भोपाल के बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, हलालपुरा में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

भोपाल (म.प्र.)

On

FTL क्षेत्र में 50 मीटर दायरे के भीतर अवैध निर्माण पर सख्ती, 347 अतिक्रमण चिन्हित; 15 दिनों में पूरी कार्रवाई का लक्ष्य

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित ऐतिहासिक बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह से एक बार फिर व्यापक अभियान शुरू किया। बैरागढ़ तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह की अगुवाई में टीम हलालपुरा क्षेत्र पहुंची, जहां चिन्हित अवैध निर्माणों पर जेसीबी मशीनों की मदद से कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने बताया कि बड़ा तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों के भीतर हटाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्रवाई उन निर्माणों पर की जा रही है जो भोज वेटलैंड नियम लागू होने के बाद 16 मार्च 2022 के बाद किए गए हैं। इसके साथ ही फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों को प्राथमिकता से हटाया जा रहा है।

हलालपुरा क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान एक मैरिज गार्डन के पास स्थित फार्म हाउस की बाउंड्रीवॉल को जेसीबी से गिराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में की गई कार्रवाई का ही विस्तार है।

पिछले दो महीनों से जिला प्रशासन ने तालाब के आसपास के इलाकों में सर्वे कर अतिक्रमण की पहचान की थी। टीटी नगर एसडीएम क्षेत्र के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे अधिक अवैध निर्माण सामने आए हैं। वहीं बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण दर्ज किए गए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल तक अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी। इसमें बैरागढ़, टीटी नगर, हुजूर तहसील और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शेष अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

इधर, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किलोमीटर दायरे में 100 से अधिक पिलर लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिसे वेटलैंड नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और वेटलैंड नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तालाब की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


 

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
10 Apr 2026 By ANKITA

भोपाल के बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, हलालपुरा में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

भोपाल (म.प्र.)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित ऐतिहासिक बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह से एक बार फिर व्यापक अभियान शुरू किया। बैरागढ़ तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह की अगुवाई में टीम हलालपुरा क्षेत्र पहुंची, जहां चिन्हित अवैध निर्माणों पर जेसीबी मशीनों की मदद से कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने बताया कि बड़ा तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों के भीतर हटाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्रवाई उन निर्माणों पर की जा रही है जो भोज वेटलैंड नियम लागू होने के बाद 16 मार्च 2022 के बाद किए गए हैं। इसके साथ ही फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों को प्राथमिकता से हटाया जा रहा है।

हलालपुरा क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान एक मैरिज गार्डन के पास स्थित फार्म हाउस की बाउंड्रीवॉल को जेसीबी से गिराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में की गई कार्रवाई का ही विस्तार है।

पिछले दो महीनों से जिला प्रशासन ने तालाब के आसपास के इलाकों में सर्वे कर अतिक्रमण की पहचान की थी। टीटी नगर एसडीएम क्षेत्र के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे अधिक अवैध निर्माण सामने आए हैं। वहीं बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण दर्ज किए गए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल तक अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी। इसमें बैरागढ़, टीटी नगर, हुजूर तहसील और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शेष अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

इधर, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किलोमीटर दायरे में 100 से अधिक पिलर लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिसे वेटलैंड नियमों के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में ले जाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और वेटलैंड नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तालाब की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/action-to-remove-encroachment-from-bhopals-bada-talab-intensifies-administration/article-50775

खबरें और भी हैं

ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध मौत, जांच जारी

टाप न्यूज

ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध मौत, जांच जारी

महाराजपुरा क्षेत्र में 58 वर्षीय पूर्व सैनिक घर में मृत मिले; पुलिस जांच में आत्महत्या और हादसे दोनों एंगल पर...
मध्य प्रदेश 
ग्वालियर में रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध मौत, जांच जारी

शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान: ‘सिर्फ अनाज उगाने से नहीं बढ़ेगी आय’, इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने पर जोर

भोपाल में कृषि मंत्री ने कहा- किसानों को पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि वानिकी से जोड़ना जरूरी; जीतू पटवारी के...
मध्य प्रदेश  भोपाल 
शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान: ‘सिर्फ अनाज उगाने से नहीं बढ़ेगी आय’, इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने पर जोर

जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा: कैश कांड के बाद बढ़ा विवाद, संसद में महाभियोग की प्रक्रिया तेज

दिल्ली स्थित आवास में आग के दौरान जले नोट मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट जांच और संसदीय कार्रवाई के...
देश विदेश  टॉप न्यूज़ 
जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा: कैश कांड के बाद बढ़ा विवाद, संसद में महाभियोग की प्रक्रिया तेज

भोपाल के बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, हलालपुरा में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

FTL क्षेत्र में 50 मीटर दायरे के भीतर अवैध निर्माण पर सख्ती, 347 अतिक्रमण चिन्हित; 15 दिनों में पूरी कार्रवाई...
मध्य प्रदेश  भोपाल 
भोपाल के बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज, हलालपुरा में प्रशासन ने चलाया बुलडोजर अभियान

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.