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भिलाई में पेंटर की संदिग्ध मौत, सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता पर लगाए गंभीर आरोप
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
भिलाई के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पेंटर मोहन रामटेके की संदिग्ध मौत, शरीर पर चोट और सुसाइड नोट मिलने से हड़कंप। नोट में ब्लैकमेल और धमकी का आरोप।
भिलाई, दुर्ग जिले की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पेंटर मोहन रामटेके (42) की संदिग्ध लाश मिली। घटना की जांच के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मोहन ने दो लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना का पूरा विवरण
मोहन रामटेके पिछले तीन महीने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। वे पेंटिंग का काम करते थे। शनिवार, 28 मार्च को उनकी मां का ऑपरेशन भिलाई के एक अस्पताल में होना था, इसलिए परिवार के सभी सदस्य रात से अस्पताल में थे। घर में केवल मोहन ही मौजूद थे। सुबह जब उनकी पत्नी घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। मकान मालिक और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया, तो मोहन की लाश पाई गई।
सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप
मौके से बरामद सुसाइड नोट में मोहन रामटेके ने लिखा है कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं और वे उन्हें धमकी दे रहे थे। मोहन ने कहा कि एक लाख रुपए नहीं देने पर उन्हें पुलिस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि उनकी मौत को नजरअंदाज न किया जाए और आरोपी लोगों को सजा दी जाए। मोहन ने स्पष्ट किया कि राजू पाल उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे और पुलिस पर उनका नियंत्रण होने का दावा कर रहे थे।
परिवार और नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राजू पाल ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से उनका मोहन रामटेके से कोई संपर्क नहीं था और न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया गया। वहीं, मोहन के भाई नवीन रामटेके ने कहा कि किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी, लेकिन शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की संभावना भी जांच का हिस्सा है।
पुलिस जांच जारी
भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में उल्लेखित नामों की भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस की आशंका
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में फंदे से लटकने का मामला नजर आ रहा है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान हत्या की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं करते। जांच सभी पहलुओं से जारी है।
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भिलाई में पेंटर की संदिग्ध मौत, सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता पर लगाए गंभीर आरोप
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
भिलाई, दुर्ग जिले की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पेंटर मोहन रामटेके (42) की संदिग्ध लाश मिली। घटना की जांच के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मोहन ने दो लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना का पूरा विवरण
मोहन रामटेके पिछले तीन महीने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। वे पेंटिंग का काम करते थे। शनिवार, 28 मार्च को उनकी मां का ऑपरेशन भिलाई के एक अस्पताल में होना था, इसलिए परिवार के सभी सदस्य रात से अस्पताल में थे। घर में केवल मोहन ही मौजूद थे। सुबह जब उनकी पत्नी घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। मकान मालिक और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया, तो मोहन की लाश पाई गई।
सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप
मौके से बरामद सुसाइड नोट में मोहन रामटेके ने लिखा है कि राजू पाल और सोनिया गोस्वामी सट्टा चलाते हैं और वे उन्हें धमकी दे रहे थे। मोहन ने कहा कि एक लाख रुपए नहीं देने पर उन्हें पुलिस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया कि उनकी मौत को नजरअंदाज न किया जाए और आरोपी लोगों को सजा दी जाए। मोहन ने स्पष्ट किया कि राजू पाल उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे और पुलिस पर उनका नियंत्रण होने का दावा कर रहे थे।
परिवार और नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राजू पाल ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से उनका मोहन रामटेके से कोई संपर्क नहीं था और न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया गया। वहीं, मोहन के भाई नवीन रामटेके ने कहा कि किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी, लेकिन शरीर पर चोट के निशान मिलने से हत्या की संभावना भी जांच का हिस्सा है।
पुलिस जांच जारी
भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना स्थल से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में उल्लेखित नामों की भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस की आशंका
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में फंदे से लटकने का मामला नजर आ रहा है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान हत्या की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं करते। जांच सभी पहलुओं से जारी है।
