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रायपुर का स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम बेहाल, 48 कैमरे और 10 सिग्नल बंद
रायपुर (छ.ग.)
8 करोड़ रुपए का भुगतान अटकने से आईटीएमएस का संचालन प्रभावित, पीए सिस्टम और वीएमएस बोर्ड भी लंबे समय से खराब
रायपुर में करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किया गया स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लंबे समय से तकनीकी खराबियों और रखरखाव के अभाव से जूझ रहा है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस का संचालन और मेंटेनेंस संभालने वाली एलएंडटी कंपनी का करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान अटकने के बाद काम प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी भी अब नियमित रूप से सिस्टम की देखरेख नहीं कर रहे हैं। इसका असर शहर की निगरानी व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक सिग्नल और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तक दिखाई दे रहा है। आईटीएमएस के तहत रायपुर में 142 लोकेशन पर 549 सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। इनमें प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे 48 कैमरे पूरी तरह बंद बताए जा रहे हैं। करीब 15 अन्य कैमरों से फुटेज तो मिल रहा है, लेकिन तस्वीर साफ नहीं आने की शिकायत है।
शहर के जिन स्थानों पर कैमरे बंद पड़े हैं, उनमें तेलीबांधा चौक, डीडी नगर, पीडब्ल्यूडी चौक, स्वर्ण जयंती चौक, एसबीआई जोनल चौक, तेलीबांधा थाना, तेलीबांधा तालाब, आमापारा चौक, वीआईपी तिराहा, कैनाल चौक पंडरी, लाभांडी चौक और पहाड़ी चौक शामिल हैं। इन जगहों पर कैमरों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने से यातायात नियंत्रण और घटनाओं की रिकॉर्डिंग दोनों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा शहर के एक दर्जन से ज्यादा कैमरों में तकनीकी दिक्कत बताई जा रही है। कुछ जगहों पर फुटेज की क्वालिटी इतनी खराब है कि वाहनों या आसपास की गतिविधियों की स्पष्ट पहचान करना मुश्किल हो रहा है। आईटीएमएस का इस्तेमाल सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए नहीं होता। दुर्घटना, अपराध या किसी विवाद की स्थिति में कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच में भी काम आती है। ऐसे में लंबे समय तक कैमरों का बंद रहना पुलिस की निगरानी व्यवस्था के लिए भी परेशानी का विषय है। दूसरी तरफ स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों की स्थिति भी ठीक नहीं है।
रायपुर में करीब 50 स्थानों पर स्मार्ट सिग्नल लगाए गए हैं, जिनमें 10 जगहों पर सिस्टम काम नहीं कर रहा। वीआईपी तिराहा विधानसभा रोड, कैनाल चौक पंडरी, कपड़ा मार्केट टर्निंग और फायर ब्रिगेड चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सिग्नल खराब होने के कारण ट्रैफिक संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात करना पड़ रहा है। तेलीबांधा बाजार चौक समेत दूसरे स्थानों पर भी यही स्थिति बताई गई है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। शहर में पानी गिरने के दौरान कई जगहों पर सिग्नल बंद होने की शिकायत सामने आती है। ऐसे में पीक आवर में चौराहों पर यातायात संभालना पुलिस के लिए अतिरिक्त चुनौती बन जाता है। स्मार्ट सिस्टम का मकसद ही यह था कि ट्रैफिक का संचालन तकनीक के जरिए ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो, लेकिन खराब उपकरणों के कारण कई स्थानों पर व्यवस्था वापस मैनुअल तरीके से चलानी पड़ रही है।
आईटीएमएस से जुड़े पब्लिक एड्रेस यानी पीए सिस्टम की हालत भी खराब बताई जा रही है। शहर में करीब 45 स्थानों पर ऐसे सिस्टम लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल जाम, दुर्घटना, रूट डायवर्जन या किसी आपात स्थिति में वाहन चालकों और आम लोगों को जरूरी सूचना देने के लिए किया जाता है। इनमें 16 स्थानों के पीए सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। अग्रसेन चौक, आमापारा चौक, अवंति बाई चौक, आजाद चौक, बंजारी मार्केट गोलबाजार, मोतीबाग चौक, भारत माता चौक और कैनाल चौक पंडरी जैसे इलाकों में उद्घोषणा की सुविधा बंद है। देवेंद्र नगर चौक, मरही माता चौक, तेलीबांधा तालाब, पंडरी बस स्टैंड चौक, पुलिस लाइन धमतरी गेट चौक, पुरानी बस्ती थाना के पास, तात्यापारा चौक और बूढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक भी इस सूची में बताए गए हैं।
