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दुर्ग में अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 मजदूर मिले
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग गुटखा फैक्ट्री मामले में ‘मुसाफिर’ ब्रांड के नाम पर अवैध उत्पादन, लाइसेंस की जांच तेजछत्तीसगढ़ में गुटखा के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
दुर्ग जिले में अवैध गुटखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। दुर्ग गुटखा फैक्ट्री मामले में नंदिनी थाना क्षेत्र के बासिन गांव में संचालित इस यूनिट में ‘मुसाफिर’ और ‘M4’ ब्रांड के नाम पर जर्दा युक्त गुटखे का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से 13 मजदूर मिले, जो अलग-अलग राज्यों से यहां काम करने आए थे।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री पिछले कुछ समय से गुपचुप तरीके से संचालित हो रही थी और अप्रैल की शुरुआत से बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में तैयार गुटखा, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और मशीनरी जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
लाइसेंस पर सवाल
जांच के दौरान ‘मुसाफिर’ ब्रांड के पैकेट पर कुम्हारी स्थित ‘रजत सेल्स’ का लाइसेंस नंबर अंकित मिला है। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह यूनिट उसी कंपनी से जुड़ी है या फिर उसके नाम का दुरुपयोग कर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी जितेंद्र नेने के मुताबिक, यदि यह इकाई बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों से पूछताछ
छापेमारी के दौरान मिले 13 मजदूर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के बताए जा रहे हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और उन्हें यहां किसने लाकर काम पर लगाया। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से इस अवैध नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
फैक्ट्री का संचालक फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि मालिक के सामने आने या गिरफ्तारी के बाद ही आगे की धाराएं तय की जाएंगी।
इस दुर्ग गुटखा फैक्ट्री मामले ने एक बार फिर अवैध तंबाकू उत्पादों के बढ़ते कारोबार और उसकी निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के उत्पाद न केवल कर चोरी का कारण बनते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में डुप्लीकेट ब्रांडिंग या मिलावटी उत्पाद की पुष्टि होती है, तो फूड सेफ्टी एक्ट के साथ-साथ धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जांच जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दुर्ग गुटखा फैक्ट्री की यह कार्रवाई अवैध कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
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दुर्ग में अवैध गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 13 मजदूर मिले
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग जिले में अवैध गुटखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। दुर्ग गुटखा फैक्ट्री मामले में नंदिनी थाना क्षेत्र के बासिन गांव में संचालित इस यूनिट में ‘मुसाफिर’ और ‘M4’ ब्रांड के नाम पर जर्दा युक्त गुटखे का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से 13 मजदूर मिले, जो अलग-अलग राज्यों से यहां काम करने आए थे।
अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री पिछले कुछ समय से गुपचुप तरीके से संचालित हो रही थी और अप्रैल की शुरुआत से बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में तैयार गुटखा, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और मशीनरी जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
लाइसेंस पर सवाल
जांच के दौरान ‘मुसाफिर’ ब्रांड के पैकेट पर कुम्हारी स्थित ‘रजत सेल्स’ का लाइसेंस नंबर अंकित मिला है। अब अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह यूनिट उसी कंपनी से जुड़ी है या फिर उसके नाम का दुरुपयोग कर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी जितेंद्र नेने के मुताबिक, यदि यह इकाई बिना वैध लाइसेंस के संचालित पाई जाती है, तो संबंधित लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों से पूछताछ
छापेमारी के दौरान मिले 13 मजदूर मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के बताए जा रहे हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और उन्हें यहां किसने लाकर काम पर लगाया। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से इस अवैध नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सकती है।
फैक्ट्री का संचालक फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। प्रशासन का कहना है कि मालिक के सामने आने या गिरफ्तारी के बाद ही आगे की धाराएं तय की जाएंगी।
इस दुर्ग गुटखा फैक्ट्री मामले ने एक बार फिर अवैध तंबाकू उत्पादों के बढ़ते कारोबार और उसकी निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के उत्पाद न केवल कर चोरी का कारण बनते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में डुप्लीकेट ब्रांडिंग या मिलावटी उत्पाद की पुष्टि होती है, तो फूड सेफ्टी एक्ट के साथ-साथ धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जांच जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दुर्ग गुटखा फैक्ट्री की यह कार्रवाई अवैध कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
