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रामानुजगंज में हाथियों का कहर, 3 एकड़ फसल रौंदी और 30 क्विंटल गेहूं नष्ट, ग्रामीणों में दहशत
बलरामपुर (छ.ग.)
तीन हाथियों के दल ने फार्म हाउस में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया, वन विभाग ने शुरू किया आकलन और निगरानी
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात एक बार फिर सामने आया है। बुधवार तड़के तीन हाथियों के एक दल ने वार्ड क्रमांक-1 स्थित एक फार्म हाउस में घुसकर करीब तीन एकड़ में खड़ी और रखी गई फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस घटना में लगभग 25 से 30 क्विंटल गेहूं बर्बाद हो गया, जिससे स्थानीय किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, खेत में कटाई के बाद गेहूं को थ्रेसिंग के लिए रखा गया था, लेकिन मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण काम पूरा नहीं हो सका था। इसी दौरान जंगल से आए तीन हाथियों ने फेंसिंग तोड़कर फार्म हाउस में प्रवेश किया और फसल को रौंदने के साथ-साथ कई हिस्सों में खा भी लिया। हाथियों ने वहां लगे केले के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना के समय फार्म हाउस का चौकीदार पास ही मौजूद था, लेकिन हाथियों की अचानक आवाजाही के कारण वह सुरक्षित दूरी पर रहा। कुछ समय तक खेत में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का दल वापस जंगल की ओर लौट गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया। विभाग ने पंचनामा तैयार कर आगे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
वन विभाग के अनुसार, पिछले कई दिनों से लगभग 20 हाथियों का एक दल इस क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है। इस दल में करीब 7 नर, 10 मादा और 5 शावक शामिल बताए जा रहे हैं। यह दल पिछले 12 दिनों से अलग-अलग गांवों और जंगल क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इससे पहले भी इसी हाथी दल के हमले में एक किशोरी की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में दहशत और बढ़ गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है और प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराई जा रही है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र की रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी लोकेशन ट्रैक कर ग्रामीणों को समय-समय पर अलर्ट किया जा रहा है।
फिलहाल हाथियों के इस दल की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और किसान अपनी बची हुई फसलों को लेकर असमंजस में हैं।
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रामानुजगंज में हाथियों का कहर, 3 एकड़ फसल रौंदी और 30 क्विंटल गेहूं नष्ट, ग्रामीणों में दहशत
बलरामपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात एक बार फिर सामने आया है। बुधवार तड़के तीन हाथियों के एक दल ने वार्ड क्रमांक-1 स्थित एक फार्म हाउस में घुसकर करीब तीन एकड़ में खड़ी और रखी गई फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस घटना में लगभग 25 से 30 क्विंटल गेहूं बर्बाद हो गया, जिससे स्थानीय किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, खेत में कटाई के बाद गेहूं को थ्रेसिंग के लिए रखा गया था, लेकिन मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण काम पूरा नहीं हो सका था। इसी दौरान जंगल से आए तीन हाथियों ने फेंसिंग तोड़कर फार्म हाउस में प्रवेश किया और फसल को रौंदने के साथ-साथ कई हिस्सों में खा भी लिया। हाथियों ने वहां लगे केले के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना के समय फार्म हाउस का चौकीदार पास ही मौजूद था, लेकिन हाथियों की अचानक आवाजाही के कारण वह सुरक्षित दूरी पर रहा। कुछ समय तक खेत में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का दल वापस जंगल की ओर लौट गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया। विभाग ने पंचनामा तैयार कर आगे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
वन विभाग के अनुसार, पिछले कई दिनों से लगभग 20 हाथियों का एक दल इस क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है। इस दल में करीब 7 नर, 10 मादा और 5 शावक शामिल बताए जा रहे हैं। यह दल पिछले 12 दिनों से अलग-अलग गांवों और जंगल क्षेत्रों में सक्रिय है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और रात के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इससे पहले भी इसी हाथी दल के हमले में एक किशोरी की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में दहशत और बढ़ गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है और प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराई जा रही है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र की रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी लोकेशन ट्रैक कर ग्रामीणों को समय-समय पर अलर्ट किया जा रहा है।
फिलहाल हाथियों के इस दल की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और किसान अपनी बची हुई फसलों को लेकर असमंजस में हैं।
