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भोपाल में IMSCON-26: कम उम्र में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर पर अलर्ट, HPV वैक्सीनेशन और स्क्रीनिंग पर जोर
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में Indian Menopause Society के IMSCON-26 सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा—समय पर जांच और टीकाकरण से घट सकती है मृत्यु दर; ओपीडी से लाइव टेलीरोबोटिक सर्जरी का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश की राजधानी में आयोजित राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन IMSCON-26 से महिला स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी सामने आई है। विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर अब केवल 40–50 वर्ष की आयु तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 20 से 30 वर्ष की युवतियों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सम्मेलन में समय पर स्क्रीनिंग, HPV वैक्सीनेशन और तकनीकी हस्तक्षेप को कैंसर नियंत्रण की प्रमुख रणनीति बताया गया।
सम्मेलन का आयोजन इंडियन मेनोपॉज सोसायटी के तत्वावधान में हुआ, जिसमें देशभर से स्त्री रोग, ऑन्कोलॉजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, जहां 90 प्रतिशत महिलाओं की नियमित कैंसर स्क्रीनिंग आवश्यक मानी जाती है, वहीं देश में तीन प्रतिशत से भी कम महिलाएं जांच कराती हैं। विशेषज्ञों ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बताया।
अहमदाबाद से आई सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंजना चौहान ने कहा कि बदलती जीवनशैली, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, हार्मोनल असंतुलन और तनाव जैसे कारक कम उम्र में कैंसर जोखिम बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, शुरुआती चरण में रोग की पहचान होने पर उपचार की सफलता दर अधिक रहती है, जबकि देर से पहचान उपचार को जटिल और महंगा बना देती है।
सम्मेलन में सर्वाइकल कैंसर रोकथाम पर भी विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण लंबे समय तक बिना लक्षण के शरीर में रह सकता है और बाद में कैंसर का रूप ले सकता है। इस पृष्ठभूमि में किशोरियों के लिए HPV वैक्सीनेशन अभियान को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता बताया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर टीकाकरण से आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी संभव है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण टेलीरोबोटिक सर्जरी का लाइव प्रदर्शन रहा। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भावे चित्तावर ने ओपीडी से रोबोटिक सिस्टम के माध्यम से मरीज की सर्जरी की, जिसका सीधा प्रसारण सम्मेलन स्थल पर किया गया। विशेषज्ञों ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार और सुलभ उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं के स्वास्थ्य जोखिमों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती गुप्ता ने बताया कि एस्ट्रोजेन हार्मोन में कमी से हड्डियों की घनत्व घटती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और विटामिन डी की पर्याप्तता पर जोर दिया।
सम्मेलन के अंतर्गत 1 मार्च को सार्वजनिक फोरम का आयोजन प्रस्तावित है, जहां आम नागरिक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे। आयोजकों ने रियायती जांच सुविधा उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है।
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