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सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 23,898 पर; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
बिजनेस न्यूज
सेंसेक्स गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव और IT सेक्टर की कमजोरी, निवेशकों में सतर्कता शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
आज 24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। BSE Sensex 1000 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 275 अंक फिसलकर 23,898 के स्तर पर आ गया। दिनभर के कारोबार में खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया।
इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की कमजोर धारणा मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
आईटी शेयरों में दबाव
आईटी सेक्टर में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।इसका सबसे बड़ा उदाहरण Infosys रहा, जिसका शेयर करीब 7% गिरकर 1,155 रुपए पर बंद हुआ।हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे बेहतर रहे और मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ा, लेकिन निवेशकों ने भविष्य की ग्रोथ को लेकर सतर्क रुख अपनाया। आईटी कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता के कारण भी यह दबाव बढ़ा है।
वैश्विक संकेत कमजोर
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।Donald Trump द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है।ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को कब्जे में लेने और अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों ने निवेशकों को चिंतित किया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 23 अप्रैल को ही उन्होंने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।इस महीने अब तक विदेशी निवेशक लगभग 47 हजार करोड़ रुपए की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार में तरलता पर असर पड़ा है। हालांकि घरेलू निवेशकों (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी कर संतुलन बनाने की कोशिश की।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बाजार की स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रणनीति अपनाएं। सेंसेक्स गिरावट के मौजूदा दौर में चुनिंदा सेक्टरों में ही निवेश के अवसर तलाशना बेहतर माना जा रहा है।
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सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 23,898 पर; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
बिजनेस न्यूज
आज 24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई। BSE Sensex 1000 अंक यानी 1.29% गिरकर 76,664 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 275 अंक फिसलकर 23,898 के स्तर पर आ गया। दिनभर के कारोबार में खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार का मूड खराब कर दिया।
इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की कमजोर धारणा मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
आईटी शेयरों में दबाव
आईटी सेक्टर में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।इसका सबसे बड़ा उदाहरण Infosys रहा, जिसका शेयर करीब 7% गिरकर 1,155 रुपए पर बंद हुआ।हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे बेहतर रहे और मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ा, लेकिन निवेशकों ने भविष्य की ग्रोथ को लेकर सतर्क रुख अपनाया। आईटी कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता के कारण भी यह दबाव बढ़ा है।
वैश्विक संकेत कमजोर
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।Donald Trump द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं है।ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को कब्जे में लेने और अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों ने निवेशकों को चिंतित किया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। 23 अप्रैल को ही उन्होंने करीब 3,200 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।इस महीने अब तक विदेशी निवेशक लगभग 47 हजार करोड़ रुपए की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार में तरलता पर असर पड़ा है। हालांकि घरेलू निवेशकों (DII) ने कुछ हद तक खरीदारी कर संतुलन बनाने की कोशिश की।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और बाजार की स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रणनीति अपनाएं। सेंसेक्स गिरावट के मौजूदा दौर में चुनिंदा सेक्टरों में ही निवेश के अवसर तलाशना बेहतर माना जा रहा है।
