बजट 2026-27 से ‘समृद्ध और सम्पन्न मध्यप्रदेश’ का संकल्प मजबूत: मुख्यमंत्री

भोपाल (म.प्र.)

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4.38 लाख करोड़ का प्रावधान, बिना नए कर के विकास और जनकल्याण पर फोकस

मध्यप्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि यह बजट समृद्ध, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर का बोझ नहीं डाला गया है और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ज्ञान आधारित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ उद्योग और आधारभूत संरचना को भी प्राथमिकता दी है। बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से तैयार करते हुए रोलिंग मॉडल अपनाया गया है, जिससे अगले तीन वर्षों का विकास खाका तय होगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार का रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

अर्थव्यवस्था और आय में वृद्धि

मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.69 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय में भी वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। पूंजीगत व्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

किसान कल्याण और कृषि पर विशेष जोर

कृषि वर्ष घोषित करते हुए सरकार ने किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया है। इसमें कृषि उत्पादन वृद्धि, आदान व्यवस्था, उपज का बेहतर मूल्य और सुरक्षा चक्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इसे बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट व्यवस्था की अभिनव पहल बताया।

अधोसंरचना में रिकॉर्ड निवेश

प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत प्रावधान किया गया है। मजरा-टोला सड़क योजना, क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण और सिंहस्थ महापर्व से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है। शहरी विकास के लिए ‘द्वारका योजना’ के तहत आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रुपए निवेश की संभावना जताई गई है।

महिला, बाल और युवा कल्याण

मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपए और यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान है। ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन के लिए 10 हजार 428 करोड़ रुपए रखे गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।

पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 13.5 करोड़ पर्यटक आए हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। हेली सेवा, टेंट सिटी और होम-स्टे जैसी पहलें पर्यटन को बढ़ावा देंगी। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या बढ़कर 38 हो चुकी है और वन्यजीव संरक्षण के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से बजट आकार में निरंतर वृद्धि होती रहेगी और अमृतकाल 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रसर रहेगा।

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