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भिलाई बीजेपी में गुटबाजी तेज, मंडल अध्यक्षों की अलग बैठक
भिलाई (छ.ग.)
भिलाई बीजेपी विवाद के बीच 10 मंडल अध्यक्ष नई सूची के साथ कार्यालय पहुंचे, बंद कमरे में रणनीति बैठक भिलाई में संगठनात्मक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। नई सूची को लेकर पार्टी के भीतर टकराव गहराता दिख रहा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को 10 मंडल अध्यक्ष अपने-अपने नव नियुक्त पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और यहां बंद कमरे में बैठक शुरू कर दी। यह घटनाक्रम उस समय हुआ, जब हाल ही में जारी संगठनात्मक सूची को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ये सभी अध्यक्ष अपनी अलग सूची के आधार पर पदाधिकारियों को औपचारिक रूप से पद ग्रहण कराने की तैयारी में हैं, जिससे संगठन के भीतर समानांतर ढांचा बनने की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष द्वारा मंडल अध्यक्ष और महामंत्रियों की सूची जारी की गई थी, जिसे अगले ही दिन 13 में से 10 मंडल अध्यक्षों ने खारिज कर दिया था। इसके बाद से विवाद लगातार गहराता गया और अब यह खुली असहमति में बदल चुका है।
सूची पर विवाद
नई सूची को लेकर मंडल स्तर पर असंतोष सामने आया है।विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि सूची जारी करने से पहले उनसे चर्चा नहीं की गई, जिससे संगठनात्मक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी कारण मंडल अध्यक्षों ने अपनी अलग सूची जारी की और अब उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
बंद कमरे में बैठक
भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद मंडल अध्यक्षों और महामंत्रियों ने संयुक्त बैठक शुरू की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति और नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इस दौरान जिला अध्यक्ष और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही, क्योंकि वही नेता पहले आधिकारिक सूची जारी कर चुके थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही मंडल में दो-दो पदाधिकारियों की स्थिति से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक कामकाज प्रभावित हो सकता है।अब नजर पार्टी के जिला और प्रदेश नेतृत्व पर है कि वे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं। फिलहाल, भिलाई बीजेपी गुटबाजी का मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी दिशा काफी हद तक नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगी।
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भिलाई बीजेपी में गुटबाजी तेज, मंडल अध्यक्षों की अलग बैठक
भिलाई (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को 10 मंडल अध्यक्ष अपने-अपने नव नियुक्त पदाधिकारियों के साथ भाजपा कार्यालय पहुंचे और यहां बंद कमरे में बैठक शुरू कर दी। यह घटनाक्रम उस समय हुआ, जब हाल ही में जारी संगठनात्मक सूची को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ये सभी अध्यक्ष अपनी अलग सूची के आधार पर पदाधिकारियों को औपचारिक रूप से पद ग्रहण कराने की तैयारी में हैं, जिससे संगठन के भीतर समानांतर ढांचा बनने की स्थिति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल को भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष द्वारा मंडल अध्यक्ष और महामंत्रियों की सूची जारी की गई थी, जिसे अगले ही दिन 13 में से 10 मंडल अध्यक्षों ने खारिज कर दिया था। इसके बाद से विवाद लगातार गहराता गया और अब यह खुली असहमति में बदल चुका है।
सूची पर विवाद
नई सूची को लेकर मंडल स्तर पर असंतोष सामने आया है।विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि सूची जारी करने से पहले उनसे चर्चा नहीं की गई, जिससे संगठनात्मक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी कारण मंडल अध्यक्षों ने अपनी अलग सूची जारी की और अब उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
बंद कमरे में बैठक
भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद मंडल अध्यक्षों और महामंत्रियों ने संयुक्त बैठक शुरू की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति और नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इस दौरान जिला अध्यक्ष और युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही, क्योंकि वही नेता पहले आधिकारिक सूची जारी कर चुके थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही मंडल में दो-दो पदाधिकारियों की स्थिति से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बन सकती है और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक कामकाज प्रभावित हो सकता है।अब नजर पार्टी के जिला और प्रदेश नेतृत्व पर है कि वे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं। फिलहाल, भिलाई बीजेपी गुटबाजी का मामला स्थानीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसकी दिशा काफी हद तक नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगी।
