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भोपाल में रहवासी इलाकों के कमर्शियल अड्डों पर शिकंजा, नगर निगम की सीलिंग से हड़कंप; व्यापारी सड़कों पर
Digital Desk
भोपाल नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग अभियान तेज कर दिया है। कार्रवाई के बाद व्यापारियों में नाराजगी है और वे राहत की मांग कर रहे हैं।
राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। नोटिस और जांच की प्रक्रिया के बाद अब नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करा रही हैं। 31 अगस्त से शुरू हुए अभियान में 100 से अधिक प्रतिष्ठानों के बंद होने की जानकारी सामने आई है।
कार्रवाई के बीच व्यापारियों में नाराजगी भी बढ़ रही है। कोलार समेत कई क्षेत्रों में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया है। व्यापारियों का कहना है कि कई प्रतिष्ठान लंबे समय से संचालित हैं और अचानक कार्रवाई से उनके कारोबार और आजीविका पर असर पड़ रहा है।
8264 नोटिस के बाद सीलिंग का चरण
नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, 26 अगस्त तक करीब 8,264 नोटिस जारी किए जा चुके थे। अंतिम नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निगम ने सीलिंग शुरू की है। कुछ प्रतिष्ठानों को कार्रवाई से पहले 24 घंटे के नोटिस भी दिए गए थे।
अभियान के तहत अरेरा कॉलोनी, सर्वधर्म, गौतम नगर, खानूगांव और अन्य इलाकों में कार्रवाई की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में सील या बंद किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या अलग-अलग बताई गई है, इसलिए अभियान के अंतिम आंकड़े आने तक किसी एक संख्या को अंतिम मानना उचित नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
रहवासी क्षेत्रों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों का मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से भी जुड़ा है। नगर निगम का मौजूदा अभियान इसी नियामकीय व्यवस्था के अनुपालन के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है।
निगम का फोकस ऐसे प्रतिष्ठानों पर है, जहां आवासीय उपयोग की अनुमति वाले परिसरों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का आरोप है।
कार्रवाई के विरोध में व्यापारी
सीलिंग अभियान के खिलाफ व्यापारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि वर्षों से संचालित दुकानों पर अचानक कार्रवाई करने के बजाय सरकार को व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। कुछ व्यापारियों ने शहर में मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Land Use) नीति लागू करने की मांग भी उठाई है।
1 सितंबर को बड़ी संख्या में व्यापारियों के प्रदर्शन की खबर सामने आई थी। प्रदर्शनकारियों ने राहत नहीं मिलने पर भोपाल बंद की चेतावनी भी दी।
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