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सीधी में सोन नदी उफान पर, ऑरेंज अलर्ट जारी; दो जगह खतरे के निशान से ऊपर पानी
सीधी
कोलदहा में जलस्तर खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर और शिकारगंज में 2.09 मीटर ऊपर; बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में बढ़ाई निगरानी।
सीधी जिले में सोन नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गया है। कोलदहा और शिकारगंज क्षेत्र में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लगातार बारिश के साथ बाणसागर बांध से छोड़े जा रहे पानी का असर भी सोन नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। बाणसागर में पानी की आवक बढ़ने के बाद पहले छह और बाद में आठ रेडियल गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है।
केंद्रीय जल आयोग के 4 सितंबर सुबह 6 बजे के बुलेटिन के अनुसार कोलदहा ब्रिज पर सोन नदी का जलस्तर 238.30 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का स्तर 238.25 मीटर है, यानी नदी 0.05 मीटर ऊपर बह रही थी। इस स्थान पर जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है। वहीं शिकारगंज ब्रिज क्षेत्र में जलस्तर 245.09 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का स्तर 243 मीटर है। यानी नदी 2.09 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि शिकारगंज में जलस्तर में गिरावट का रुझान भी दर्ज किया गया है।
बाणसागर से बढ़ा नदी में पानी
सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के पीछे लगातार बारिश के साथ बाणसागर बांध में बढ़ी पानी की आवक भी अहम वजह है। 3 सितंबर को बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज होने और आठ रेडियल गेटों को 2.50 मीटर तक खोलने की जानकारी सामने आई थी। इससे सोन नदी में हजारों क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था। इससे पहले 30 अगस्त को भी बाणसागर के छह रेडियल गेट खोलकर करीब 2454 क्यूमेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने की सूचना दी गई थी। उस समय सीधी के तटीय क्षेत्रों में बसे 24 गांवों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया था।
रामपुर नैकिन से अमिलिया तक निगरानी
सोन नदी के निचले इलाकों में प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है। रामपुर नैकिन, अमिलिया और सिहावल क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। शिकारगंज, चंदरेह, गुजरेड, घुंघुटा, झगरी, झाला, डिठौरा, भितरी, खैरा, हनुमानगढ़, बेल्दह और अकौरी समेत कई गांवों को संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर अलर्ट किया गया है। सिहावल क्षेत्र में भी ढाबा, तरिहा, खड़बड़ा, परसौना कला, परसौना खुर्द, दुरांव, रामनगर, बमुरी, सिहावल, गेरुआ, मेढ़ौली, बघोर, सोनतीर पटेहरा, रामडीह और मरसरहा सहित नदी किनारे के गांवों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
गांवों में मुनादी, नदी से दूर रहने की अपील
प्रशासन की ओर से प्रभावित और संभावित प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सोन नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों से तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने और नदी पार करने का जोखिम नहीं लेने को कहा गया है। बच्चों को जलस्रोतों से दूर रखने के साथ पशुओं को भी नदी किनारे नहीं ले जाने की अपील की गई है। राजस्व और अन्य संबंधित विभागों का मैदानी अमला संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रख रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निगरानी के निर्देश
सोन नदी की स्थिति को देखते हुए सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को कोलदहा और शिकारगंज क्षेत्र में लगातार जलस्तर की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिले के अमृत सरोवर, बांध, नदियों और चेक डैम की स्थिति की भी जांच करने तथा जरूरत के मुताबिक सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में लगातार बारिश के बीच प्रशासन को राहत और बचाव संसाधन तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश भी इस मौसम गतिविधि से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।
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