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मध्यप्रदेश का मौसम बिगड़ा, 8-10 जिलों में ओले, आज 27 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अगले 4 दिन असर जारी
मध्य प्रदेश
एमपी मौसम अपडेट: प्रदेश में ओले, बारिश और आंधी का अलर्ट, 27 जिलों में खराब मौसम की चेतावनी जारी।
मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण स्थिति अभी बनी रह सकती है।
ओले और बारिश से बदला मौसम का रंग
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अचानक मौसम ने करवट ली। बैतूल, श्योपुर और मुरैना सहित कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कों पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। कई जगहों पर तेज बारिश और आंधी भी देखने को मिली। इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
27 जिलों में जारी अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार के लिए ग्वालियर समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दोपहर बाद मौसम के अचानक बिगड़ने की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जिससे सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवाओं की चेतावनी
आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में यह रफ्तार और अधिक हो सकती है। ऐसे में पेड़ों के गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
सिस्टम एक्टिव, इसलिए जारी है असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। इसके साथ ही 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिससे 10 से 11 अप्रैल तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
गर्मी से पहले मौसम का संक्रमण काल
अप्रैल का महीना आमतौर पर गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआत में ही मौसम ने अलग रुख दिखाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव एक संक्रमण काल का संकेत है, जिसके बाद तेज गर्मी का दौर शुरू होगा।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार 8 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
फसलों पर पड़ा असर
बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। पहले फरवरी और मार्च में भी कई बार मौसम बदलने से गेहूं, पपीता और केले की फसल को नुकसान हुआ था। अब अप्रैल में भी यही स्थिति बनती दिख रही है।
बड़े शहरों में तापमान का ट्रेंड
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में अप्रैल के अंत तक तापमान तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इन शहरों में तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस बार भी इसी तरह की गर्मी की संभावना जताई जा रही है।
बारिश और गर्मी का मिश्रित पैटर्न
मध्यप्रदेश में अप्रैल के दौरान एक खास ट्रेंड देखने को मिलता है, जहां गर्मी के साथ-साथ बीच-बीच में बारिश भी होती है। यह पैटर्न पिछले कुछ वर्षों से लगातार देखा जा रहा है और इस साल भी इसके संकेत मिल रहे हैं।
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मध्यप्रदेश का मौसम बिगड़ा, 8-10 जिलों में ओले, आज 27 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अगले 4 दिन असर जारी
मध्य प्रदेश
मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण स्थिति अभी बनी रह सकती है।
ओले और बारिश से बदला मौसम का रंग
शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अचानक मौसम ने करवट ली। बैतूल, श्योपुर और मुरैना सहित कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कों पर सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। कई जगहों पर तेज बारिश और आंधी भी देखने को मिली। इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
27 जिलों में जारी अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार के लिए ग्वालियर समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में दोपहर बाद मौसम के अचानक बिगड़ने की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है, जिससे सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवाओं की चेतावनी
आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में यह रफ्तार और अधिक हो सकती है। ऐसे में पेड़ों के गिरने, बिजली बाधित होने और फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
सिस्टम एक्टिव, इसलिए जारी है असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। इसके साथ ही 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिससे 10 से 11 अप्रैल तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
गर्मी से पहले मौसम का संक्रमण काल
अप्रैल का महीना आमतौर पर गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआत में ही मौसम ने अलग रुख दिखाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव एक संक्रमण काल का संकेत है, जिसके बाद तेज गर्मी का दौर शुरू होगा।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार 8 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
फसलों पर पड़ा असर
बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। पहले फरवरी और मार्च में भी कई बार मौसम बदलने से गेहूं, पपीता और केले की फसल को नुकसान हुआ था। अब अप्रैल में भी यही स्थिति बनती दिख रही है।
बड़े शहरों में तापमान का ट्रेंड
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में अप्रैल के अंत तक तापमान तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इन शहरों में तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। इस बार भी इसी तरह की गर्मी की संभावना जताई जा रही है।
बारिश और गर्मी का मिश्रित पैटर्न
मध्यप्रदेश में अप्रैल के दौरान एक खास ट्रेंड देखने को मिलता है, जहां गर्मी के साथ-साथ बीच-बीच में बारिश भी होती है। यह पैटर्न पिछले कुछ वर्षों से लगातार देखा जा रहा है और इस साल भी इसके संकेत मिल रहे हैं।
