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इंदौर में घर के बाहर खेल रहे 6 साल के बच्चे को कार ने रौंदा, शरीर पर पहिए निकले, ड्राइवर पर FIR दर्ज
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामले में घर के बाहर खेलते 6 साल के बच्चे को कार ने टक्कर मारी, पैर फ्रैक्चर, FIR दर्ज और जांच जारी।
इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामला मंगलवार को शांति निकेतन कॉलोनी में हुआ, जहां 6 वर्षीय आयुष रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का पूरा दृश्य पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें साफ दिखता है कि कैसे एक लापरवाही ने मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया।
इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामले में शांति निकेतन कॉलोनी, बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे हुआ है। 6 साल का आयुष रावत घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक ग्रे रंग की कार पीछे से आई और उसे चपेट में ले लिया। कार का अगला पहिया बच्चे के पैरों के ऊपर से गुजर गया, जबकि पिछला हिस्सा उसके शरीर के ऊपर से निकल गया। हादसे के बाद बच्चा दर्द से कराहते हुए खुद उठने की कोशिश करता नजर आया। घटना का पूरा दृश्य कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
परिवार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
ड्राइवर की पहचान
पुलिस के अनुसार इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामले में वाहन संजय अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है। उस समय कार उनका ड्राइवर दीपक (27) चला रहा था, जो धीरज नगर का निवासी है। हादसे के बाद कार मालिक खुद बच्चे को बॉम्बे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे और ड्राइवर को थाने भेजकर FIR दर्ज कराई गई।
सीसीटीवी से खुलासा
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि दो बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार नहीं लेकिन लापरवाही से आई कार ने एक बच्चे को सीधे टक्कर मार दी। इंदौर सड़क हादसा बच्चा घटना ने एक बार फिर कॉलोनियों में ट्रैफिक सुरक्षा और ड्राइविंग जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कार्रवाई और बयान
टीआई तारेश सोनी ने जानकारी दी कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन की गति और स्थिति क्या थी।
परिवार और सामाजिक असर
घायल बच्चे के पिता अजय मजदूरी करते हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और कॉलोनियों में गति नियंत्रण की मांग की है। इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामला अब इलाके में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
आगे की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार बच्चा खतरे से बाहर है लेकिन उसे कुछ दिनों तक मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह घटना एक बार फिर शहरी कॉलोनियों में बच्चों की सुरक्षा और वाहन चालकों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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इंदौर में घर के बाहर खेल रहे 6 साल के बच्चे को कार ने रौंदा, शरीर पर पहिए निकले, ड्राइवर पर FIR दर्ज
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामला मंगलवार को शांति निकेतन कॉलोनी में हुआ, जहां 6 वर्षीय आयुष रावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का पूरा दृश्य पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जिसमें साफ दिखता है कि कैसे एक लापरवाही ने मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया।
इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामले में शांति निकेतन कॉलोनी, बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे हुआ है। 6 साल का आयुष रावत घर के बाहर खेल रहा था, तभी एक ग्रे रंग की कार पीछे से आई और उसे चपेट में ले लिया। कार का अगला पहिया बच्चे के पैरों के ऊपर से गुजर गया, जबकि पिछला हिस्सा उसके शरीर के ऊपर से निकल गया। हादसे के बाद बच्चा दर्द से कराहते हुए खुद उठने की कोशिश करता नजर आया। घटना का पूरा दृश्य कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
परिवार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
ड्राइवर की पहचान
पुलिस के अनुसार इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामले में वाहन संजय अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है। उस समय कार उनका ड्राइवर दीपक (27) चला रहा था, जो धीरज नगर का निवासी है। हादसे के बाद कार मालिक खुद बच्चे को बॉम्बे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे और ड्राइवर को थाने भेजकर FIR दर्ज कराई गई।
सीसीटीवी से खुलासा
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि दो बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार नहीं लेकिन लापरवाही से आई कार ने एक बच्चे को सीधे टक्कर मार दी। इंदौर सड़क हादसा बच्चा घटना ने एक बार फिर कॉलोनियों में ट्रैफिक सुरक्षा और ड्राइविंग जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस कार्रवाई और बयान
टीआई तारेश सोनी ने जानकारी दी कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन की गति और स्थिति क्या थी।
परिवार और सामाजिक असर
घायल बच्चे के पिता अजय मजदूरी करते हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और कॉलोनियों में गति नियंत्रण की मांग की है। इंदौर सड़क हादसा बच्चा मामला अब इलाके में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
आगे की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार बच्चा खतरे से बाहर है लेकिन उसे कुछ दिनों तक मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह घटना एक बार फिर शहरी कॉलोनियों में बच्चों की सुरक्षा और वाहन चालकों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
