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जबलपुर में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, सड़क-नाली तोड़ी गई
जबलपुर,(म.प्र.)
कलेक्टर के निर्देश पर दलपतपुर में देर रात तक चली कार्रवाई, कॉलोनाइजरों पर एफआईआर की तैयारी; प्रशासन ने निवेशकों को भी दी चेतावनी
जबलपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम दलपतपुर में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर शनिवार को बुलडोजर चलाया गया, जहां बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद संबंधित कॉलोनाइजर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ग्राम दलपतपुर क्षेत्र में लंबे समय से बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन की ओर से जांच के बाद यह पाया गया कि कॉलोनी विकास के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और अनुमति दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद संबंधित कॉलोनाइजर श्री गुरुजी कंस्ट्रक्शन को विधिवत नोटिस जारी किया गया था और अवैध निर्माण स्वयं हटाने का अवसर भी दिया गया। हालांकि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसी के चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम अनुराग सिंह के नेतृत्व में शनिवार को संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई में नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम शामिल रही। मौके पर तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और भेड़ाघाट थाना पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया गया। शाम से शुरू हुई कार्रवाई रात तक चलती रही। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य आधारभूत संरचनाएं पूरी तरह अवैध रूप से विकसित की गई थीं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कॉलोनी का विकास नियमानुसार अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस और स्वीकृति के की गई प्लॉटिंग तथा विकास कार्य कानून का उल्लंघन है। इसी कारण अवैध रूप से तैयार किए गए निर्माणों को हटाकर भूमि को उसकी मूल स्थिति में वापस लाने की कार्रवाई की गई।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसी अन्य कॉलोनियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जहां कहीं भी बिना अनुमति के कॉलोनी विकास पाया जाएगा, वहां इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं और कानूनी अधिकारों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर भूखंड खरीद लेते हैं और बाद में पता चलता है कि कॉलोनी को वैधानिक मंजूरी ही नहीं मिली है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोरखपुर ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ केवल निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। संबंधित प्रकरण सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष भी प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने, आर्थिक दंड लगाने और अन्य कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि लगातार सख्ती से ही अवैध कॉलोनी कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी रही। कई नागरिकों का कहना है कि शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जिससे नियोजित विकास प्रभावित होता है। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समय रहते कदम उठाना जरूरी है ताकि आम लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच करें। कॉलोनाइजर का लाइसेंस, विकास अनुमति, भूमि संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी स्वीकृतियां देखने के बाद ही कोई निर्णय लें। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी विवाद, मूलभूत सुविधाओं की कमी और संपत्ति संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दलपतपुर में हुई इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाने के संकेत दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जबलपुर में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, सड़क-नाली तोड़ी गई
जबलपुर,(म.प्र.)
जबलपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम दलपतपुर में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर शनिवार को बुलडोजर चलाया गया, जहां बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई देर रात तक जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद संबंधित कॉलोनाइजर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ग्राम दलपतपुर क्षेत्र में लंबे समय से बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन की ओर से जांच के बाद यह पाया गया कि कॉलोनी विकास के लिए आवश्यक स्वीकृतियां और अनुमति दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद संबंधित कॉलोनाइजर श्री गुरुजी कंस्ट्रक्शन को विधिवत नोटिस जारी किया गया था और अवैध निर्माण स्वयं हटाने का अवसर भी दिया गया। हालांकि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया। इसी के चलते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम अनुराग सिंह के नेतृत्व में शनिवार को संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई में नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम शामिल रही। मौके पर तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और भेड़ाघाट थाना पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया गया। शाम से शुरू हुई कार्रवाई रात तक चलती रही। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में बनाई गई सड़कें, नालियां और अन्य आधारभूत संरचनाएं पूरी तरह अवैध रूप से विकसित की गई थीं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कॉलोनी का विकास नियमानुसार अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस और स्वीकृति के की गई प्लॉटिंग तथा विकास कार्य कानून का उल्लंघन है। इसी कारण अवैध रूप से तैयार किए गए निर्माणों को हटाकर भूमि को उसकी मूल स्थिति में वापस लाने की कार्रवाई की गई।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसी अन्य कॉलोनियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जहां कहीं भी बिना अनुमति के कॉलोनी विकास पाया जाएगा, वहां इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं और कानूनी अधिकारों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर भूखंड खरीद लेते हैं और बाद में पता चलता है कि कॉलोनी को वैधानिक मंजूरी ही नहीं मिली है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोरखपुर ने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ केवल निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। संबंधित प्रकरण सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष भी प्रस्तुत किए जाएंगे ताकि वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने, आर्थिक दंड लगाने और अन्य कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि लगातार सख्ती से ही अवैध कॉलोनी कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी रही। कई नागरिकों का कहना है कि शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, जिससे नियोजित विकास प्रभावित होता है। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समय रहते कदम उठाना जरूरी है ताकि आम लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जांच करें। कॉलोनाइजर का लाइसेंस, विकास अनुमति, भूमि संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी स्वीकृतियां देखने के बाद ही कोई निर्णय लें। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी विवाद, मूलभूत सुविधाओं की कमी और संपत्ति संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दलपतपुर में हुई इस कार्रवाई को जबलपुर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाने के संकेत दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