किसी बड़े ट्रैफिक डायवर्जन या अचानक पैदा हुई स्थिति में इन सिस्टमों से तुरंत सूचना देने की सुविधा रहती है। इनके खराब होने से पुलिस को मौके पर जाकर या दूसरे माध्यमों से वाहन चालकों तक जानकारी पहुंचानी पड़ती है। शहर में ट्रैफिक से संबंधित संदेश दिखाने के लिए लगाए गए एलईडी वीएमएस यानी वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हैं। कुल 16 स्थानों पर लगाए गए इन बोर्डों में चार बंद पड़े हैं। रेलवे स्टेशन चौक, बॉम्बे मार्केट गेट वे, लाखेनगर चौक और एयरपोर्ट पाइंट के वीएमएस बोर्ड खराब बताए जा रहे हैं। ये सभी ऐसे मार्ग हैं जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। किसी सड़क पर निर्माण कार्य, वीआईपी मूवमेंट, दुर्घटना या रूट डायवर्जन होने पर इन बोर्डों के जरिए वाहन चालकों को पहले से जानकारी दी जा सकती है। लेकिन बोर्ड बंद होने की स्थिति में यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।
आईटीएमएस को लेकर भुगतान का मामला भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। कैबिनेट के स्तर पर यह फैसला लिया गया था कि रायपुर पुलिस द्वारा सालभर में की जाने वाली चालानी कार्रवाई से मिलने वाली राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा आईटीएमएस के संचालन के लिए दिया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए सिस्टम के रखरखाव और जरूरी संसाधनों पर खर्च किया जाना था। आदेश को करीब एक साल बीतने के बावजूद लगभग 8 करोड़ रुपए की राशि जारी नहीं होने की बात सामने आई है। पिछले सप्ताह पुलिस विभाग की ओर से भी इस संबंध में पत्र भेजे जाने की जानकारी है। भुगतान अटकने के कारण कंपनी की ओर से संचालन और मेंटेनेंस प्रभावित होने की बात कही जा रही है। अब कैमरे, सिग्नल, पीए सिस्टम और वीएमएस बोर्ड की खराबी एक साथ सामने आने से स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। शहर में रोजाना बढ़ते ट्रैफिक के बीच पुलिस को कई जगहों पर तकनीकी सिस्टम की जगह कर्मचारियों के जरिए व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
रायपुर का स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम बेहाल, 48 कैमरे और 10 सिग्नल बंद
रायपुर (छ.ग.)
रायपुर में करोड़ों रुपए की लागत से तैयार किया गया स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लंबे समय से तकनीकी खराबियों और रखरखाव के अभाव से जूझ रहा है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस का संचालन और मेंटेनेंस संभालने वाली एलएंडटी कंपनी का करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान अटकने के बाद काम प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी भी अब नियमित रूप से सिस्टम की देखरेख नहीं कर रहे हैं। इसका असर शहर की निगरानी व्यवस्था से लेकर ट्रैफिक सिग्नल और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तक दिखाई दे रहा है। आईटीएमएस के तहत रायपुर में 142 लोकेशन पर 549 सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। इनमें प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे 48 कैमरे पूरी तरह बंद बताए जा रहे हैं। करीब 15 अन्य कैमरों से फुटेज तो मिल रहा है, लेकिन तस्वीर साफ नहीं आने की शिकायत है।
शहर के जिन स्थानों पर कैमरे बंद पड़े हैं, उनमें तेलीबांधा चौक, डीडी नगर, पीडब्ल्यूडी चौक, स्वर्ण जयंती चौक, एसबीआई जोनल चौक, तेलीबांधा थाना, तेलीबांधा तालाब, आमापारा चौक, वीआईपी तिराहा, कैनाल चौक पंडरी, लाभांडी चौक और पहाड़ी चौक शामिल हैं। इन जगहों पर कैमरों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होने से यातायात नियंत्रण और घटनाओं की रिकॉर्डिंग दोनों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा शहर के एक दर्जन से ज्यादा कैमरों में तकनीकी दिक्कत बताई जा रही है। कुछ जगहों पर फुटेज की क्वालिटी इतनी खराब है कि वाहनों या आसपास की गतिविधियों की स्पष्ट पहचान करना मुश्किल हो रहा है। आईटीएमएस का इस्तेमाल सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए नहीं होता। दुर्घटना, अपराध या किसी विवाद की स्थिति में कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच में भी काम आती है। ऐसे में लंबे समय तक कैमरों का बंद रहना पुलिस की निगरानी व्यवस्था के लिए भी परेशानी का विषय है। दूसरी तरफ स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नलों की स्थिति भी ठीक नहीं है।
