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इंदौर में CM मोहन यादव का Gen-Z शिक्षकों से संवाद, नई शिक्षा व्यवस्था पर लिए सुझाव
इंदौर (म.प्र.)
शिक्षक दिवस पर प्रदेशभर के युवा शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से आमने-सामने चर्चा; तकनीक, लर्निंग सिस्टम और विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों पर हुई बात
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के Gen-Z शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संवाद किया। अहिल्या आश्रम क्रमांक-1 में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ष 1997 के बाद जन्मे शासकीय शिक्षकों और अधिकारियों को शामिल किया गया। मुख्यमंत्री ने युवा शिक्षकों से सीधे बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि नई पीढ़ी शिक्षा व्यवस्था को किस नजरिए से देखती है और स्कूलों में आने वाली नई चुनौतियों को किस तरह महसूस करती है।
संवाद के दौरान शिक्षण के नए तरीकों, विद्यार्थियों की बदलती सीखने की आदतों, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के सामने अपने अनुभव और सुझाव रखे। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
तकनीक और व्यक्तिगत सीखने पर चर्चा
संवाद के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सवाल पूछे। एक शिक्षक ने मुख्यमंत्री से पूछा कि व्यक्तिगत लर्निंग सॉफ्टवेयर (Personalised Learning Software) को स्कूलों में प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए शिक्षकों को किस तरह का प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। शिक्षक ने सवाल किया कि नई तकनीक आधारित व्यवस्था को लागू करने से पहले शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए क्या विशेष प्रशिक्षण योजना बनाई जाएगी।
CM ने शिक्षकों से पूछा- प्लेन कैसे उड़ता है?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों से बातचीत करते हुए कई उदाहरण दिए। उन्होंने प्रकृति और ज्ञान के संबंध को समझाते हुए शिक्षकों से सवाल किया कि विमान कैसे उड़ता है? मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विषय को समझने के लिए उसे देखने का नजरिया महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने पंचतंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्ञान के अलग-अलग पहलुओं को जोड़कर समझने की जरूरत है।
हॉल में जगह कम पड़ने पर लाइव प्रसारण
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों और अधिकारियों की मौजूदगी रही। हॉल में जगह सीमित होने के कारण कुछ प्रतिभागियों के लिए अन्य कक्षों में बैठने की व्यवस्था की गई, जहां वे लाइव प्रसारण के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।यह संवाद नई पीढ़ी के शिक्षकों के अनुभवों को समझने और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए उनके सुझाव लेने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
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