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इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट, निवेशकों की नजर अब अगले रुख पर
बिजनेस डेस्क
रिकॉर्ड स्तर से फिसले दाम, एक हफ्ते में सोना ₹1654 और चांदी ₹2650 सस्ती
सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में बने दोनों कीमती धातुओं के दाम अब नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में एक सप्ताह के दौरान 1,654 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके साथ ही सोने का भाव 1.58 लाख रुपए से घटकर करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली और यह 2.66 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से फिसलकर 2.63 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। यानी एक सप्ताह में चांदी करीब 2,650 रुपए सस्ती हो गई। जनवरी में जिस तेजी ने सोने और चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाया था, अब उसी तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर चल रहा है। बड़े निवेशक ऊंचे स्तर पर खरीद की गई होल्डिंग को बेच रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताह से दोनों धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अगर इस साल की शुरुआत से तुलना करें तो सोने ने पहले निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद तेजी का ऐसा दौर आया कि 29 जनवरी 2026 को सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया। महज एक महीने के भीतर आए इस उछाल ने बाजार को चौंका दिया था। हालांकि इसके बाद कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हुई और अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 20 हजार रुपए नीचे कारोबार कर रहा है।
चांदी की बात करें तो इसमें उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला। साल की शुरुआत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त तेजी आई और यह 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। उस समय बाजार में चांदी की मांग और निवेश दोनों तेजी से बढ़े थे। लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। लगातार बिकवाली और निवेशकों के रुख में बदलाव के चलते चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अब यह 2.63 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ 118 दिनों में चांदी करीब 1.23 लाख रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई।
आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तनाव या युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का एक वर्ग नकदी को प्राथमिकता दे रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक कई निवेशक अपने पास मौजूद सोना और चांदी बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति या बाजार में बड़े बदलाव के समय उनके पास पर्याप्त लिक्विड फंड उपलब्ध रहे।
दूसरी बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई बड़े निवेशकों ने अपने निवेश पर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। बड़ी मात्रा में हुई बिकवाली का असर सीधे कीमतों पर पड़ा और बाजार में गिरावट का माहौल बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक संकेत स्पष्ट नहीं होते, तब तक सोने और चांदी में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इस बीच शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों के लिए कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना तय गुणवत्ता और शुद्धता का है। इसके अलावा खरीदारी से पहले सोने की कीमत विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी है ताकि उपभोक्ता सही कीमत पर खरीदारी कर सकें।
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इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट, निवेशकों की नजर अब अगले रुख पर
बिजनेस डेस्क
सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चा में बने दोनों कीमती धातुओं के दाम अब नरम पड़ते दिखाई दे रहे हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में एक सप्ताह के दौरान 1,654 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके साथ ही सोने का भाव 1.58 लाख रुपए से घटकर करीब 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली और यह 2.66 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से फिसलकर 2.63 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। यानी एक सप्ताह में चांदी करीब 2,650 रुपए सस्ती हो गई। जनवरी में जिस तेजी ने सोने और चांदी को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाया था, अब उसी तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर चल रहा है। बड़े निवेशक ऊंचे स्तर पर खरीद की गई होल्डिंग को बेच रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि पिछले कुछ सप्ताह से दोनों धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अगर इस साल की शुरुआत से तुलना करें तो सोने ने पहले निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद तेजी का ऐसा दौर आया कि 29 जनवरी 2026 को सोना अपने अब तक के उच्चतम स्तर 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया। महज एक महीने के भीतर आए इस उछाल ने बाजार को चौंका दिया था। हालांकि इसके बाद कीमतों में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हुई और अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 20 हजार रुपए नीचे कारोबार कर रहा है।
चांदी की बात करें तो इसमें उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला। साल की शुरुआत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। जनवरी के अंत तक इसमें जबरदस्त तेजी आई और यह 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। उस समय बाजार में चांदी की मांग और निवेश दोनों तेजी से बढ़े थे। लेकिन इसके बाद तस्वीर बदल गई। लगातार बिकवाली और निवेशकों के रुख में बदलाव के चलते चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अब यह 2.63 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है। यानी सिर्फ 118 दिनों में चांदी करीब 1.23 लाख रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई।
आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तनाव या युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का एक वर्ग नकदी को प्राथमिकता दे रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक कई निवेशक अपने पास मौजूद सोना और चांदी बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति या बाजार में बड़े बदलाव के समय उनके पास पर्याप्त लिक्विड फंड उपलब्ध रहे।
दूसरी बड़ी वजह प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई बड़े निवेशकों ने अपने निवेश पर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। बड़ी मात्रा में हुई बिकवाली का असर सीधे कीमतों पर पड़ा और बाजार में गिरावट का माहौल बन गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक आर्थिक संकेत स्पष्ट नहीं होते, तब तक सोने और चांदी में इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
इस बीच शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों के लिए कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना तय गुणवत्ता और शुद्धता का है। इसके अलावा खरीदारी से पहले सोने की कीमत विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से जांच लेना भी जरूरी है ताकि उपभोक्ता सही कीमत पर खरीदारी कर सकें।
