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ग्वालियर में स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल, जवानों ने दिखाया दम
ग्वालियर (म.प्र.)
एसएएफ ग्राउंड पर परेड से लेकर डॉग शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अभ्यास, 15 अगस्त के आयोजन को लेकर व्यवस्थाएं भी जांचीं
ग्वालियर में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह से पहले गुरुवार सुबह एसएएफ ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल कराई गई। सुबह से ही मैदान में पुलिस, सशस्त्र बलों और दूसरे दलों के जवान अपनी-अपनी टुकड़ियों के साथ पहुंच गए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक परेड का पूरा अभ्यास कराया गया और 15 अगस्त को होने वाली गतिविधियों को उसी क्रम में दोहराया गया। मैदान में जवानों की कदमताल, सलामी और मार्चिंग के दौरान अनुशासन पर खास नजर रही। अधिकारियों ने परेड की हर टुकड़ी की गतिविधि को देखा और जहां जरूरत लगी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। रिहर्सल का मकसद सिर्फ परेड का अभ्यास करना नहीं था, बल्कि मुख्य समारोह के दौरान कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के पूरा हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था को मौके पर परखना भी था।
अलग-अलग सुरक्षा बलों के जवानों ने एक साथ मार्च किया। उनके कदमों की एक जैसी गति और कमांड के मुताबिक बदलती गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। परेड के अलावा समारोह में होने वाली दूसरी प्रस्तुतियों को भी रिहर्सल में शामिल किया गया। मैदान पर डॉग शो की टीम ने भी अभ्यास किया। प्रशिक्षित डॉग्स के जरिए होने वाली प्रस्तुतियों और उनकी गतिविधियों को तय कार्यक्रम के हिसाब से परखा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में यह देखा गया कि शो के दौरान किस तरह की व्यवस्था रखनी होगी और टीम को किस स्थान से प्रवेश और निकासी करनी है।
एसएएफ ग्राउंड पर रिहर्सल के दौरान मंच और कार्यक्रम स्थल से जुड़ी व्यवस्थाएं भी देखी गईं। बैठने की जगह, आने-जाने के रास्ते, मैदान की स्थिति और दूसरी जरूरी तैयारियों की जानकारी अधिकारियों ने ली। जिन स्थानों पर व्यवस्था में कमी दिखाई दी, वहां संबंधित कर्मचारियों को समय रहते सुधार करने के निर्देश दिए गए। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मैदान के आसपास की व्यवस्थाओं को भी जांचा गया। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा इंतजामों के साथ यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।
फुल ड्रेस रिहर्सल का एक बड़ा हिस्सा स्कूली बच्चों की देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां भी रहीं। अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मंच पर अपनी प्रस्तुति का अभ्यास किया। बच्चों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार की गई वेशभूषा में प्रस्तुति दी। मंच पर कौन सा दल कब पहुंचेगा, प्रस्तुति कितनी देर चलेगी और अगली प्रस्तुति के लिए मंच कैसे खाली होगा, इन सभी बातों को रिहर्सल में देखा गया। अधिकारियों ने बच्चों के कार्यक्रम में समय-सीमा और प्रस्तुति के क्रम को भी परखा। मैदान में मौजूद विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया और कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े आयोजन के लिए मंचीय अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच तालमेल बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया।
मुख्य समारोह में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए सभी गतिविधियों का समय तय रखा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एसएएफ ग्राउंड पर मंच, दर्शकों के बैठने की जगह, प्रवेश और निकास व्यवस्था, सुरक्षा घेरा तथा यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा दलों की तैनाती को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए। आने वाले लोगों और समारोह में शामिल होने वाले अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 15 अगस्त को इसी एसएएफ ग्राउंड पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान, स्कूली विद्यार्थी तथा शहर के लोग मौजूद रहेंगे। रिहर्सल के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों से कहा कि बची हुई तैयारियां तय समय के भीतर पूरी की जाएं और समारोह वाले दिन किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
ग्वालियर में स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल, जवानों ने दिखाया दम
ग्वालियर (म.प्र.)
