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सूर्यकुमार यादव ने पहली बार कप्तानी हटने पर तोड़ी चुप्पी, बोले- डेढ़ महीने तक सोचता रहा ऐसा कैसे हुआ
स्पोर्ट्स डेस्क
टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद कप्तानी से हटाए गए सूर्यकुमार को उम्मीद थी कि वह 2028 ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक टीम की अगुआई करेंगे
भारतीय क्रिकेट टीम की टी20 कप्तानी गंवाने के बाद सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व कप्तान ने बताया कि चयनकर्ताओं के फैसले के बाद वह करीब डेढ़ महीने तक इस बात पर विचार करते रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया। उनकी योजना लंबे समय तक टीम की कमान संभालने की थी, लेकिन घटनाक्रम उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान सूर्यकुमार ने कहा कि उन्हें लगा था कि टी20 टीम के साथ उनका सफर आगे जारी रहेगा। उनका मानना था कि वह 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और उसके बाद होने वाले टी20 वर्ल्ड कप तक टीम को लीड कर सकते हैं। सूर्यकुमार ने बताया कि जब उन्हें टीम से बाहर किए जाने की जानकारी मिली तो उनके मन में कई सवाल थे। उन्होंने लंबे समय तक इस फैसले को समझने की कोशिश की। उनके मुताबिक, उन्होंने करीब डेढ़ महीने तक घर पर रहकर यही सोचा कि परिस्थितियां इस मोड़ तक कैसे पहुंचीं।
टी20 वर्ल्ड कप के बाद बदला नेतृत्व
भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप में खिताब जीता था और उस अभियान में सूर्यकुमार यादव टीम के कप्तान थे। इसके बाद जून में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हुआ तो श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया गया और सूर्यकुमार को टीम में जगह नहीं मिली। BCCI की घोषित टीम में अय्यर कप्तान और तिलक वर्मा उप-कप्तान थे। इस बदलाव ने सूर्यकुमार के टी20 नेतृत्व का दौर खत्म कर दिया। ICC के मुताबिक, उनके नेतृत्व में भारत ने 2026 वर्ल्ड कप से पहले भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था और कप्तानी के दौरान टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता।
सूर्यकुमार को लंबे सफर की उम्मीद थी
सूर्यकुमार की बातचीत से यह साफ हुआ कि उन्होंने कप्तानी को केवल अगले कुछ मैचों या एक सीरीज तक सीमित नहीं माना था। वह टीम को आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी लीड करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि टीम के साथ करीब दो साल काम करने के बाद उन्हें लगा था कि अब वह इसे आगे ले जा सकते हैं। उनके सामने ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े लक्ष्य थे। हालांकि, चयन समिति ने नेतृत्व में बदलाव का फैसला लिया।
चयनकर्ताओं ने अय्यर को सौंपी कमान
6 जून को घोषित भारत की टी20 टीम में श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया। सूर्यकुमार यादव को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया। बाद में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा और आयरलैंड के खिलाफ भी टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ICC ने भी इस बदलाव को सूर्यकुमार की कप्तानी से अय्यर को जिम्मेदारी सौंपे जाने के रूप में दर्ज किया है।
फॉर्म भी बना था चयन का मुद्दा
सूर्यकुमार के नेतृत्व में भारत को टी20 में सफलता मिली, लेकिन उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर सवाल भी उठे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, 2025 में वह भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं बना सके थे। इसी प्रदर्शन को टीम चयन और आगे की योजनाओं के संदर्भ में चर्चा का विषय बनाया गया। इसके बावजूद सूर्यकुमार ने अपने बयान में चयन समिति के फैसले का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी अपनी सोच और चयनकर्ताओं की सोच अलग हो सकती है। उनके मुताबिक, अगर चयनकर्ताओं को नेतृत्व में बदलाव बेहतर विकल्प लगा, तो वह उनका निर्णय था।
कप्तानी से बाहर होने के बाद टीम में भी नहीं मिली जगह
सूर्यकुमार के लिए बदलाव केवल कप्तानी तक सीमित नहीं रहा। अय्यर की कप्तानी वाली आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज की टीम में भी उनका नाम नहीं था। BCCI के आधिकारिक स्क्वाड में अय्यर के साथ तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया था। सूर्यकुमार ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने लिए एक अप्रत्याशित मोड़ बताया। उनके बयान में यह भी सामने आया कि वह टीम की कप्तानी को आगे बढ़ाने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए योजना बनाने की मानसिकता में थे, लेकिन चयन समिति ने अलग दिशा में फैसला लिया।
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