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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर, रायपुर में 45 डिग्री का अलर्ट; कई जिलों में लू, दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश
रायपुर (छ.ग.)
मौसम विभाग की चेतावनी, बिलासपुर में 44.4 डिग्री दर्ज; तीन दिन तक राहत नहीं, फिर गिर सकता है तापमान
छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दक्षिणी क्षेत्रों में हल्की बारिश से कुछ राहत के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताते हुए ग्रीष्म लहर का अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन गर्मी का प्रभाव लगातार बना हुआ है। रविवार को बिलासपुर में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रायपुर में 44.2 डिग्री, दुर्ग में 43.9 डिग्री और माना एयरपोर्ट क्षेत्र में 43.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा रहा और लोग धूप से बचने के लिए सिर ढककर या छाता लेकर निकलते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा, जिससे रात में भी उमस और गर्मी बनी रहेगी।
हालांकि बस्तर सहित दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में स्थिति अलग है। यहां बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में तीन अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजनांदगांव इस सीजन में सबसे अधिक तापमान दर्ज करने वाले जिलों में शामिल रहा है, जहां हाल के दिनों में पारा 45 डिग्री से ऊपर पहुंचा। हालांकि रविवार के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं होने से स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास गिरावट की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
यह स्थिति आम जनजीवन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य, जल संकट और कामकाज पर पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ में मौसम का यह मिला-जुला रुख जारी रहेगा, जहां एक ओर गर्मी का दबाव बना रहेगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश अस्थायी राहत देती नजर आएगी।
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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर, रायपुर में 45 डिग्री का अलर्ट; कई जिलों में लू, दक्षिणी हिस्सों में हल्की बारिश
रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में जहां भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दक्षिणी क्षेत्रों में हल्की बारिश से कुछ राहत के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताते हुए ग्रीष्म लहर का अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन गर्मी का प्रभाव लगातार बना हुआ है। रविवार को बिलासपुर में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रायपुर में 44.2 डिग्री, दुर्ग में 43.9 डिग्री और माना एयरपोर्ट क्षेत्र में 43.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में लगातार दूसरे दिन तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा रहा और लोग धूप से बचने के लिए सिर ढककर या छाता लेकर निकलते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा, जिससे रात में भी उमस और गर्मी बनी रहेगी।
हालांकि बस्तर सहित दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में स्थिति अलग है। यहां बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में तीन अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजनांदगांव इस सीजन में सबसे अधिक तापमान दर्ज करने वाले जिलों में शामिल रहा है, जहां हाल के दिनों में पारा 45 डिग्री से ऊपर पहुंचा। हालांकि रविवार के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं होने से स्थिति को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास गिरावट की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
यह स्थिति आम जनजीवन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। लगातार बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य, जल संकट और कामकाज पर पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ में मौसम का यह मिला-जुला रुख जारी रहेगा, जहां एक ओर गर्मी का दबाव बना रहेगा, वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश अस्थायी राहत देती नजर आएगी।