रायपुर में करीब 50 स्थानों पर स्मार्ट सिग्नल लगाए गए हैं, जिनमें 10 जगहों पर सिस्टम काम नहीं कर रहा। वीआईपी तिराहा विधानसभा रोड, कैनाल चौक पंडरी, कपड़ा मार्केट टर्निंग और फायर ब्रिगेड चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सिग्नल खराब होने के कारण ट्रैफिक संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात करना पड़ रहा है। तेलीबांधा बाजार चौक समेत दूसरे स्थानों पर भी यही स्थिति बताई गई है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। शहर में पानी गिरने के दौरान कई जगहों पर सिग्नल बंद होने की शिकायत सामने आती है। ऐसे में पीक आवर में चौराहों पर यातायात संभालना पुलिस के लिए अतिरिक्त चुनौती बन जाता है। स्मार्ट सिस्टम का मकसद ही यह था कि ट्रैफिक का संचालन तकनीक के जरिए ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो, लेकिन खराब उपकरणों के कारण कई स्थानों पर व्यवस्था वापस मैनुअल तरीके से चलानी पड़ रही है।
आईटीएमएस से जुड़े पब्लिक एड्रेस यानी पीए सिस्टम की हालत भी खराब बताई जा रही है। शहर में करीब 45 स्थानों पर ऐसे सिस्टम लगाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल जाम, दुर्घटना, रूट डायवर्जन या किसी आपात स्थिति में वाहन चालकों और आम लोगों को जरूरी सूचना देने के लिए किया जाता है। इनमें 16 स्थानों के पीए सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। अग्रसेन चौक, आमापारा चौक, अवंति बाई चौक, आजाद चौक, बंजारी मार्केट गोलबाजार, मोतीबाग चौक, भारत माता चौक और कैनाल चौक पंडरी जैसे इलाकों में उद्घोषणा की सुविधा बंद है। देवेंद्र नगर चौक, मरही माता चौक, तेलीबांधा तालाब, पंडरी बस स्टैंड चौक, पुलिस लाइन धमतरी गेट चौक, पुरानी बस्ती थाना के पास, तात्यापारा चौक और बूढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक भी इस सूची में बताए गए हैं।
किसी बड़े ट्रैफिक डायवर्जन या अचानक पैदा हुई स्थिति में इन सिस्टमों से तुरंत सूचना देने की सुविधा रहती है। इनके खराब होने से पुलिस को मौके पर जाकर या दूसरे माध्यमों से वाहन चालकों तक जानकारी पहुंचानी पड़ती है। शहर में ट्रैफिक से संबंधित संदेश दिखाने के लिए लगाए गए एलईडी वीएमएस यानी वेरिएबल मैसेज साइन बोर्ड भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हैं। कुल 16 स्थानों पर लगाए गए इन बोर्डों में चार बंद पड़े हैं। रेलवे स्टेशन चौक, बॉम्बे मार्केट गेट वे, लाखेनगर चौक और एयरपोर्ट पाइंट के वीएमएस बोर्ड खराब बताए जा रहे हैं। ये सभी ऐसे मार्ग हैं जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। किसी सड़क पर निर्माण कार्य, वीआईपी मूवमेंट, दुर्घटना या रूट डायवर्जन होने पर इन बोर्डों के जरिए वाहन चालकों को पहले से जानकारी दी जा सकती है। लेकिन बोर्ड बंद होने की स्थिति में यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहती।
आईटीएमएस को लेकर भुगतान का मामला भी लंबे समय से लंबित बताया जा रहा है। कैबिनेट के स्तर पर यह फैसला लिया गया था कि रायपुर पुलिस द्वारा सालभर में की जाने वाली चालानी कार्रवाई से मिलने वाली राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा आईटीएमएस के संचालन के लिए दिया जाएगा। इस व्यवस्था के जरिए सिस्टम के रखरखाव और जरूरी संसाधनों पर खर्च किया जाना था। आदेश को करीब एक साल बीतने के बावजूद लगभग 8 करोड़ रुपए की राशि जारी नहीं होने की बात सामने आई है। पिछले सप्ताह पुलिस विभाग की ओर से भी इस संबंध में पत्र भेजे जाने की जानकारी है। भुगतान अटकने के कारण कंपनी की ओर से संचालन और मेंटेनेंस प्रभावित होने की बात कही जा रही है। अब कैमरे, सिग्नल, पीए सिस्टम और वीएमएस बोर्ड की खराबी एक साथ सामने आने से स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। शहर में रोजाना बढ़ते ट्रैफिक के बीच पुलिस को कई जगहों पर तकनीकी सिस्टम की जगह कर्मचारियों के जरिए व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
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