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भोपाल में महंगी हुई शक्कर, खरीद पर लगी सीमा; चाय-कॉफी के दाम भी बढ़े
भोपाल (म.प्र.)
रिटेल दुकानों पर कहीं 5 तो कहीं 10 किलो तक खरीद की सीमा; शहर के कुछ कैफे और चाय सेंटरों में कीमत करीब 20% बढ़ी
भोपाल में शक्कर के बढ़ते भाव का असर अब सीधे ग्राहकों की खरीदारी पर दिखाई देने लगा है। शहर के कुछ बड़े रिटेल स्टोर और ऑनलाइन किराना प्लेटफॉर्म पर एक ग्राहक को सीमित मात्रा में ही शक्कर दी जा रही है। अलग-अलग जगहों पर यह सीमा करीब 5 से 10 किलो तक बताई जा रही है। त्योहारी मांग बढ़ने से पहले शक्कर के दाम में तेजी आई है। मध्य प्रदेश के कुछ बाजारों में अगस्त के दौरान शक्कर की कीमत में करीब ₹20 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की रिपोर्ट सामने आई है। भोपाल में खुदरा भाव अलग-अलग बाजारों में करीब ₹60 से ₹70 प्रति किलो तक बताए गए हैं।
चाय-कॉफी पर भी असर
शक्कर महंगी होने का असर चाय और कॉफी बेचने वाले कारोबारियों पर भी पड़ा है। भोपाल के कुछ कैफे और चाय सेंटरों ने कीमतों में करीब 20% तक की बढ़ोतरी की है। कारोबारियों के लिए शक्कर के साथ दूध, कॉफी और अन्य कच्चे माल की लागत भी कीमत तय करने में अहम है।
थोक बाजार में फिलहाल उपलब्धता
रिटेल बाजार में खरीद सीमा के बावजूद थोक कारोबारियों का कहना है कि बाजार में शक्कर की उपलब्धता बनी हुई है। स्थानीय व्यापारी गोपाल बाहेती के मुताबिक, थोक बाजार में स्टॉक की स्थिति फिलहाल चिंताजनक नहीं है और पिछले दिनों की तुलना में भाव में करीब ₹2 प्रति किलो की नरमी भी आई है। सरकारी आंकड़ों में भी देशभर में शक्कर की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख है। केंद्र ने 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक शक्कर डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा लागू की है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य जमाखोरी रोकना और घरेलू बाजार में आपूर्ति बनाए रखना है।
बड़े खरीदारों के लिए भी स्टॉक सीमा
सरकार ने थोक में शक्कर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के स्टॉक पर भी नई सीमा लगाई है। 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 10 टन से ज्यादा मासिक खपत करने वाले बड़े उपभोक्ता अधिकतम 15 दिन की जरूरत के बराबर शक्कर रख सकेंगे।
दाम बढ़ने की कई वजहें
सरकार के मुताबिक हालिया तेजी को सिर्फ एथेनॉल उत्पादन से जोड़ना सही नहीं है। केंद्र ने कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों से पहले बढ़ी मांग, मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक आपूर्ति में बदलाव और कुछ हिस्सों में जमाखोरी-सट्टेबाजी को कीमत बढ़ने की वजहों में शामिल किया है। भोपाल में फिलहाल रिटेल ग्राहकों को सीमित मात्रा में शक्कर मिलने से आगे कीमत बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जबकि थोक कारोबारियों के मुताबिक बाजार में उपलब्धता बनी हुई है।
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