मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर संकट

भोपाल (म.प्र.)

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ईरान-इजराइल तनाव से प्रभावित आपूर्ति; कई शहरों में डिलीवरी रुकी, इंदौर में प्रशासन ने पारंपरिक ईंधन इस्तेमाल की सलाह दी

मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पिछले दो दिनों से ठप हो गई है, जिससे होटल-रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और छोटे कारोबारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान-इजराइल तनाव के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब राज्य के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। यह आज की ताज़ा ख़बरों में प्रमुख मुद्दा बन गया है और स्थानीय कारोबारियों के साथ आम उपभोक्ता भी चिंता में हैं।

राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, धार और बड़वानी समेत कई जिलों से कमर्शियल सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। होटल और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस नहीं मिलने से शादी-समारोह और बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करना मुश्किल हो सकता है। अकेले भोपाल में अगले 20 दिनों में एक हजार से अधिक शादियां निर्धारित हैं, जिससे कैटरर्स की चिंता और बढ़ गई है।

भोपाल के एक कैटरिंग कारोबारी रामबाबू शर्मा ने बताया कि एक बड़े आयोजन में करीब 10 कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। उनके पास फिलहाल एक शादी के लिए गैस उपलब्ध है, लेकिन आगे की बुकिंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। राजधानी में करीब एक हजार कैटरिंग कारोबारी सक्रिय हैं, जिनमें से अधिकांश इसी समस्या से जूझ रहे हैं।

इंदौर में हालात को देखते हुए खाद्य विभाग ने कैटरिंग संगठनों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि अस्थायी तौर पर लकड़ी, कंडे और पारंपरिक भट्ठियों जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाए। बैठक के बाद कैटरिंग संगठनों ने भी शादियों में व्यंजनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। पहले जहां कई समारोहों में 80 से 100 प्रकार के पकवान बनाए जाते थे, वहीं अब इसे घटाकर लगभग 15 प्रकार तक सीमित करने की योजना बनाई गई है।

गैस संकट का असर केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं है। सराफा कारोबार में भी समस्या बढ़ रही है। भोपाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार शहर में करीब तीन हजार कारीगर काम करते हैं और प्रत्येक कारीगर को औसतन तीन सिलेंडर प्रतिमाह की जरूरत होती है। इस हिसाब से सराफा उद्योग में रोजाना करीब 300 सिलेंडर की खपत होती है।

राज्य के कई जिलों में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं। रायसेन और उज्जैन में लोगों ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी दिक्कत आ रही है, जिसके कारण उन्हें सीधे एजेंसी पर पहुंचना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर बुकिंग के बाद डिलीवरी में कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और अस्पतालों, हॉस्टलों तथा जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि कमर्शियल गैस की सप्लाई कब तक सामान्य होगी, इसे लेकर फिलहाल स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है। यह मामला अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों से जुड़ी पब्लिक इंटरेस्ट स्टोरी के रूप में भी चर्चा में है, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा संकट का असर सीधे स्थानीय बाजार तक पहुंच रहा है।

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