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रायपुर पुलिस ने डॉलर गैंग का मास्टरमाइंड पकड़ा, फर्जी विदेशी मुद्रा सौदों से 22 वारदातें, 9 राज्यों में 3 करोड़ की ठगी
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर पुलिस ने 3 करोड़ की अंतरराज्यीय डॉलर ठगी का खुलासा कर मास्टरमाइंड अमन शर्मा को लखनऊ से गिरफ्तार किया। गिरोह 9 राज्यों में 22 वारदातों को अंजाम दे चुका था।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके मुख्य आरोपी अमन शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के अलग-अलग राज्यों में विदेशी मुद्रा के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था और अब तक कई राज्यों में सक्रिय रहा है।
शिकायत से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत ट्रैवल व्यवसायी हरदीप सिंह होरा की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें ‘हर्षित अग्रवाल’ नाम के व्यक्ति ने कॉल कर विदेश में होटल बुकिंग और करेंसी एक्सचेंज का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने भरोसा जीतकर उन्हें रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया। यहां विदेशी मुद्रा के बदले भारतीय रुपये देने का झांसा देकर उनसे करीब 19.47 लाख रुपये ले लिए गए और आरोपी मौके से फरार हो गए।
एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
शिकायत के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। इससे पहले पुलिस अमन शर्मा के भाई मयंक शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी थी। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों ने पुलिस को मुख्य आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
लखनऊ से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अमन शर्मा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने मॉल एवेन्यू रोड स्थित एक अपार्टमेंट में दबिश दी। आरोपी ने खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया था, लेकिन पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे रायपुर लाया गया।
9 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और उसके साथियों ने महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों में 22 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। इन घटनाओं में करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
ठगी का तरीका था सुनियोजित
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह फर्जी पहचान के साथ को-वर्किंग स्पेस या अस्थायी ऑफिस किराए पर लेता था। इसके बाद व्यापारियों को विदेशी मुद्रा के बदले रुपये देने का लालच देकर बुलाया जाता था। जब पीड़ित मौके पर पहुंचता, तो उससे नकद राशि लेकर आरोपी फरार हो जाते थे। इस पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन कॉलिंग ऐप्स के जरिए संचालित किया जाता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार इस सिंडिकेट में 18 से 20 सदस्य शामिल हैं, जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं। फिलहाल कई आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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रायपुर पुलिस ने डॉलर गैंग का मास्टरमाइंड पकड़ा, फर्जी विदेशी मुद्रा सौदों से 22 वारदातें, 9 राज्यों में 3 करोड़ की ठगी
रायपुर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके मुख्य आरोपी अमन शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के अलग-अलग राज्यों में विदेशी मुद्रा के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था और अब तक कई राज्यों में सक्रिय रहा है।
शिकायत से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत ट्रैवल व्यवसायी हरदीप सिंह होरा की शिकायत से हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें ‘हर्षित अग्रवाल’ नाम के व्यक्ति ने कॉल कर विदेश में होटल बुकिंग और करेंसी एक्सचेंज का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने भरोसा जीतकर उन्हें रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक को-वर्किंग स्पेस में बुलाया। यहां विदेशी मुद्रा के बदले भारतीय रुपये देने का झांसा देकर उनसे करीब 19.47 लाख रुपये ले लिए गए और आरोपी मौके से फरार हो गए।
एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
शिकायत के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। इससे पहले पुलिस अमन शर्मा के भाई मयंक शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी थी। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों ने पुलिस को मुख्य आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
लखनऊ से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अमन शर्मा उत्तर प्रदेश के लखनऊ में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने मॉल एवेन्यू रोड स्थित एक अपार्टमेंट में दबिश दी। आरोपी ने खुद को फ्लैट के अंदर बंद कर लिया था, लेकिन पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे रायपुर लाया गया।
9 राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और उसके साथियों ने महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों में 22 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। इन घटनाओं में करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
ठगी का तरीका था सुनियोजित
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह फर्जी पहचान के साथ को-वर्किंग स्पेस या अस्थायी ऑफिस किराए पर लेता था। इसके बाद व्यापारियों को विदेशी मुद्रा के बदले रुपये देने का लालच देकर बुलाया जाता था। जब पीड़ित मौके पर पहुंचता, तो उससे नकद राशि लेकर आरोपी फरार हो जाते थे। इस पूरे नेटवर्क को ऑनलाइन कॉलिंग ऐप्स के जरिए संचालित किया जाता था।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार इस सिंडिकेट में 18 से 20 सदस्य शामिल हैं, जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं। फिलहाल कई आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
