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मस्तूरी शराब दुकान लूट में 6 दिन बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर (छ.ग.)
CCTV से बचने के लिए DVR अरपा नदी में फेंका, पेट्रोल पंप की फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में गतौरा शराब दुकान में हुई लूट के मामले में पुलिस ने छह दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए दुकान में लगे CCTV कैमरों का DVR भी अपने साथ ले लिया था और भागते समय उसे अरपा नदी में फेंक दिया। इससे पुलिस के सामने शुरुआती जांच में साफ फुटेज जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई थी। दुकान के आसपास मिले कैमरों की रिकॉर्डिंग में आरोपियों की गतिविधियां तो दिखाई दीं, लेकिन चेहरे स्पष्ट नहीं थे। पुलिस ने इसके बाद एक ही जगह की फुटेज पर निर्भर रहने के बजाय आरोपियों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना शुरू किया।
करीब छह दिन तक अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज की जांच की गई। इसी दौरान पुलिस को कुछ ऐसे कैमरे मिले, जिनमें आरोपियों के चेहरे और बाइक से जुड़ी जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा साफ दिखाई दी। जांच आगे बढ़ी तो लालखदान स्थित एक पेट्रोल पंप की फुटेज पुलिस के हाथ लगी। बताया गया कि वारदात के बाद आरोपी वहां देर रात पहुंचे थे और हंगामा करते नजर आए। पुलिस ने इसी फुटेज को अहम कड़ी मानते हुए संदिग्धों की पहचान पर काम शुरू किया। इसके बाद सोमवार तड़के तीन लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश निर्मलकर, अनिल कुमार ध्रुव और पिंटू केंवट के रूप में हुई है। तीनों बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीडीह इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक तीनों की उम्र 30 साल से कम है। अब उनसे वारदात को लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला 3 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे का है। उस समय नकाब पहने बदमाश गतौरा शराब दुकान में पहुंचे थे। दुकान की सुरक्षा में तैनात गार्ड को आरोपियों ने अपने कब्जे में लिया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार चाकू से हमला भी किया गया था। इसके बाद आरोपी दुकान के अंदर गए और वहां रखे लॉकर को तोड़ने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी लॉकर नहीं खुला तो उसे आग लगाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है।
जब यह तरीका भी काम नहीं आया तो आरोपी दुकान से शराब की कई महंगी बोतलें लेकर वहां से निकल गए। वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया था। जांच के दौरान आसपास के दुकानों और दूसरे प्रतिष्ठानों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। एसीसीयू की टीम ने शराब दुकान के पास स्थित चखना सेंटर के कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसी रिकॉर्डिंग में कुछ संदिग्ध तेजी से वहां से भागते दिखाई दिए, लेकिन वीडियो की गुणवत्ता कम होने के कारण चेहरे पहचानना आसान नहीं था।
पुलिस ने इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे कैमरों को एक-एक कर चेक किया। अलग-अलग जगहों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वारदात के बाद आरोपी किस दिशा में गए थे। इसी दौरान कुछ फुटेज में बाइक और संदिग्धों के चेहरे ज्यादा स्पष्ट नजर आए। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी दुकान का CCTV DVR भी अपने साथ ले गए थे। जांच में सामने आया कि भागते समय उन्होंने DVR को अरपा नदी में फेंक दिया था, ताकि वारदात की मूल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ न लग सके।
DVR की तलाश और दूसरी CCTV फुटेज की जांच के बीच पुलिस को लालखदान के पेट्रोल पंप की रिकॉर्डिंग से बड़ा सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, लूट के बाद आरोपी कथित तौर पर दुकान से ले गई शराब का सेवन कर रहे थे और रात में अलग-अलग जगहों पर हंगामा कर रहे थे। शनिवार रात लालखदान के पेट्रोल पंप पर भी उनके हंगामा करने की जानकारी सामने आई। वहां लगे कैमरे में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और फिर उन्हें पकड़ने के लिए टीम सक्रिय की गई।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने गतौरा शराब दुकान में लूट की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, चाकू और लूटे गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि आबकारी विभाग की ओर से मस्तूरी थाने में दर्ज रिपोर्ट में चोरी हुए सामान की सूची को लेकर कुछ अलग जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट में दो पेटी गोवा व्हिस्की के अलावा 10 से ज्यादा शराब की बोतलों और एक स्कैनर मशीन के चोरी होने का उल्लेख है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने महंगी शराब की बोतलें ले जाने की बात कही, लेकिन गोवा व्हिस्की और स्कैनर मशीन के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं दी है।
पुलिस अब इस हिस्से की भी जांच कर रही है कि रिपोर्ट में दर्ज सामान कहां गया और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया गया। आरोपियों से उनके साथियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य साधनों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने CCTV फुटेज, आरोपियों के बयान और बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है और पुलिस वारदात से जुड़े बाकी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है।
मस्तूरी शराब दुकान लूट में 6 दिन बाद तीन आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर (छ.ग.)
बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में गतौरा शराब दुकान में हुई लूट के मामले में पुलिस ने छह दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए दुकान में लगे CCTV कैमरों का DVR भी अपने साथ ले लिया था और भागते समय उसे अरपा नदी में फेंक दिया। इससे पुलिस के सामने शुरुआती जांच में साफ फुटेज जुटाने की चुनौती खड़ी हो गई थी। दुकान के आसपास मिले कैमरों की रिकॉर्डिंग में आरोपियों की गतिविधियां तो दिखाई दीं, लेकिन चेहरे स्पष्ट नहीं थे। पुलिस ने इसके बाद एक ही जगह की फुटेज पर निर्भर रहने के बजाय आरोपियों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालना शुरू किया।
करीब छह दिन तक अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज की जांच की गई। इसी दौरान पुलिस को कुछ ऐसे कैमरे मिले, जिनमें आरोपियों के चेहरे और बाइक से जुड़ी जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा साफ दिखाई दी। जांच आगे बढ़ी तो लालखदान स्थित एक पेट्रोल पंप की फुटेज पुलिस के हाथ लगी। बताया गया कि वारदात के बाद आरोपी वहां देर रात पहुंचे थे और हंगामा करते नजर आए। पुलिस ने इसी फुटेज को अहम कड़ी मानते हुए संदिग्धों की पहचान पर काम शुरू किया। इसके बाद सोमवार तड़के तीन लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश निर्मलकर, अनिल कुमार ध्रुव और पिंटू केंवट के रूप में हुई है। तीनों बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीडीह इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक तीनों की उम्र 30 साल से कम है। अब उनसे वारदात को लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला 3 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे का है। उस समय नकाब पहने बदमाश गतौरा शराब दुकान में पहुंचे थे। दुकान की सुरक्षा में तैनात गार्ड को आरोपियों ने अपने कब्जे में लिया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार चाकू से हमला भी किया गया था। इसके बाद आरोपी दुकान के अंदर गए और वहां रखे लॉकर को तोड़ने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी लॉकर नहीं खुला तो उसे आग लगाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है।
जब यह तरीका भी काम नहीं आया तो आरोपी दुकान से शराब की कई महंगी बोतलें लेकर वहां से निकल गए। वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया था। जांच के दौरान आसपास के दुकानों और दूसरे प्रतिष्ठानों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। एसीसीयू की टीम ने शराब दुकान के पास स्थित चखना सेंटर के कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसी रिकॉर्डिंग में कुछ संदिग्ध तेजी से वहां से भागते दिखाई दिए, लेकिन वीडियो की गुणवत्ता कम होने के कारण चेहरे पहचानना आसान नहीं था।
पुलिस ने इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया और आरोपियों के संभावित रूट पर लगे कैमरों को एक-एक कर चेक किया। अलग-अलग जगहों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि वारदात के बाद आरोपी किस दिशा में गए थे। इसी दौरान कुछ फुटेज में बाइक और संदिग्धों के चेहरे ज्यादा स्पष्ट नजर आए। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी दुकान का CCTV DVR भी अपने साथ ले गए थे। जांच में सामने आया कि भागते समय उन्होंने DVR को अरपा नदी में फेंक दिया था, ताकि वारदात की मूल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ न लग सके।
DVR की तलाश और दूसरी CCTV फुटेज की जांच के बीच पुलिस को लालखदान के पेट्रोल पंप की रिकॉर्डिंग से बड़ा सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, लूट के बाद आरोपी कथित तौर पर दुकान से ले गई शराब का सेवन कर रहे थे और रात में अलग-अलग जगहों पर हंगामा कर रहे थे। शनिवार रात लालखदान के पेट्रोल पंप पर भी उनके हंगामा करने की जानकारी सामने आई। वहां लगे कैमरे में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो गईं। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और फिर उन्हें पकड़ने के लिए टीम सक्रिय की गई।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने गतौरा शराब दुकान में लूट की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, चाकू और लूटे गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हालांकि आबकारी विभाग की ओर से मस्तूरी थाने में दर्ज रिपोर्ट में चोरी हुए सामान की सूची को लेकर कुछ अलग जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट में दो पेटी गोवा व्हिस्की के अलावा 10 से ज्यादा शराब की बोतलों और एक स्कैनर मशीन के चोरी होने का उल्लेख है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने महंगी शराब की बोतलें ले जाने की बात कही, लेकिन गोवा व्हिस्की और स्कैनर मशीन के संबंध में उन्होंने जानकारी नहीं दी है।
पुलिस अब इस हिस्से की भी जांच कर रही है कि रिपोर्ट में दर्ज सामान कहां गया और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाया गया। आरोपियों से उनके साथियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य साधनों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने CCTV फुटेज, आरोपियों के बयान और बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया है। गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है और पुलिस वारदात से जुड़े बाकी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है।
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