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खल्लारी रोपवे हादसे में दूसरी मौत, वेंटिलेटर पर भर्ती किसान ने तोड़ा दम
महासंमुद्र (छ.ग.)
केबल टूटने से दो ट्रॉली गिरीं; अब तक 2 की मौत, 16 घायल, पत्नी-बेटी की हालत गंभीर
खल्लारी मंदिर में हुए रोपवे हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। गंभीर रूप से घायल 47 वर्षीय किसान ने मंगलवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे घटना के बाद से वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले इस हादसे में एक महिला शिक्षिका की भी मौत हो चुकी है।
यह हादसा 22 मार्च की सुबह उस समय हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर दर्शन के बाद रोपवे ट्रॉली से नीचे लौट रहे थे।अचानक केबल टूटने से एक ट्रॉली अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई, जबकि दूसरी ट्रॉली स्टेशन से टकरा गई। इस घटना में कुल 16 लोग घायल हुए थे।
मृतक किसान के साथ उनकी पत्नी और बेटी भी ट्रॉली में सवार थीं, जिनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है। अन्य घायलों में कई लोग अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा अचानक हुआ और ट्रॉली करीब 20 फीट नीचे चट्टानों से टकराई, जिससे उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान दूसरी ट्रॉली भी असंतुलित होकर गिर गई, जिससे उसमें सवार यात्रियों को भी चोटें आईं।
घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद रोपवे संचालक कंपनी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रोपवे का नियमित मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा था, जबकि नवरात्रि के दौरान यहां भारी भीड़ रहती है। उनका कहना है कि समय पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था।
खल्लारी मंदिर क्षेत्र में हर साल नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे के साथ-साथ सीढ़ियों का भी उपयोग किया जाता है।फिलहाल प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
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खल्लारी रोपवे हादसे में दूसरी मौत, वेंटिलेटर पर भर्ती किसान ने तोड़ा दम
महासंमुद्र (छ.ग.)
खल्लारी मंदिर में हुए रोपवे हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। गंभीर रूप से घायल 47 वर्षीय किसान ने मंगलवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वे घटना के बाद से वेंटिलेटर पर थे। इससे पहले इस हादसे में एक महिला शिक्षिका की भी मौत हो चुकी है।
यह हादसा 22 मार्च की सुबह उस समय हुआ, जब श्रद्धालु मंदिर दर्शन के बाद रोपवे ट्रॉली से नीचे लौट रहे थे।अचानक केबल टूटने से एक ट्रॉली अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई, जबकि दूसरी ट्रॉली स्टेशन से टकरा गई। इस घटना में कुल 16 लोग घायल हुए थे।
मृतक किसान के साथ उनकी पत्नी और बेटी भी ट्रॉली में सवार थीं, जिनकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है। अन्य घायलों में कई लोग अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जबकि कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा अचानक हुआ और ट्रॉली करीब 20 फीट नीचे चट्टानों से टकराई, जिससे उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान दूसरी ट्रॉली भी असंतुलित होकर गिर गई, जिससे उसमें सवार यात्रियों को भी चोटें आईं।
घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पतालों तक पहुंचाया गया।
जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिलने के बाद रोपवे संचालक कंपनी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रोपवे का नियमित मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा था, जबकि नवरात्रि के दौरान यहां भारी भीड़ रहती है। उनका कहना है कि समय पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था।
खल्लारी मंदिर क्षेत्र में हर साल नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे के साथ-साथ सीढ़ियों का भी उपयोग किया जाता है।फिलहाल प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
