियों को दबोचा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 17 वर्षीय छात्रा को पहले दोस्ती के नाम पर भरोसे में लिया गया और फिर उसे तथा उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर करीब एक वर्ष तक लाखों रुपये और सोने के आभूषण वसूले गए। पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने छात्रा से लगभग 14.50 लाख रुपये नकद और करीब 450 ग्राम सोने के जेवर हासिल किए। मामले में पुलिस ने ASI के बेटे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र का है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रा का विश्वास जीतने के बाद उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा और परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उससे पैसे और जेवर लेते रहे।
दोस्ती से शुरू हुआ ब्लैकमेल का सिलसिला
छात्रा की पहचान वर्ष 2025 की शुरुआत में कुछ युवकों से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोस्ती हो गई। शुरुआत में छात्रा ने मित्रता के कारण उनकी आर्थिक मदद भी की, लेकिन बाद में आरोपियों ने इसी संबंध का फायदा उठाते हुए उसे धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि यदि छात्रा पैसे देने से मना करती या किसी को जानकारी देने की कोशिश करती, तो उसके परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने, हत्या कराने या सड़क दुर्घटना कराने जैसी धमकियां दी जाती थीं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण छात्रा भयभीत हो गई और उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा के दादा SECL के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और बैंक लॉकर का संचालन पोती को सौंप रखा था। आरोप है कि छात्रा ने इन्हीं खातों से अलग-अलग समय पर एटीएम और डिजिटल माध्यमों से करीब 14.50 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को दिए। इसके बाद घर के लॉकर में रखे लगभग 450 ग्राम सोने के आभूषण भी आरोपियों तक पहुंचाए गए।
पुलिस जांच में खुला पूरा मामला
थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अचानक महंगे होटलों में खर्च कर रहे हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एक छात्रा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने छात्रा और उसके परिवार से बातचीत की, जिसमें पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। छात्रा के दादा ने भी बैंक खाते और लॉकर की जिम्मेदारी पोती को सौंपने की पुष्टि की।
नेपाल यात्रा और महंगी पार्टियों में खर्च की रकम
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग से हासिल की गई रकम का उपयोग ऐशो-आराम में किया। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल घूमने गए और नियमित रूप से महंगी पार्टियां करते थे। बताया गया कि एक पार्टी पर छह से दस हजार रुपये तक खर्च किए जाते थे। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन लेनदेन और खर्च के अन्य स्रोतों की भी जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की। जांच के बाद आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडेय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये नकद, सोने की अंगूठियां, सोने की चेन, मोबाइल फोन तथा कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा जब्त की है। शेष नकदी और आभूषणों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
शेयर मार्केट के बहाने बढ़ाया संपर्क
जांच के दौरान यह पहलू भी सामने आया कि छात्रा की शेयर बाजार में रुचि थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने इसी विषय के माध्यम से उससे संपर्क बढ़ाया। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली है कि एक पुराने आपराधिक मामले में समझौता कराने का भरोसा देकर छात्रा से लगभग दो लाख रुपये अतिरिक्त लिए गए थे। इस दावे की भी जांच की जा रही है और पुलिस सभी वित्तीय लेनदेन का सत्यापन कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने छात्रा से लिए गए सोने-चांदी के आभूषणों को कम कीमत पर विभिन्न स्थानों पर गिरवी रख दिया। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जिनके पास ये गहने गिरवी रखे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी के बाद संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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दोस्ती के जाल में फंसाकर छात्रा से 14.50 लाख और 450 ग्राम सोना ऐंठा, चार आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर,(छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 17 वर्षीय छात्रा को पहले दोस्ती के नाम पर भरोसे में लिया गया और फिर उसे तथा उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर करीब एक वर्ष तक लाखों रुपये और सोने के आभूषण वसूले गए। पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने छात्रा से लगभग 14.50 लाख रुपये नकद और करीब 450 ग्राम सोने के जेवर हासिल किए। मामले में पुलिस ने ASI के बेटे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र का है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रा का विश्वास जीतने के बाद उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा और परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उससे पैसे और जेवर लेते रहे।
दोस्ती से शुरू हुआ ब्लैकमेल का सिलसिला
छात्रा की पहचान वर्ष 2025 की शुरुआत में कुछ युवकों से हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोस्ती हो गई। शुरुआत में छात्रा ने मित्रता के कारण उनकी आर्थिक मदद भी की, लेकिन बाद में आरोपियों ने इसी संबंध का फायदा उठाते हुए उसे धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि यदि छात्रा पैसे देने से मना करती या किसी को जानकारी देने की कोशिश करती, तो उसके परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचाने, हत्या कराने या सड़क दुर्घटना कराने जैसी धमकियां दी जाती थीं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण छात्रा भयभीत हो गई और उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा के दादा SECL के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और बैंक लॉकर का संचालन पोती को सौंप रखा था। आरोप है कि छात्रा ने इन्हीं खातों से अलग-अलग समय पर एटीएम और डिजिटल माध्यमों से करीब 14.50 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को दिए। इसके बाद घर के लॉकर में रखे लगभग 450 ग्राम सोने के आभूषण भी आरोपियों तक पहुंचाए गए।
पुलिस जांच में खुला पूरा मामला
थाना प्रभारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अचानक महंगे होटलों में खर्च कर रहे हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध युवकों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान एक छात्रा का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने छात्रा और उसके परिवार से बातचीत की, जिसमें पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। छात्रा के दादा ने भी बैंक खाते और लॉकर की जिम्मेदारी पोती को सौंपने की पुष्टि की।
नेपाल यात्रा और महंगी पार्टियों में खर्च की रकम
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग से हासिल की गई रकम का उपयोग ऐशो-आराम में किया। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल घूमने गए और नियमित रूप से महंगी पार्टियां करते थे। बताया गया कि एक पार्टी पर छह से दस हजार रुपये तक खर्च किए जाते थे। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, ऑनलाइन लेनदेन और खर्च के अन्य स्रोतों की भी जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की। जांच के बाद आयुष यादव, आदर्श शर्मा, प्रिंस साहू और आदित्य पांडेय को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये नकद, सोने की अंगूठियां, सोने की चेन, मोबाइल फोन तथा कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग की रकम से खरीदी गई एक एक्टिवा जब्त की है। शेष नकदी और आभूषणों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
शेयर मार्केट के बहाने बढ़ाया संपर्क
जांच के दौरान यह पहलू भी सामने आया कि छात्रा की शेयर बाजार में रुचि थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपियों ने इसी विषय के माध्यम से उससे संपर्क बढ़ाया। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान यह जानकारी भी मिली है कि एक पुराने आपराधिक मामले में समझौता कराने का भरोसा देकर छात्रा से लगभग दो लाख रुपये अतिरिक्त लिए गए थे। इस दावे की भी जांच की जा रही है और पुलिस सभी वित्तीय लेनदेन का सत्यापन कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने छात्रा से लिए गए सोने-चांदी के आभूषणों को कम कीमत पर विभिन्न स्थानों पर गिरवी रख दिया। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जिनके पास ये गहने गिरवी रखे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामदगी के बाद संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
