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हरारे में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला गरजा, 81 रन की विस्फोटक पारी से भारत ने बनाई मजबूत नींव
स्पोर्ट्स डेस्क
जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी-20 में युवा बल्लेबाज ने चौकों-छक्कों की बारिश की, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने भी अहम योगदान दिया, 18 ओवर तक भारत का स्कोर 172/4
भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले जा रहे तीसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने शुरुआती झटकों के बावजूद तेजी से रन बटोरे और मध्य ओवरों तक मजबूत स्थिति बना ली। इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी रही, जिन्होंने बेखौफ अंदाज में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
पारी की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और शुरुआती ओवरों में ही टीम को पहला झटका लग गया। ब्लेसिंग मुजरबानी ने उन्हें केवल 2 रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को दबाव में डालने की कोशिश की। शुरुआती विकेट गिरने के बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने कुछ समय तक कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने मैच का रुख बदल दिया।
युवा बल्लेबाज ने शुरुआत में परिस्थितियों को समझते हुए संयम दिखाया और फिर धीरे-धीरे अपने हाथ खोल दिए। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स देखने को मिले। उन्होंने कवर ड्राइव, पुल शॉट, फ्लिक और स्ट्रेट ड्राइव जैसे कई बेहतरीन स्ट्रोक लगाए। स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ उनका आत्मविश्वास साफ नजर आया।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी 81 रन की पारी के दौरान 49 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने 8 शानदार चौके और 4 लंबे छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और धैर्य का संतुलन देखने को मिला। उन्होंने बीच के ओवरों में रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा, जिससे भारतीय टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखाई दी।
हालांकि शानदार लय में नजर आ रहे सूर्यवंशी अपने शतक तक नहीं पहुंच सके। जब वे तेजी से रन बना रहे थे, तभी जिम्बाब्वे ने उन्हें रोकने में सफलता हासिल की। मदेवेरे की गेंद पर ब्रैड इवांस ने शानदार कैच लपककर उनकी यादगार पारी का अंत किया। पवेलियन लौटते समय पूरा स्टेडियम उनकी बल्लेबाजी की सराहना करता नजर आया।
दूसरे छोर पर ईशान किशन ने भी तेज शुरुआत देने की कोशिश की। उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को बनाए रखा। हालांकि वे बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। ईशान 29 रन बनाकर सिकंदर रजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। उनके आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी के लिए आए।
श्रेयस अय्यर ने मैदान पर उतरते ही सकारात्मक रवैया अपनाया और कुछ अच्छे शॉट्स खेलने की कोशिश की। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन गति को बनाए रखा, लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। ब्रैड इवांस ने उन्हें अपना शिकार बनाकर भारत को चौथा झटका दिया। जिम्बाब्वे के लिए यह विकेट काफी अहम माना गया क्योंकि श्रेयस अंत के ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही रन गति को प्राथमिकता दी। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद टीम ने दबाव महसूस नहीं होने दिया। वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम लगातार बड़े स्कोर की दिशा में बढ़ती रही। मैदान के हर हिस्से में खेले गए उनके शॉट्स ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को रक्षात्मक रणनीति अपनाने पर मजबूर कर दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने नई गेंद से अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि सिकंदर रजा ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। ब्रैड इवांस ने भी अहम समय पर विकेट लेकर भारतीय टीम की रन गति पर कुछ हद तक अंकुश लगाने की कोशिश की। वहीं मदेवेरे ने भी गेंदबाजी में योगदान देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
18 ओवर की समाप्ति तक भारतीय टीम 4 विकेट खोकर 172 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंच चुकी थी। आखिरी दो ओवरों में टीम की कोशिश रन गति को और तेज करने की थी ताकि जिम्बाब्वे के सामने बड़ा लक्ष्य रखा जा सके। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज अंतिम ओवरों में बड़े शॉट खेलने की तैयारी में नजर आए और भारतीय ड्रेसिंग रूम की निगाहें भी अंतिम ओवरों में अधिक से अधिक रन जोड़ने पर टिकी रहीं।
यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी से न केवल चयनकर्ताओं बल्कि क्रिकेट प्रेमियों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और बड़े शॉट खेलने की क्षमता साफ दिखाई दी। टी-20 प्रारूप में जिस तरह की निडर बल्लेबाजी की जरूरत होती है, वैभव ने उसी अंदाज में अपनी पारी को आगे बढ़ाया।
