MP के अस्पतालों में 8000 जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

Digital Desk

By Rohit.P
On

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड में महंगाई भत्ते के संशोधन और बकाया एरियर की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल सीनियर डॉक्टर ओपीडी और इमरजेंसी संभाल रहे हैं, लेकिन हड़ताल लंबी चली तो स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड में महंगाई भत्ते के संशोधन की मांग को लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे नियमित ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे।

हड़ताल के पहले दिन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं देखा गया है, क्योंकि सीनियर डॉक्टर ओपीडी और इमरजेंसी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि यदि यह आंदोलन लंबे समय तक जारी रहता है तो अस्पतालों में मरीजों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।

स्टाइपेंड संशोधन को लेकर डॉक्टरों में नाराजगी

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अनुसार, सरकार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर स्टाइपेंड में संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू करना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इस देरी को लेकर डॉक्टरों में काफी असंतोष है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 से अब तक के बकाया एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि इससे हजारों जूनियर डॉक्टर प्रभावित हो रहे हैं।

हमिदिया अस्पताल परिसर में टेंट लगाकर चल रही ओपीडी

हड़ताल के बावजूद मरीजों को पूरी तरह असुविधा न हो, इसके लिए जूनियर डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल परिसर में टेंट लगाकर समानांतर ओपीडी की व्यवस्था की है। यहां सीमित स्तर पर मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह ठप करना नहीं है, बल्कि सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना है। इसी कारण वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

डायलिसिस मरीज ने जताई नाराजगी

हालांकि कुछ मरीजों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा है। एक डायलिसिस मरीज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हड़ताल के कारण उसका समय पर डायलिसिस नहीं हो पाया। ऐसे मरीजों के लिए अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में दिक्कतें सामने आ रही हैं।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी सेवाएं और गंभीर मरीजों का इलाज किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

जूनियर डॉक्टरों की अहम भूमिका

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। अस्पतालों के रोजमर्रा के कामकाज का बड़ा हिस्सा वही संभालते हैं। अनुमान के मुताबिक अस्पताल की लगभग 60 से 70 प्रतिशत चिकित्सा सेवाएं जूनियर डॉक्टरों पर ही निर्भर होती हैं।

ऐसे में अगर यह हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं और मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और डॉक्टरों के बीच जल्द समाधान निकलना जरूरी है।

पहले से चल रहा था शांतिपूर्ण विरोध

दरअसल जूनियर डॉक्टरों ने पिछले सप्ताह से ही विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी थी। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे और सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील कर रहे थे। लेकिन मांगों पर कोई ठोस प्रगति नहीं होने के बाद उन्होंने अब हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि सरकार डॉक्टरों की मांगों को स्वीकार करती है तो हड़ताल जल्द खत्म हो सकती है, लेकिन अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती है तो यह आंदोलन लंबा खिंच सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

---------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

 

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
09 Mar 2026 By Rohit.P

MP के अस्पतालों में 8000 जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

Digital Desk

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड में महंगाई भत्ते के संशोधन की मांग को लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे नियमित ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे।

हड़ताल के पहले दिन अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं देखा गया है, क्योंकि सीनियर डॉक्टर ओपीडी और इमरजेंसी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि यदि यह आंदोलन लंबे समय तक जारी रहता है तो अस्पतालों में मरीजों की समस्याएं बढ़ सकती हैं।

स्टाइपेंड संशोधन को लेकर डॉक्टरों में नाराजगी

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अनुसार, सरकार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर स्टाइपेंड में संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू करना था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इस देरी को लेकर डॉक्टरों में काफी असंतोष है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 से अब तक के बकाया एरियर के भुगतान को लेकर भी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि इससे हजारों जूनियर डॉक्टर प्रभावित हो रहे हैं।

हमिदिया अस्पताल परिसर में टेंट लगाकर चल रही ओपीडी

हड़ताल के बावजूद मरीजों को पूरी तरह असुविधा न हो, इसके लिए जूनियर डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल परिसर में टेंट लगाकर समानांतर ओपीडी की व्यवस्था की है। यहां सीमित स्तर पर मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह ठप करना नहीं है, बल्कि सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना है। इसी कारण वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

डायलिसिस मरीज ने जताई नाराजगी

हालांकि कुछ मरीजों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा है। एक डायलिसिस मरीज ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हड़ताल के कारण उसका समय पर डायलिसिस नहीं हो पाया। ऐसे मरीजों के लिए अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में दिक्कतें सामने आ रही हैं।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी सेवाएं और गंभीर मरीजों का इलाज किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

जूनियर डॉक्टरों की अहम भूमिका

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। अस्पतालों के रोजमर्रा के कामकाज का बड़ा हिस्सा वही संभालते हैं। अनुमान के मुताबिक अस्पताल की लगभग 60 से 70 प्रतिशत चिकित्सा सेवाएं जूनियर डॉक्टरों पर ही निर्भर होती हैं।

ऐसे में अगर यह हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं और मरीजों की देखभाल प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और डॉक्टरों के बीच जल्द समाधान निकलना जरूरी है।

पहले से चल रहा था शांतिपूर्ण विरोध

दरअसल जूनियर डॉक्टरों ने पिछले सप्ताह से ही विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी थी। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे थे और सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील कर रहे थे। लेकिन मांगों पर कोई ठोस प्रगति नहीं होने के बाद उन्होंने अब हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि सरकार डॉक्टरों की मांगों को स्वीकार करती है तो हड़ताल जल्द खत्म हो सकती है, लेकिन अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती है तो यह आंदोलन लंबा खिंच सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

---------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/8000-junior-doctors-strike-in-mp-hospitals-health-services-may/article-47748

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.