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रीवा स्टेशन पर बड़ी चूक: लिफ्ट में 3 घंटे तक फंसे 10 यात्री, मची अफरा-तफरी
रीवा
रीवा स्टेशन पर इतवारी ट्रेन के 10 यात्री लिफ्ट में 3 घंटे फंसे रहे। मेंटेनेंस लापरवाही से हुई घटना, सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए।
रीवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस वक्त अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब प्लेटफॉर्म नंबर-2 की लिफ्ट में करीब 10 यात्री फंस गए। यह सभी यात्री इतवारी ट्रेन से आए हुए थे और लिफ्ट के जरिए प्लेटफॉर्म से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही लिफ्ट कुछ मीटर ऊपर-नीचे हुई, वह अचानक बीच रास्ते में ही अटक गई और दरवाजे भी लॉक हो गए। अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई, खासकर जब यह पता चला कि बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है। इस पूरे मामले में रीवा स्टेशन लिफ्ट में फंसे यात्रियों को निकालने में करीब तीन घंटे का समय लग गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
लिफ्ट में फंसे यात्रियों में एक महिला चिकित्सक, एक तीन साल की मासूम बच्ची और कुछ बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, अंदर का माहौल और भी तनावपूर्ण होता गया। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में उस समय मेंटेनेंस का काम चल रहा था, लेकिन वहां कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। इसी वजह से यात्री अनजाने में लिफ्ट में चढ़ गए और फिर तकनीकी खराबी के चलते वह बीच में ही अटक गई। घटना की जानकारी जैसे ही बाहर पहुंची, स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में यात्री मौके पर इकट्ठा हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, लिफ्ट में फंसे लोगों को राहत देने के लिए बीच-बीच में गैप बनाकर पानी और जूस पहुंचाया गया ताकि किसी को घबराहट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। इस दौरान कई यात्री लगातार मदद की गुहार लगाते रहे। मौके पर सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए थे। उन्होंने तुरंत तकनीकी टीम को बुलाकर लिफ्ट खोलने के प्रयास शुरू करवाए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तकनीकी खराबी को ठीक किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली, हालांकि कुछ लोगों में अभी भी घबराहट और कमजोरी देखी गई।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही सूचना बोर्ड लगाए गए होते या मेंटेनेंस के दौरान लिफ्ट को पूरी तरह बंद किया गया होता, तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं, सीएमएचओ की ओर से भेजी गई मेडिकल टीम ने सभी यात्रियों का मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण किया और बताया कि किसी को गंभीर चोट या समस्या नहीं है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और लिफ्ट संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रीवा स्टेशन पर बड़ी चूक: लिफ्ट में 3 घंटे तक फंसे 10 यात्री, मची अफरा-तफरी
रीवा
रीवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस वक्त अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब प्लेटफॉर्म नंबर-2 की लिफ्ट में करीब 10 यात्री फंस गए। यह सभी यात्री इतवारी ट्रेन से आए हुए थे और लिफ्ट के जरिए प्लेटफॉर्म से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही लिफ्ट कुछ मीटर ऊपर-नीचे हुई, वह अचानक बीच रास्ते में ही अटक गई और दरवाजे भी लॉक हो गए। अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई, खासकर जब यह पता चला कि बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं है। इस पूरे मामले में रीवा स्टेशन लिफ्ट में फंसे यात्रियों को निकालने में करीब तीन घंटे का समय लग गया, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
लिफ्ट में फंसे यात्रियों में एक महिला चिकित्सक, एक तीन साल की मासूम बच्ची और कुछ बुजुर्ग भी शामिल थे। जैसे-जैसे समय बीतता गया, अंदर का माहौल और भी तनावपूर्ण होता गया। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में उस समय मेंटेनेंस का काम चल रहा था, लेकिन वहां कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। इसी वजह से यात्री अनजाने में लिफ्ट में चढ़ गए और फिर तकनीकी खराबी के चलते वह बीच में ही अटक गई। घटना की जानकारी जैसे ही बाहर पहुंची, स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में यात्री मौके पर इकट्ठा हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, लिफ्ट में फंसे लोगों को राहत देने के लिए बीच-बीच में गैप बनाकर पानी और जूस पहुंचाया गया ताकि किसी को घबराहट या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। इस दौरान कई यात्री लगातार मदद की गुहार लगाते रहे। मौके पर सांसद प्रतिनिधि संजीव शुक्ला और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच गए थे। उन्होंने तुरंत तकनीकी टीम को बुलाकर लिफ्ट खोलने के प्रयास शुरू करवाए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तकनीकी खराबी को ठीक किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली, हालांकि कुछ लोगों में अभी भी घबराहट और कमजोरी देखी गई।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों और उनके परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सही सूचना बोर्ड लगाए गए होते या मेंटेनेंस के दौरान लिफ्ट को पूरी तरह बंद किया गया होता, तो यह स्थिति नहीं बनती। वहीं, सीएमएचओ की ओर से भेजी गई मेडिकल टीम ने सभी यात्रियों का मौके पर स्वास्थ्य परीक्षण किया और बताया कि किसी को गंभीर चोट या समस्या नहीं है। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और लिफ्ट संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