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हरारे में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला गरजा, 81 रन की विस्फोटक पारी से भारत ने बनाई मजबूत नींव
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले जा रहे तीसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने शुरुआती झटकों के बावजूद तेजी से रन बटोरे और मध्य ओवरों तक मजबूत स्थिति बना ली। इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी रही, जिन्होंने बेखौफ अंदाज में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
पारी की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके और शुरुआती ओवरों में ही टीम को पहला झटका लग गया। ब्लेसिंग मुजरबानी ने उन्हें केवल 2 रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को दबाव में डालने की कोशिश की। शुरुआती विकेट गिरने के बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने कुछ समय तक कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने मैच का रुख बदल दिया।
युवा बल्लेबाज ने शुरुआत में परिस्थितियों को समझते हुए संयम दिखाया और फिर धीरे-धीरे अपने हाथ खोल दिए। जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, वैसे-वैसे मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स देखने को मिले। उन्होंने कवर ड्राइव, पुल शॉट, फ्लिक और स्ट्रेट ड्राइव जैसे कई बेहतरीन स्ट्रोक लगाए। स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ उनका आत्मविश्वास साफ नजर आया।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी 81 रन की पारी के दौरान 49 गेंदों का सामना किया। इस दौरान उन्होंने 8 शानदार चौके और 4 लंबे छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और धैर्य का संतुलन देखने को मिला। उन्होंने बीच के ओवरों में रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा, जिससे भारतीय टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखाई दी।
हालांकि शानदार लय में नजर आ रहे सूर्यवंशी अपने शतक तक नहीं पहुंच सके। जब वे तेजी से रन बना रहे थे, तभी जिम्बाब्वे ने उन्हें रोकने में सफलता हासिल की। मदेवेरे की गेंद पर ब्रैड इवांस ने शानदार कैच लपककर उनकी यादगार पारी का अंत किया। पवेलियन लौटते समय पूरा स्टेडियम उनकी बल्लेबाजी की सराहना करता नजर आया।
दूसरे छोर पर ईशान किशन ने भी तेज शुरुआत देने की कोशिश की। उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को बनाए रखा। हालांकि वे बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। ईशान 29 रन बनाकर सिकंदर रजा की गेंद पर बोल्ड हो गए। उनके आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर बल्लेबाजी के लिए आए।
श्रेयस अय्यर ने मैदान पर उतरते ही सकारात्मक रवैया अपनाया और कुछ अच्छे शॉट्स खेलने की कोशिश की। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन गति को बनाए रखा, लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। ब्रैड इवांस ने उन्हें अपना शिकार बनाकर भारत को चौथा झटका दिया। जिम्बाब्वे के लिए यह विकेट काफी अहम माना गया क्योंकि श्रेयस अंत के ओवरों में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय बल्लेबाजों ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही रन गति को प्राथमिकता दी। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद टीम ने दबाव महसूस नहीं होने दिया। वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम लगातार बड़े स्कोर की दिशा में बढ़ती रही। मैदान के हर हिस्से में खेले गए उनके शॉट्स ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को रक्षात्मक रणनीति अपनाने पर मजबूर कर दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने नई गेंद से अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि सिकंदर रजा ने बीच के ओवरों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। ब्रैड इवांस ने भी अहम समय पर विकेट लेकर भारतीय टीम की रन गति पर कुछ हद तक अंकुश लगाने की कोशिश की। वहीं मदेवेरे ने भी गेंदबाजी में योगदान देते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
18 ओवर की समाप्ति तक भारतीय टीम 4 विकेट खोकर 172 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंच चुकी थी। आखिरी दो ओवरों में टीम की कोशिश रन गति को और तेज करने की थी ताकि जिम्बाब्वे के सामने बड़ा लक्ष्य रखा जा सके। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज अंतिम ओवरों में बड़े शॉट खेलने की तैयारी में नजर आए और भारतीय ड्रेसिंग रूम की निगाहें भी अंतिम ओवरों में अधिक से अधिक रन जोड़ने पर टिकी रहीं।
यह मुकाबला युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी से न केवल चयनकर्ताओं बल्कि क्रिकेट प्रेमियों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और बड़े शॉट खेलने की क्षमता साफ दिखाई दी। टी-20 प्रारूप में जिस तरह की निडर बल्लेबाजी की जरूरत होती है, वैभव ने उसी अंदाज में अपनी पारी को आगे बढ़ाया।
