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8,100 पार्थिव शिवलिंगों के साथ बना बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विग्रह
Digital Desk
श्रावण के दसवें दिन सुभाष कॉलोनी के मंदिर में विशेष अनुष्ठान, पंचामृत से हुआ अभिषेक; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
भोपाल के सुभाष कॉलोनी स्थित मां भवानी शिव हनुमान मंदिर में श्रावण मास के दसवें दिन शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान का विशेष आयोजन हुआ। श्री श्री 1008 बजरंग दास जी महाराज की प्रेरणा से पांचवें वर्ष चल रहे पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक अनुष्ठान के तहत श्रद्धालुओं ने 8,100 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। इसी के साथ बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विग्रह भी तैयार किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भगवान शिव की आराधना और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।

आयोजन के दौरान पार्थिव शिवलिंगों के साथ बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के विग्रह का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद पंचामृत से विशेष अभिषेक हुआ। धार्मिक अनुष्ठान की पूजा एवं अभिषेक विधि पंडित अनिल दुबे ने संपन्न कराई। मुख्य यजमान जयंती देवेंद्र शर्मा ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और अभिषेक में सहभागिता निभाई। श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और उसके पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने स्वयं मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाए और उन्हें विधि-विधान से भगवान शिव को समर्पित किया। महिलाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। पूजा के दौरान भक्तों ने भगवान शिव का स्मरण करते हुए अभिषेक और आरती में हिस्सा लिया।
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पंडित राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका पूजन और अभिषेक करने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक करने की धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है और विभिन्न बाधाओं से मुक्ति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की जाती है।मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग निर्माण में शामिल होते रहे और उसके बाद सामूहिक रूप से पूजन एवं अभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी आयोजन में भाग लिया। पूजा के दौरान मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
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आयोजन समिति के मुताबिक, श्रावण मास के अलग-अलग दिनों में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और ज्योतिर्लिंगों से जुड़े विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी 11वें दिन बाबा केदारनाथ परसावेश्वर शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान नारियल पानी से अभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद सोमवार को चार फीट ऊंचे बाबा बर्फानी के स्वरूप का निर्माण कर विशेष पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। श्रावण मास के दौरान मंदिर में चल रहे इस आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं को पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना से जोड़ना है। पांचवें वर्ष आयोजित हो रहे इस अनुष्ठान में स्थानीय लोगों की भी लगातार भागीदारी बढ़ रही है।
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शुक्रवार को हुए आयोजन में बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विग्रह बनाए जाने के साथ 8,100 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण विशेष आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से शिवलिंगों का निर्माण किया और उन्हें पूजा के लिए तैयार किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान शिव के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पूजन की व्यवस्थाएं भी की गई थीं। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद आयोजन धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन किए और अनुष्ठान में शामिल होकर पुण्य लाभ की कामना की।
इस अवसर पर पंडित राकेश चतुर्वेदी, रामरतन बघेल, धीरेंद्र सिंह चौहान, प्रेम सिंह रघुवंशी और ओंकार साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। श्रावण मास में मंदिर में चल रहे इस विशेष आयोजन को लेकर आगे भी श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। केदारनाथ परसावेश्वर शिवलिंग के निर्माण और नारियल पानी अभिषेक के बाद सोमवार को चार फीट के बाबा बर्फानी के पूजन-अभिषेक का कार्यक्रम रखा गया है। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को श्रावण के अलग-अलग दिनों में भगवान शिव के विविध स्वरूपों की आराधना का अवसर मिलेगा।
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8,100 पार्थिव शिवलिंगों के साथ बना बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विग्रह
Digital Desk
भोपाल के सुभाष कॉलोनी स्थित मां भवानी शिव हनुमान मंदिर में श्रावण मास के दसवें दिन शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठान का विशेष आयोजन हुआ। श्री श्री 1008 बजरंग दास जी महाराज की प्रेरणा से पांचवें वर्ष चल रहे पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक अनुष्ठान के तहत श्रद्धालुओं ने 8,100 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। इसी के साथ बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का विग्रह भी तैयार किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भगवान शिव की आराधना और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।

आयोजन के दौरान पार्थिव शिवलिंगों के साथ बाबा त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के विग्रह का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद पंचामृत से विशेष अभिषेक हुआ। धार्मिक अनुष्ठान की पूजा एवं अभिषेक विधि पंडित अनिल दुबे ने संपन्न कराई। मुख्य यजमान जयंती देवेंद्र शर्मा ने भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और अभिषेक में सहभागिता निभाई। श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और उसके पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने स्वयं मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाए और उन्हें विधि-विधान से भगवान शिव को समर्पित किया। महिलाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। पूजा के दौरान भक्तों ने भगवान शिव का स्मरण करते हुए अभिषेक और आरती में हिस्सा लिया।
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पंडित राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका पूजन और अभिषेक करने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक करने की धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है और विभिन्न बाधाओं से मुक्ति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की जाती है।मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग निर्माण में शामिल होते रहे और उसके बाद सामूहिक रूप से पूजन एवं अभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भी आयोजन में भाग लिया। पूजा के दौरान मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया।
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आयोजन समिति के मुताबिक, श्रावण मास के अलग-अलग दिनों में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों और ज्योतिर्लिंगों से जुड़े विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आगामी 11वें दिन बाबा केदारनाथ परसावेश्वर शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान नारियल पानी से अभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद सोमवार को चार फीट ऊंचे बाबा बर्फानी के स्वरूप का निर्माण कर विशेष पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। श्रावण मास के दौरान मंदिर में चल रहे इस आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालुओं को पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना से जोड़ना है। पांचवें वर्ष आयोजित हो रहे इस अनुष्ठान में स्थानीय लोगों की भी लगातार भागीदारी बढ़ रही है।
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इस अवसर पर पंडित राकेश चतुर्वेदी, रामरतन बघेल, धीरेंद्र सिंह चौहान, प्रेम सिंह रघुवंशी और ओंकार साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन के दौरान सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। श्रावण मास में मंदिर में चल रहे इस विशेष आयोजन को लेकर आगे भी श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। केदारनाथ परसावेश्वर शिवलिंग के निर्माण और नारियल पानी अभिषेक के बाद सोमवार को चार फीट के बाबा बर्फानी के पूजन-अभिषेक का कार्यक्रम रखा गया है। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को श्रावण के अलग-अलग दिनों में भगवान शिव के विविध स्वरूपों की आराधना का अवसर मिलेगा।
