मध्य प्रदेश में फरवरी में चौथी बार बारिश का अलर्ट, पूर्वी जिलों में गरज-चमक और आंधी की चेतावनी

भोपाल (म.प्र.)

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लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय; मौसम विभाग ने आठ जिलों में वर्षा की संभावना जताई, तापमान में गिरावट के संकेत

राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज राज्य के पूर्वी क्षेत्र के आठ जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार यह फरवरी महीने में प्रदेश में होने वाला चौथा वर्षा चक्र होगा, जिसका असर कृषि गतिविधियों और तापमान पर पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय लो प्रेशर एरिया और उससे जुड़ी ट्रफ लाइन के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव दर्ज किया जा रहा है। यही प्रणाली पूर्वी मध्य प्रदेश के सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों को प्रभावित कर सकती है। सोमवार को इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के अपेक्षित प्रभाव के आगे बढ़ जाने के बाद यह नया सिस्टम सक्रिय हुआ है। रविवार को राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। अब यह प्रणाली पूर्वी क्षेत्रों में प्रभावी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वायुमंडलीय दबाव और नमी के कारण यह असामान्य वर्षा क्रम देखने को मिल रहा है।

फरवरी के शुरुआती सप्ताह से प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। पहले दो दौर में कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे गेहूं और चना जैसी रबी फसलों को नुकसान हुआ। तीसरा वर्षा चक्र 18 से 21 फरवरी के बीच सक्रिय रहा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे भी कराया था। अब चौथी बार वर्षा की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

तापमान के मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव जारी है। हालिया बादल और नमी के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि रात के तापमान में कुछ राहत देखी गई। पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वर्षा के बाद दिन का तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बार-बार बदलते मौसम पैटर्न जलवायु प्रवृत्तियों में बदलाव का संकेत भी हो सकते हैं। हालांकि विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने और किसानों को फसल प्रबंधन के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

राज्य प्रशासन ने भी मौसम अलर्ट के मद्देनजर स्थानीय स्तर पर तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। यदि वर्तमान प्रणाली अपेक्षा के अनुसार सक्रिय रहती है, तो आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर दौर जारी रह सकता है।

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