- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- देशभर में बारिश का कहर, अमरनाथ यात्रा रुकी; दिल्ली में जलभराव, बिहार में 300 घर डूबे
देशभर में बारिश का कहर, अमरनाथ यात्रा रुकी; दिल्ली में जलभराव, बिहार में 300 घर डूबे
Digital Desk
जम्मू-कश्मीर से बिहार और उत्तर प्रदेश तक बारिश का असर, कई शहरों में सड़कें जलमग्न और नदियां उफान पर
देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा फिर रोक दी गई। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त तक जम्मू क्षेत्र में तेज बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर हालात सामान्य होने तक श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
दूसरी ओर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर करीब चार फीट तक पानी जमा होने की बात सामने आई है। जलभराव के कारण कई गाड़ियां रास्ते में फंस गईं और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा।
मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राजधानी में अगस्त के पहले सप्ताह में ही 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। यह 2011 के बाद अगस्त के शुरुआती दिनों में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश बताई जा रही है। लगातार बारिश के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी जमा होने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार में नेपाल से आने वाले पानी के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर है। कई गांवों में तीन फीट तक पानी पहुंच गया है। वहीं पश्चिमी चंपारण के बगहा में गंडक नदी का पानी करीब 300 घरों में घुस गया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। गांवों में पानी बढ़ने के बाद लोगों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।
उत्तर प्रदेश में भी पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। करीब 25 दिनों से अलग-अलग इलाकों में हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों पर पानी पहुंच गया है। करीब 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। कई छोटे मंदिरों में भी पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। घाटों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
आगरा में बारिश के बीच सड़क धंसने की घटना भी सामने आई है। सड़क का एक हिस्सा धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। ऐसे स्थानों पर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की जरूरत बढ़ गई है, क्योंकि लगातार बारिश से जमीन के नीचे पानी का दबाव बढ़ने के कारण सड़कें और कमजोर हो सकती हैं।
उत्तराखंड में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। पिथौरागढ़ के धारचूला में काली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। गरियाबंद में कई रास्तों पर पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में बच्चे पानी से भरे रास्तों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर दिखाई दिए। जलभराव के कारण ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी इलाके में भी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं। कई जगह इतना पानी जमा हुआ कि लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं बच्चे पानी भरी सड़कों पर खेलते नजर आए। मौसम के इस बदले मिजाज ने एक साथ कई राज्यों में प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा रोकने से लेकर दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था, बिहार में बाढ़ और उत्तर प्रदेश में बढ़ते नदी जलस्तर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
देशभर में बारिश का कहर, अमरनाथ यात्रा रुकी; दिल्ली में जलभराव, बिहार में 300 घर डूबे
Digital Desk
देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा फिर रोक दी गई। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अगस्त तक जम्मू क्षेत्र में तेज बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यात्रा मार्ग पर हालात सामान्य होने तक श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
दूसरी ओर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर करीब चार फीट तक पानी जमा होने की बात सामने आई है। जलभराव के कारण कई गाड़ियां रास्ते में फंस गईं और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा।
मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। राजधानी में अगस्त के पहले सप्ताह में ही 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। यह 2011 के बाद अगस्त के शुरुआती दिनों में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश बताई जा रही है। लगातार बारिश के कारण दिल्ली के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी जमा होने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार में नेपाल से आने वाले पानी के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर है। कई गांवों में तीन फीट तक पानी पहुंच गया है। वहीं पश्चिमी चंपारण के बगहा में गंडक नदी का पानी करीब 300 घरों में घुस गया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। गांवों में पानी बढ़ने के बाद लोगों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।
उत्तर प्रदेश में भी पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। करीब 25 दिनों से अलग-अलग इलाकों में हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों पर पानी पहुंच गया है। करीब 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। कई छोटे मंदिरों में भी पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। घाटों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
आगरा में बारिश के बीच सड़क धंसने की घटना भी सामने आई है। सड़क का एक हिस्सा धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। ऐसे स्थानों पर प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की जरूरत बढ़ गई है, क्योंकि लगातार बारिश से जमीन के नीचे पानी का दबाव बढ़ने के कारण सड़कें और कमजोर हो सकती हैं।
उत्तराखंड में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। पिथौरागढ़ के धारचूला में काली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। गरियाबंद में कई रास्तों पर पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में बच्चे पानी से भरे रास्तों को पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर दिखाई दिए। जलभराव के कारण ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी इलाके में भी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं। कई जगह इतना पानी जमा हुआ कि लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। वहीं बच्चे पानी भरी सड़कों पर खेलते नजर आए। मौसम के इस बदले मिजाज ने एक साथ कई राज्यों में प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा रोकने से लेकर दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था, बिहार में बाढ़ और उत्तर प्रदेश में बढ़ते नदी जलस्तर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है।
