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सब्जी, दूध, किराना और कैब किराया..... पेट्रोल-डीजल महंगा होने से कहां-कहां जेब पर पड़ेगा असर
नेशनल डेस्क
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट, सब्जी, दूध, किराना और कैब किराए महंगे होने की आशंका, आम आदमी की जेब पर सीधा असर।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसके परिणाम आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी नजर आने लगे हैं। महंगे पेट्रोल-डीजल के चलते महंगाई फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इसका असर ट्रांसपोर्ट से लेकर किचन तक हर जगह पड़ेगा। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सुबह जैसे ही नए दर लागू हुए, लोग इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए देखे गए। कई लोगों का कहना था कि पहले ही उनके बजट को संभालना मुश्किल था, अब हालात और भी कठिन होने वाले हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से सबसे बड़ा प्रभाव माल ढुलाई पर पड़ता है। जब ट्रक, टैंकर और डिलीवरी वाहन अधिक खर्च में चलते हैं, तो उसका बोझ सीधे सामान की कीमतों पर पड़ता है। इससे सब्जी मंडियों से लेकर किराना दुकानों तक इसके असर धीरे-धीरे दिखने लगता है। ऐसा कहा जा रहा है कि सब्जी, दूध, फल और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की सप्लाई चेन पूरी तरह डीजल पर निर्भर करती है, ऐसे में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी पूरे बाजार को प्रभावित कर सकती है। सुबह के समय मंडियों में इस मुद्दे पर व्यापारी आपस में चर्चा कर रहे थे।
कई ट्रांसपोर्टर बताते हैं कि डीजल उनके काम की लाइफलाइन है और हर लीटर में बढ़ोतरी से उनके खर्च में सीधा इजाफा होता है। मजबूरी में उन्हें किराया बढ़ाना पड़ता है, जिसका असर अंततः आम ग्राहकों पर भी पड़ता है। कैब और बाइक एग्रीगेटर कंपनियां भी मौजूदा हालात को देखते हुए किराया बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं। वहीं, बसों का किराया भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दवा और मेडिकल सप्लाई पर इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, क्योंकि लॉजिस्टिक्स खर्च के बढ़ने से सप्लाई कॉस्ट भी ऊपर जाती है।
इस बीच, आम उपभोक्ताओं को यह चिंता भी सता रही है कि ग्रॉसरी, पैकेज्ड फूड और कुछ हद तक फ्लाइट टिकट भी महंगे हो सकते हैं। किसानों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खेती में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर और मशीनें भी डीजल पर निर्भर हैं। यानी उत्पादन लागत बढ़ेगी, और इसका असर बाजार में महसूस किया जाएगा। कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ोतरी धीरे-धीरे हर घर के बजट में एक नई चुनौती जोड़ती दिखाई दे रही है।
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सब्जी, दूध, किराना और कैब किराया..... पेट्रोल-डीजल महंगा होने से कहां-कहां जेब पर पड़ेगा असर
नेशनल डेस्क
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसके परिणाम आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी नजर आने लगे हैं। महंगे पेट्रोल-डीजल के चलते महंगाई फिर से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि इसका असर ट्रांसपोर्ट से लेकर किचन तक हर जगह पड़ेगा। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सुबह जैसे ही नए दर लागू हुए, लोग इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए देखे गए। कई लोगों का कहना था कि पहले ही उनके बजट को संभालना मुश्किल था, अब हालात और भी कठिन होने वाले हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी से सबसे बड़ा प्रभाव माल ढुलाई पर पड़ता है। जब ट्रक, टैंकर और डिलीवरी वाहन अधिक खर्च में चलते हैं, तो उसका बोझ सीधे सामान की कीमतों पर पड़ता है। इससे सब्जी मंडियों से लेकर किराना दुकानों तक इसके असर धीरे-धीरे दिखने लगता है। ऐसा कहा जा रहा है कि सब्जी, दूध, फल और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की सप्लाई चेन पूरी तरह डीजल पर निर्भर करती है, ऐसे में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी पूरे बाजार को प्रभावित कर सकती है। सुबह के समय मंडियों में इस मुद्दे पर व्यापारी आपस में चर्चा कर रहे थे।
कई ट्रांसपोर्टर बताते हैं कि डीजल उनके काम की लाइफलाइन है और हर लीटर में बढ़ोतरी से उनके खर्च में सीधा इजाफा होता है। मजबूरी में उन्हें किराया बढ़ाना पड़ता है, जिसका असर अंततः आम ग्राहकों पर भी पड़ता है। कैब और बाइक एग्रीगेटर कंपनियां भी मौजूदा हालात को देखते हुए किराया बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं। वहीं, बसों का किराया भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। दवा और मेडिकल सप्लाई पर इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, क्योंकि लॉजिस्टिक्स खर्च के बढ़ने से सप्लाई कॉस्ट भी ऊपर जाती है।
इस बीच, आम उपभोक्ताओं को यह चिंता भी सता रही है कि ग्रॉसरी, पैकेज्ड फूड और कुछ हद तक फ्लाइट टिकट भी महंगे हो सकते हैं। किसानों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खेती में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर और मशीनें भी डीजल पर निर्भर हैं। यानी उत्पादन लागत बढ़ेगी, और इसका असर बाजार में महसूस किया जाएगा। कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल की यह बढ़ोतरी धीरे-धीरे हर घर के बजट में एक नई चुनौती जोड़ती दिखाई दे रही है।
