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भोपाल-इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से AFC सिस्टम लागू, डिजिटल टिकटिंग शुरू
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल-इंदौर मेट्रो AFC सिस्टम से टिकटिंग ऑनलाइन होगी, रिचार्ज और ग्रुप टिकट पर छूट भी मिलेगी
भोपाल और इंदौर में मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा की शुरुआत होने जा रही है। 27 अप्रैल से दोनों शहरों में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे टिकटिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) द्वारा शुरू की जा रही इस व्यवस्था के तहत अब यात्रियों को मैन्युअल टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल ऐप और QR आधारित सिस्टम के जरिए टिकट आसानी से उपलब्ध होंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और कैशलेस सुविधा देना है। इसके साथ ही टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर विशेष छूट भी दी जाएगी, जिससे नियमित यात्रियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। यह कदम स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया पहल के तहत शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को पेपर QR टिकट और मोबाइल QR टिकट दोनों विकल्प मिलेंगे। पेपर टिकट स्टेशन काउंटर या ग्राहक सेवा केंद्र से नकद या यूपीआई के जरिए मिल सकेंगे, जबकि मोबाइल टिकट आधिकारिक “MP Metro” ऐप से खरीदे जा सकेंगे।
इसके अलावा, मेट्रो यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राउंड ट्रिप टिकट पर 5% तक की छूट दी जाएगी। वहीं, समूह में यात्रा करने वालों के लिए 10% तक की छूट का प्रावधान रखा गया है। यह सुविधा न्यूनतम 8 और अधिकतम 40 यात्रियों के समूह पर लागू होगी।
डिजिटल टिकटिंग फायदे
नई AFC प्रणाली से यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक करने से समय की बचत होगी और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।सिस्टम में वॉलेट रिचार्ज पर भी स्लैब के अनुसार छूट दी जा रही है। 200–499 रुपए पर 8%, 500–999 पर 10%, 1000–1499 पर 12% और 1500–2000 रुपए तक 15% की छूट मिलेगी।
भोपाल और इंदौर में मेट्रो परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। शुरुआती चरण में सीमित रूट पर संचालन के बाद अब सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
देश के अन्य बड़े शहरों में पहले से ही AFC सिस्टम लागू है, जिससे संचालन अधिक सुगम और पारदर्शी हुआ है। इसी मॉडल को अपनाते हुए मध्य प्रदेश में भी यह बदलाव किया जा रहा है।
MPMRCL के अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा और भविष्य में पूरी तरह स्मार्ट ट्रांजिट सिस्टम की दिशा में मदद करेगा।
डिजिटल टिकटिंग के जरिए डेटा मैनेजमेंट और भी बेहतर होगा, जिससे यात्री संख्या और संचालन की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। समय की बचत, कैशलेस भुगतान और रियायतों के कारण मेट्रो की लोकप्रियता बढ़ने की संभावना है।
साथ ही, यह कदम शहरी परिवहन में डिजिटल बदलाव को मजबूत करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है और ट्रैफिक दबाव भी घटेगा।
आने वाले समय में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ इस सिस्टम को और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में स्मार्ट कार्ड, फेस रिकग्निशन और अन्य तकनीकों को भी जोड़ा जा सकता है।
भोपाल-इंदौर मेट्रो AFC सिस्टम की शुरुआत को शहरी परिवहन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो डिजिटल इंडिया और स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम है।
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भोपाल-इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से AFC सिस्टम लागू, डिजिटल टिकटिंग शुरू
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल और इंदौर में मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा की शुरुआत होने जा रही है। 27 अप्रैल से दोनों शहरों में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे टिकटिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) द्वारा शुरू की जा रही इस व्यवस्था के तहत अब यात्रियों को मैन्युअल टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल ऐप और QR आधारित सिस्टम के जरिए टिकट आसानी से उपलब्ध होंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और कैशलेस सुविधा देना है। इसके साथ ही टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर विशेष छूट भी दी जाएगी, जिससे नियमित यात्रियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। यह कदम स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंडिया पहल के तहत शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को पेपर QR टिकट और मोबाइल QR टिकट दोनों विकल्प मिलेंगे। पेपर टिकट स्टेशन काउंटर या ग्राहक सेवा केंद्र से नकद या यूपीआई के जरिए मिल सकेंगे, जबकि मोबाइल टिकट आधिकारिक “MP Metro” ऐप से खरीदे जा सकेंगे।
इसके अलावा, मेट्रो यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राउंड ट्रिप टिकट पर 5% तक की छूट दी जाएगी। वहीं, समूह में यात्रा करने वालों के लिए 10% तक की छूट का प्रावधान रखा गया है। यह सुविधा न्यूनतम 8 और अधिकतम 40 यात्रियों के समूह पर लागू होगी।
डिजिटल टिकटिंग फायदे
नई AFC प्रणाली से यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक करने से समय की बचत होगी और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।सिस्टम में वॉलेट रिचार्ज पर भी स्लैब के अनुसार छूट दी जा रही है। 200–499 रुपए पर 8%, 500–999 पर 10%, 1000–1499 पर 12% और 1500–2000 रुपए तक 15% की छूट मिलेगी।
भोपाल और इंदौर में मेट्रो परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। शुरुआती चरण में सीमित रूट पर संचालन के बाद अब सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
देश के अन्य बड़े शहरों में पहले से ही AFC सिस्टम लागू है, जिससे संचालन अधिक सुगम और पारदर्शी हुआ है। इसी मॉडल को अपनाते हुए मध्य प्रदेश में भी यह बदलाव किया जा रहा है।
MPMRCL के अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा और भविष्य में पूरी तरह स्मार्ट ट्रांजिट सिस्टम की दिशा में मदद करेगा।
डिजिटल टिकटिंग के जरिए डेटा मैनेजमेंट और भी बेहतर होगा, जिससे यात्री संख्या और संचालन की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। समय की बचत, कैशलेस भुगतान और रियायतों के कारण मेट्रो की लोकप्रियता बढ़ने की संभावना है।
साथ ही, यह कदम शहरी परिवहन में डिजिटल बदलाव को मजबूत करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है और ट्रैफिक दबाव भी घटेगा।
आने वाले समय में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ इस सिस्टम को और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में स्मार्ट कार्ड, फेस रिकग्निशन और अन्य तकनीकों को भी जोड़ा जा सकता है।
भोपाल-इंदौर मेट्रो AFC सिस्टम की शुरुआत को शहरी परिवहन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो डिजिटल इंडिया और स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम है।
