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आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026: वैशाख शुक्ल अष्टमी पर जानें शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
राहुकाल, नक्षत्र और पूजा का सही समय जानें आज वैशाख शुक्ल अष्टमी के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग, जानिए दिनभर के शुभ-अशुभ समय। आज का दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सही मुहूर्त में किए गए कार्य बेहतर फल दे सकते हैं।
24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026 के अनुसार वैशाख माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि का संयोग बन रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र और शूल योग का प्रभाव रहेगा, जो धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। सूर्य मेष राशि में स्थित हैं और चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि देखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अष्टमी तिथि सायं 7:21 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। वहीं पुष्य नक्षत्र रात्रि 8:14 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दिन बगलामुखी जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
दिनभर के शुभ-अशुभ समय
आज के पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:19 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।
अमृत काल दोपहर 2:01 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय है।वहीं राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए या शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति और प्रभाव
आज चंद्रमा कर्क राशि में पूरे दिन गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक संवेदनशीलता और भावनात्मक सोच में बढ़ोतरी हो सकती है। सूर्य मेष राशि में रहकर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ और पोषण देने वाला नक्षत्र माना जाता है। इसका स्वामी शनिदेव है और देवता बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और धर्म का प्रतीक हैं। इस नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक लाभ देने वाले माने जाते हैं।
धार्मिक महत्व
वैशाख शुक्ल अष्टमी के दिन बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। यह दिन शक्ति उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता लक्ष्मी और देवी बगलामुखी की पूजा करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।
इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। सफेद वस्त्र, चावल या मिठाई का दान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
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आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026: वैशाख शुक्ल अष्टमी पर जानें शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को आज का पंचांग 24 अप्रैल 2026 के अनुसार वैशाख माह की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि का संयोग बन रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र और शूल योग का प्रभाव रहेगा, जो धार्मिक अनुष्ठानों और पूजन के लिए विशेष महत्व रखता है। सूर्य मेष राशि में स्थित हैं और चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि देखी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अष्टमी तिथि सायं 7:21 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। वहीं पुष्य नक्षत्र रात्रि 8:14 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दिन बगलामुखी जयंती भी मनाई जा रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
दिनभर के शुभ-अशुभ समय
आज के पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:19 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है।
अमृत काल दोपहर 2:01 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय है।वहीं राहुकाल सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए या शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक और यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति और प्रभाव
आज चंद्रमा कर्क राशि में पूरे दिन गोचर कर रहे हैं, जिससे मानसिक संवेदनशीलता और भावनात्मक सोच में बढ़ोतरी हो सकती है। सूर्य मेष राशि में रहकर आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ और पोषण देने वाला नक्षत्र माना जाता है। इसका स्वामी शनिदेव है और देवता बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और धर्म का प्रतीक हैं। इस नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक लाभ देने वाले माने जाते हैं।
धार्मिक महत्व
वैशाख शुक्ल अष्टमी के दिन बगलामुखी जयंती मनाई जाती है। यह दिन शक्ति उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता लक्ष्मी और देवी बगलामुखी की पूजा करने से जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है।
इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। सफेद वस्त्र, चावल या मिठाई का दान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
