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भोपाल में यूनिवर्सिटी और अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी, कैंपस में सर्च ऑपरेशन तेज
भोपाल (म.प्र.)
ईमेल में ‘जौहर की नमाज के बाद सीरियल ब्लास्ट’ की चेतावनी; पुलिस और बम स्क्वॉड ने संभाला मोर्चा
राजधानी भोपाल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर की प्रमुख शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थाओं को बम से उड़ाने की धमकी मिली। JK Medical University Bhopal, LNCT University, जेके हॉस्पिटल और एलएन मेडिकल कॉलेज को एक ईमेल के जरिए निशाना बनाने की चेतावनी दी गई।
धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि संस्थानों के परिसर में करीब 21 बम लगाए गए हैं और ‘जौहर की नमाज’ के बाद दोपहर करीब 1:30 बजे सीरियल ब्लास्ट किए जाएंगे। सूचना मिलते ही पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे यूनिवर्सिटी की आधिकारिक ईमेल आईडी पर यह धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। मेल मिलते ही प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। इसके बाद कैंपस और अस्पताल परिसरों को खाली कराया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
पुलिस ने सभी परिसरों को घेरकर चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू कर दी है। बैग, वाहनों और संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। अस्पताल में मौजूद मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया, जिससे किसी भी संभावित खतरे से बचाव किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी भी विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सघन तलाशी जारी है। साइबर सेल की टीम भी ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब भोपाल में इस तरह की धमकी सामने आई हो। इससे पहले AIIMS Bhopal, पीपल्स यूनिवर्सिटी और अन्य सरकारी दफ्तरों को भी इसी तरह के मेल मिल चुके हैं। हालांकि, जांच में अब तक ऐसे मामलों में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं भले ही फर्जी साबित हों, लेकिन इनसे सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है और लोगों में डर का माहौल बनता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी मदद ली जा रही है। फिलहाल सभी संस्थानों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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