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दतिया में उपचुनाव की वोटिंग जारी, शुरुआती घंटों में 12.94% मतदान
दतिया (म.प्र.)
2.20 लाख से ज्यादा मतदाता तय करेंगे 21 प्रत्याशियों का भविष्य; 291 बूथों पर मतदान, भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने विकास को बताया प्रमुख मुद्दा
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान जारी है। सुबह 7 बजे मतदान केंद्रों के दरवाजे खुलने के साथ ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ती दिखाई दी और अब तक 12.94 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। मतदान खत्म होने तक जो मतदाता निर्धारित नियमों के अनुसार कतार में लग जाएंगे, उन्हें वोट डालने का अवसर दिया जाएगा।
उपचुनाव को देखते हुए प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। मतदान केंद्रों पर वोटर्स की पहचान से लेकर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी तक अलग-अलग स्तर पर कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दतिया में 2.20 लाख से अधिक मतदाता
दतिया विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1 लाख 16 हजार 116 पुरुष और 1 लाख 4 हजार 284 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी में 10 मतदाता दर्ज हैं। यही मतदाता चुनाव मैदान में उतरे 21 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।
सुबह मतदान शुरू होने के बाद कई बूथों पर मतदाता कतारों में नजर आए। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी मतदान केंद्रों पर लोगों की आवाजाही बनी हुई है। प्रशासन की ओर से मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
291 मतदान केंद्र, ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा बूथ
पूरे दतिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए 291 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं। इनमें 185 बूथ ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जबकि शहरी इलाके में 106 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
सुरक्षा और पिछले चुनावों से जुड़े आकलन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों को विशेष निगरानी में रखा है। कुल 233 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि 28 बूथ वल्नरेबल माने गए हैं। ऐसे मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ चुनावी गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई गई है।
36 सेक्टर में बांटा गया विधानसभा क्षेत्र
मतदान के दौरान किसी भी तरह की परेशानी पर तेजी से कार्रवाई हो सके, इसके लिए दतिया विधानसभा क्षेत्र को 36 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मतदान केंद्रों से मिलने वाली सूचनाओं को लगातार संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
उपचुनाव की व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1,280 मतदानकर्मी लगाए गए हैं। इसके अलावा 215 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। क्रिटिकल और वल्नरेबल मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
भाजपा-कांग्रेस समेत 21 उम्मीदवार मैदान में
दतिया का उपचुनाव राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यहां 21 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह चुनाव मैदान में हैं। दामोदर यादव की मौजूदगी ने भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाया है। इनके अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
मुख्य राजनीतिक दलों ने प्रचार के दौरान स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मतदान के दिन उम्मीदवार और उनके समर्थक भी अलग-अलग मतदान केंद्रों से आने वाले वोटिंग ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।
आशुतोष तिवारी बोले- विकास पर वोट कर रही जनता
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान के बीच दावा किया कि दतिया की जनता विकास से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना मत दे रही है। उनका कहना है कि मतदाताओं में चुनाव को लेकर उत्साह है और क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषय इस उपचुनाव के केंद्र में हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस समेत अन्य प्रत्याशियों की नजर भी मतदान प्रतिशत पर बनी हुई है। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी बूथों पर मतदान की रफ्तार चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
मतदान के दौरान क्रिटिकल और वल्नरेबल बूथों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है। मतदान केंद्रों के आसपास भीड़ प्रबंधन से लेकर चुनाव आचार संबंधी नियमों के पालन तक प्रशासन की टीमें निगरानी कर रही हैं।
सेक्टर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। माइक्रो ऑब्जर्वर भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। मतदान से संबंधित किसी तकनीकी समस्या या दूसरी शिकायत के सामने आने पर संबंधित टीमों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
3 अगस्त को खुलेगा उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा
दतिया में शाम 6 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी। वोटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचाया जाएगा। मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। इसी दिन यह स्पष्ट होगा कि दतिया विधानसभा सीट पर मतदाताओं ने किस प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुना है।
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दतिया में उपचुनाव की वोटिंग जारी, शुरुआती घंटों में 12.94% मतदान
दतिया (म.प्र.)