ग्वालियर में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह से पहले गुरुवार सुबह एसएएफ ग्राउंड पर फुल ड्रेस रिहर्सल कराई गई। सुबह से ही मैदान में पुलिस, सशस्त्र बलों और दूसरे दलों के जवान अपनी-अपनी टुकड़ियों के साथ पहुंच गए थे। तय कार्यक्रम के मुताबिक परेड का पूरा अभ्यास कराया गया और 15 अगस्त को होने वाली गतिविधियों को उसी क्रम में दोहराया गया। मैदान में जवानों की कदमताल, सलामी और मार्चिंग के दौरान अनुशासन पर खास नजर रही। अधिकारियों ने परेड की हर टुकड़ी की गतिविधि को देखा और जहां जरूरत लगी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। रिहर्सल का मकसद सिर्फ परेड का अभ्यास करना नहीं था, बल्कि मुख्य समारोह के दौरान कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के पूरा हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था को मौके पर परखना भी था।
अलग-अलग सुरक्षा बलों के जवानों ने एक साथ मार्च किया। उनके कदमों की एक जैसी गति और कमांड के मुताबिक बदलती गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। परेड के अलावा समारोह में होने वाली दूसरी प्रस्तुतियों को भी रिहर्सल में शामिल किया गया। मैदान पर डॉग शो की टीम ने भी अभ्यास किया। प्रशिक्षित डॉग्स के जरिए होने वाली प्रस्तुतियों और उनकी गतिविधियों को तय कार्यक्रम के हिसाब से परखा गया। अधिकारियों की मौजूदगी में यह देखा गया कि शो के दौरान किस तरह की व्यवस्था रखनी होगी और टीम को किस स्थान से प्रवेश और निकासी करनी है।
एसएएफ ग्राउंड पर रिहर्सल के दौरान मंच और कार्यक्रम स्थल से जुड़ी व्यवस्थाएं भी देखी गईं। बैठने की जगह, आने-जाने के रास्ते, मैदान की स्थिति और दूसरी जरूरी तैयारियों की जानकारी अधिकारियों ने ली। जिन स्थानों पर व्यवस्था में कमी दिखाई दी, वहां संबंधित कर्मचारियों को समय रहते सुधार करने के निर्देश दिए गए। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मैदान के आसपास की व्यवस्थाओं को भी जांचा गया। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा इंतजामों के साथ यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया।
फुल ड्रेस रिहर्सल का एक बड़ा हिस्सा स्कूली बच्चों की देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां भी रहीं। अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मंच पर अपनी प्रस्तुति का अभ्यास किया। बच्चों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार की गई वेशभूषा में प्रस्तुति दी। मंच पर कौन सा दल कब पहुंचेगा, प्रस्तुति कितनी देर चलेगी और अगली प्रस्तुति के लिए मंच कैसे खाली होगा, इन सभी बातों को रिहर्सल में देखा गया। अधिकारियों ने बच्चों के कार्यक्रम में समय-सीमा और प्रस्तुति के क्रम को भी परखा। मैदान में मौजूद विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया और कई बच्चों ने पहली बार इतने बड़े आयोजन के लिए मंचीय अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच तालमेल बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया।
मुख्य समारोह में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए सभी गतिविधियों का समय तय रखा गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने एसएएफ ग्राउंड पर मंच, दर्शकों के बैठने की जगह, प्रवेश और निकास व्यवस्था, सुरक्षा घेरा तथा यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षा दलों की तैनाती को लेकर भी जरूरी निर्देश दिए गए। आने वाले लोगों और समारोह में शामिल होने वाले अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 15 अगस्त को इसी एसएएफ ग्राउंड पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान, स्कूली विद्यार्थी तथा शहर के लोग मौजूद रहेंगे। रिहर्सल के दौरान अधिकारियों ने संबंधित विभागों से कहा कि बची हुई तैयारियां तय समय के भीतर पूरी की जाएं और समारोह वाले दिन किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
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