कूनो बना देश का चीता प्रजनन केंद्र, अब नौरादेही भेजे जाएंगे चीते, तैयारी शुरू

श्योपुर (म.प्र.)

By Rohit.P
On

कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या के बीच नौरादेही में नए आवास की तैयारी तेज। जानिए प्रोजेक्ट चीता का ताजा अपडेट।

मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब देश में चीतों का प्रमुख प्रजनन केंद्र बनकर उभर रहा है। पिछले तीन वर्षों में यहां 45 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 33 जीवित हैं। वर्तमान में कूनो में कुल 50 चीते मौजूद हैं, लेकिन इनमें से केवल 12 ही खुले जंगल में सक्रिय हैं। शेष चीतों को अलग-अलग प्रबंधन श्रेणियों में रखा गया है, जिनमें 23 शावक अपनी माताओं के साथ बाड़ों में हैं, जबकि 9 चीते क्वारंटाइन में हैं। बढ़ती संख्या और सीमित क्षेत्र को देखते हुए अब वन विभाग ने चीतों को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रारंभिक योजना के तहत जून महीने में 2 नर और 2 मादा चीतों को नौरादेही भेजा जा सकता है। इसके लिए टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया मानसून से पहले पूरी की जाएगी। अंतिम निर्णय चीता स्टीयरिंग समिति द्वारा लिया जाएगा, जो इस परियोजना की निगरानी कर रही है।

कूनो में चीतों की संख्या में हुई वृद्धि को प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सीमित क्षेत्र में अधिक चीतों की मौजूदगी से उनके व्यवहार, शिकार और क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि नए आवास की जरूरत महसूस की गई।

नया आवास तैयार

नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को इस दिशा में तेजी से विकसित किया जा रहा है। करीब 5500 वर्ग किलोमीटर में फैला यह क्षेत्र राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है, जहां पिछले दो वर्षों से चीता आवास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।

यहां शिकार आधार मजबूत करने, निगरानी तंत्र विकसित करने और प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष बाड़ों का निर्माण अंतिम चरण में है और ट्रांसलोकेशन के लिए आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

प्रबंधन रणनीति

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, चीतों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक और चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। मानसून से पहले टीकाकरण के दौरान चीतों को पकड़कर सुरक्षित तरीके से नौरादेही पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें नए वातावरण में आसानी से अनुकूलित किया जा सके।

मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही नौरादेही को देश का तीसरा चीता आवास बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इससे प्रोजेक्ट चीता को विस्तार मिलेगा और जैव विविधता संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

पृष्ठभूमि के तौर पर देखा जाए तो भारत में चीतों को पुनर्स्थापित करने की योजना के तहत अफ्रीकी चीतों को कूनो में बसाया गया था। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद अब प्रजनन दर में सुधार हुआ है, जो इस परियोजना की सफलता का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीतों की बढ़ती संख्या को संतुलित रखने और उनके प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखने के लिए अलग-अलग आवास विकसित करना जरूरी है। इससे न केवल चीतों का संरक्षण मजबूत होगा, बल्कि वन्यजीव पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

आने वाले महीनों में यदि नौरादेही में चीतों का सफल ट्रांसलोकेशन होता है, तो यह देश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कूनो की सफलता के बाद अब सभी की नजरें इस नए आवास पर टिकी हैं, जो भारत के वन्यजीव मानचित्र में नई पहचान बना सकता है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
03 Apr 2026 By Rohit.P

कूनो बना देश का चीता प्रजनन केंद्र, अब नौरादेही भेजे जाएंगे चीते, तैयारी शुरू

श्योपुर (म.प्र.)

मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब देश में चीतों का प्रमुख प्रजनन केंद्र बनकर उभर रहा है। पिछले तीन वर्षों में यहां 45 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 33 जीवित हैं। वर्तमान में कूनो में कुल 50 चीते मौजूद हैं, लेकिन इनमें से केवल 12 ही खुले जंगल में सक्रिय हैं। शेष चीतों को अलग-अलग प्रबंधन श्रेणियों में रखा गया है, जिनमें 23 शावक अपनी माताओं के साथ बाड़ों में हैं, जबकि 9 चीते क्वारंटाइन में हैं। बढ़ती संख्या और सीमित क्षेत्र को देखते हुए अब वन विभाग ने चीतों को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रारंभिक योजना के तहत जून महीने में 2 नर और 2 मादा चीतों को नौरादेही भेजा जा सकता है। इसके लिए टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया मानसून से पहले पूरी की जाएगी। अंतिम निर्णय चीता स्टीयरिंग समिति द्वारा लिया जाएगा, जो इस परियोजना की निगरानी कर रही है।

कूनो में चीतों की संख्या में हुई वृद्धि को प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सीमित क्षेत्र में अधिक चीतों की मौजूदगी से उनके व्यवहार, शिकार और क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि नए आवास की जरूरत महसूस की गई।

नया आवास तैयार

नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को इस दिशा में तेजी से विकसित किया जा रहा है। करीब 5500 वर्ग किलोमीटर में फैला यह क्षेत्र राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है, जहां पिछले दो वर्षों से चीता आवास के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।

यहां शिकार आधार मजबूत करने, निगरानी तंत्र विकसित करने और प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष बाड़ों का निर्माण अंतिम चरण में है और ट्रांसलोकेशन के लिए आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

प्रबंधन रणनीति

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, चीतों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक और चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। मानसून से पहले टीकाकरण के दौरान चीतों को पकड़कर सुरक्षित तरीके से नौरादेही पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें नए वातावरण में आसानी से अनुकूलित किया जा सके।

मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही नौरादेही को देश का तीसरा चीता आवास बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इससे प्रोजेक्ट चीता को विस्तार मिलेगा और जैव विविधता संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

पृष्ठभूमि के तौर पर देखा जाए तो भारत में चीतों को पुनर्स्थापित करने की योजना के तहत अफ्रीकी चीतों को कूनो में बसाया गया था। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद अब प्रजनन दर में सुधार हुआ है, जो इस परियोजना की सफलता का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीतों की बढ़ती संख्या को संतुलित रखने और उनके प्राकृतिक व्यवहार को बनाए रखने के लिए अलग-अलग आवास विकसित करना जरूरी है। इससे न केवल चीतों का संरक्षण मजबूत होगा, बल्कि वन्यजीव पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

आने वाले महीनों में यदि नौरादेही में चीतों का सफल ट्रांसलोकेशन होता है, तो यह देश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कूनो की सफलता के बाद अब सभी की नजरें इस नए आवास पर टिकी हैं, जो भारत के वन्यजीव मानचित्र में नई पहचान बना सकता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/kuno-becomes-the-countrys-cheetah-breeding-center-now-4-cheetahs/article-50032

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.