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान जारी है। सुबह 7 बजे मतदान केंद्रों के दरवाजे खुलने के साथ ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ती दिखाई दी और अब तक 12.94 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। निर्वाचन प्रक्रिया शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। मतदान खत्म होने तक जो मतदाता निर्धारित नियमों के अनुसार कतार में लग जाएंगे, उन्हें वोट डालने का अवसर दिया जाएगा।
उपचुनाव को देखते हुए प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। मतदान केंद्रों पर वोटर्स की पहचान से लेकर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया की निगरानी तक अलग-अलग स्तर पर कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दतिया में 2.20 लाख से अधिक मतदाता
दतिया विधानसभा क्षेत्र में इस बार कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 1 लाख 16 हजार 116 पुरुष और 1 लाख 4 हजार 284 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी में 10 मतदाता दर्ज हैं। यही मतदाता चुनाव मैदान में उतरे 21 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।
सुबह मतदान शुरू होने के बाद कई बूथों पर मतदाता कतारों में नजर आए। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी मतदान केंद्रों पर लोगों की आवाजाही बनी हुई है। प्रशासन की ओर से मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने और मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
291 मतदान केंद्र, ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा बूथ
पूरे दतिया विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए 291 मतदान केंद्र तैयार किए गए हैं। इनमें 185 बूथ ग्रामीण क्षेत्र में हैं, जबकि शहरी इलाके में 106 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
सुरक्षा और पिछले चुनावों से जुड़े आकलन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों को विशेष निगरानी में रखा है। कुल 233 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि 28 बूथ वल्नरेबल माने गए हैं। ऐसे मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ चुनावी गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई गई है।
36 सेक्टर में बांटा गया विधानसभा क्षेत्र
मतदान के दौरान किसी भी तरह की परेशानी पर तेजी से कार्रवाई हो सके, इसके लिए दतिया विधानसभा क्षेत्र को 36 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। मतदान केंद्रों से मिलने वाली सूचनाओं को लगातार संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
उपचुनाव की व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1,280 मतदानकर्मी लगाए गए हैं। इसके अलावा 215 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। क्रिटिकल और वल्नरेबल मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
भाजपा-कांग्रेस समेत 21 उम्मीदवार मैदान में
दतिया का उपचुनाव राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। यहां 21 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से घनश्याम सिंह चुनाव मैदान में हैं। दामोदर यादव की मौजूदगी ने भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाया है। इनके अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
मुख्य राजनीतिक दलों ने प्रचार के दौरान स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मतदान के दिन उम्मीदवार और उनके समर्थक भी अलग-अलग मतदान केंद्रों से आने वाले वोटिंग ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।
आशुतोष तिवारी बोले- विकास पर वोट कर रही जनता
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान के बीच दावा किया कि दतिया की जनता विकास से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना मत दे रही है। उनका कहना है कि मतदाताओं में चुनाव को लेकर उत्साह है और क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषय इस उपचुनाव के केंद्र में हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस समेत अन्य प्रत्याशियों की नजर भी मतदान प्रतिशत पर बनी हुई है। खासतौर पर ग्रामीण और शहरी बूथों पर मतदान की रफ्तार चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
मतदान के दौरान क्रिटिकल और वल्नरेबल बूथों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है। मतदान केंद्रों के आसपास भीड़ प्रबंधन से लेकर चुनाव आचार संबंधी नियमों के पालन तक प्रशासन की टीमें निगरानी कर रही हैं।
सेक्टर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। माइक्रो ऑब्जर्वर भी चुनाव प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। मतदान से संबंधित किसी तकनीकी समस्या या दूसरी शिकायत के सामने आने पर संबंधित टीमों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
3 अगस्त को खुलेगा उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा
दतिया में शाम 6 बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी। वोटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचाया जाएगा। मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। इसी दिन यह स्पष्ट होगा कि दतिया विधानसभा सीट पर मतदाताओं ने किस प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुना है।
