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छत्तीसगढ़ से जाने वाली 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें हुईं कैंसिल, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल, कई ट्रेनों का रूट बदला गया। बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल लाइन काम से बड़ा असर।
छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर आई है। रेलवे ने बताया है कि बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के काम की वजह से 7 से 19 जून के बीच 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों पर रद्द किया जाएगा। इसके अलावा, 8 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है, 6 ट्रेनें बीच में ही रुकेंगी और 5 ट्रेनें देरी से चलेंगी। तो कुल मिलाकर 77 ट्रेनों पर इसका असर पड़ेगा। यह न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान के यात्रियों के लिए भी काफी परेशानी बना सकता है। समर सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच ऐसी अचानक ट्रेनें कैंसिल होना बड़ी दिक्कत बन गई है। रेलवे का कहना है कि ये कदम जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर काम के चलते उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इसी सिलसिले में चांपा स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने के लिए 7 से 19 जून तक अलग-अलग दिनों में तकनीकी काम किया जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह रूट देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है, जो उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है। काम के दौरान ट्रैफिक ब्लॉक लेना जरूरी होता है, इसीलिए कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर असर पड़ा है। ट्रेनें जैसे दुरंतो एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसMT एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस अपने नए रूट से चलाई जाएंगी, जबकि कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में ही रुकेंगी। रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर जैसे स्टेशनों पर इसका सीधा असर होगा और यात्री लगातार पूछताछ केंद्रों पर जानकारी लेते दिख रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की हैं। हसदेव एक्सप्रेस को इस दौरान बिलासपुर और कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का फैसला किया गया है, ताकि स्थानीय यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई ट्रेनों का समय बदला गया है और कुछ ट्रेनें 1 से 3 घंटे तक की देरी से चलेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट करीब 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का हिस्सा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे काम पूरा होगा, इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड और संख्या दोनों में सुधार होगा और देरी की समस्या भी कम हो जाएगी। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर चेक कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
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रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर आई है। रेलवे ने बताया है कि बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन पर चौथी रेल लाइन के काम की वजह से 7 से 19 जून के बीच 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों पर रद्द किया जाएगा। इसके अलावा, 8 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है, 6 ट्रेनें बीच में ही रुकेंगी और 5 ट्रेनें देरी से चलेंगी। तो कुल मिलाकर 77 ट्रेनों पर इसका असर पड़ेगा। यह न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान के यात्रियों के लिए भी काफी परेशानी बना सकता है। समर सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच ऐसी अचानक ट्रेनें कैंसिल होना बड़ी दिक्कत बन गई है। रेलवे का कहना है कि ये कदम जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर काम के चलते उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेल सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। इसी सिलसिले में चांपा स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने के लिए 7 से 19 जून तक अलग-अलग दिनों में तकनीकी काम किया जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह रूट देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक है, जो उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है। काम के दौरान ट्रैफिक ब्लॉक लेना जरूरी होता है, इसीलिए कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर असर पड़ा है। ट्रेनें जैसे दुरंतो एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसMT एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस अपने नए रूट से चलाई जाएंगी, जबकि कुछ ट्रेनें बीच रास्ते में ही रुकेंगी। रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर जैसे स्टेशनों पर इसका सीधा असर होगा और यात्री लगातार पूछताछ केंद्रों पर जानकारी लेते दिख रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की हैं। हसदेव एक्सप्रेस को इस दौरान बिलासपुर और कोरबा के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलाने का फैसला किया गया है, ताकि स्थानीय यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई ट्रेनों का समय बदला गया है और कुछ ट्रेनें 1 से 3 घंटे तक की देरी से चलेंगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट करीब 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का हिस्सा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे काम पूरा होगा, इस रूट पर ट्रेनों की स्पीड और संख्या दोनों में सुधार होगा और देरी की समस्या भी कम हो जाएगी। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर चेक कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
