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धीरेंद्र शास्त्री की गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मांग तेज
खजुराहो,(म.प्र.)
27 जुलाई को देशभर में चलेगा हस्ताक्षर अभियान, संत समाज से दिल्ली पहुंचने की अपील
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को देशभर के सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे और हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए। कथा में मौजूद श्रद्धालुओं और संत समाज के बीच इस घोषणा को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों उत्तराखंड यात्रा पर हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 21 दिनों की कठिन साधना पूरी करने के बाद बद्रीनाथ धाम में पांच दिवसीय श्री सत्यनारायण कथा की शुरुआत की है। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर विस्तार से बात की और देशभर के सनातनियों, गौ सेवकों और संत समाज से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए देशव्यापी स्तर पर आवाज उठाई जाए।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा में गाय का विशेष स्थान रहा है। सदियों से गाय को पूजनीय माना जाता रहा है और गांवों की अर्थव्यवस्था से लेकर धार्मिक आस्था तक उसका गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि अगर देश में कई चीजों को राष्ट्रीय दर्जा दिया जा सकता है तो गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग भी गंभीरता से सुनी जानी चाहिए। इसके लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आगे आना होगा।
पंडित शास्त्री ने अपने संबोधन में सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी बननी चाहिए जिससे गौ माताओं को सम्मानपूर्वक गौशालाओं तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कई शहरों और गांवों में बड़ी संख्या में गायें सड़कों पर भटकती नजर आती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि गौ संरक्षण को लेकर गंभीर कदम उठाए जाएं।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक समाचार का जिक्र करते हुए कहा कि अब मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के समर्थन में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मौलाना मदनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी इस मांग को लेकर समर्थन जताया है। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम लोग गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं, लेकिन अब वे भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में आगे आ रहे हैं। देश बदल रहा है।” उनके इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।
हालांकि उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। बीते कुछ वर्षों में गौ संरक्षण और गौ राजनीति का मुद्दा कई बार राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। कई राज्यों में गौवंश संरक्षण को लेकर कानून भी बनाए गए हैं। वहीं विपक्षी दल समय-समय पर इस मुद्दे पर सरकारों को घेरते रहे हैं। ऐसे माहौल में पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह अभियान आने वाले समय में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है।
उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी संत महात्मा, गौ सेवक और सनातनी एकजुट होकर दिल्ली पहुंचें और सरकार के सामने अपनी मांग मजबूती से रखें। उनके मुताबिक यह सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अगर समाज एकजुट होकर आवाज उठाएगा तो सरकार को इस दिशा में फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।
27 जुलाई को प्रस्तावित इस अभियान के तहत देशभर के जिलों में प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ेंगे। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं और समर्थक लगातार अभियान के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं।
बद्रीनाथ धाम में चल रही कथा में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा स्थल पर सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। कथा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गौ संरक्षण का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है, लेकिन अब इसे बड़े स्तर पर अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
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धीरेंद्र शास्त्री की गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मांग तेज
खजुराहो,(म.प्र.)
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान उन्होंने कहा कि 27 जुलाई को देशभर के सभी जिलों में ज्ञापन सौंपे जाएंगे और हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए। कथा में मौजूद श्रद्धालुओं और संत समाज के बीच इस घोषणा को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों उत्तराखंड यात्रा पर हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 21 दिनों की कठिन साधना पूरी करने के बाद बद्रीनाथ धाम में पांच दिवसीय श्री सत्यनारायण कथा की शुरुआत की है। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर विस्तार से बात की और देशभर के सनातनियों, गौ सेवकों और संत समाज से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए देशव्यापी स्तर पर आवाज उठाई जाए।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा में गाय का विशेष स्थान रहा है। सदियों से गाय को पूजनीय माना जाता रहा है और गांवों की अर्थव्यवस्था से लेकर धार्मिक आस्था तक उसका गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि अगर देश में कई चीजों को राष्ट्रीय दर्जा दिया जा सकता है तो गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग भी गंभीरता से सुनी जानी चाहिए। इसके लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आगे आना होगा।
पंडित शास्त्री ने अपने संबोधन में सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसी व्यवस्था भी बननी चाहिए जिससे गौ माताओं को सम्मानपूर्वक गौशालाओं तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कई शहरों और गांवों में बड़ी संख्या में गायें सड़कों पर भटकती नजर आती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि गौ संरक्षण को लेकर गंभीर कदम उठाए जाएं।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक समाचार का जिक्र करते हुए कहा कि अब मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के समर्थन में सामने आ रहे हैं। उन्होंने मौलाना मदनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी इस मांग को लेकर समर्थन जताया है। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम लोग गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं, लेकिन अब वे भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में आगे आ रहे हैं। देश बदल रहा है।” उनके इस बयान के बाद कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।
हालांकि उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। बीते कुछ वर्षों में गौ संरक्षण और गौ राजनीति का मुद्दा कई बार राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। कई राज्यों में गौवंश संरक्षण को लेकर कानून भी बनाए गए हैं। वहीं विपक्षी दल समय-समय पर इस मुद्दे पर सरकारों को घेरते रहे हैं। ऐसे माहौल में पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह अभियान आने वाले समय में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है।
उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी संत महात्मा, गौ सेवक और सनातनी एकजुट होकर दिल्ली पहुंचें और सरकार के सामने अपनी मांग मजबूती से रखें। उनके मुताबिक यह सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अगर समाज एकजुट होकर आवाज उठाएगा तो सरकार को इस दिशा में फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।
27 जुलाई को प्रस्तावित इस अभियान के तहत देशभर के जिलों में प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ेंगे। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं और समर्थक लगातार अभियान के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं।
बद्रीनाथ धाम में चल रही कथा में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। कथा स्थल पर सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। कथा के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गौ संरक्षण का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है, लेकिन अब इसे बड़े स्तर पर अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
