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ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे दो MBBS छात्र, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी
ग्वालियर,(म.प्र.)
पिकनिक मनाने गए मेडिकल छात्रों के ग्रुप में मातम, प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान हुआ हादसा; SDRF की टीम लगातार चला रही सर्च ऑपरेशन।
ग्वालियर के तिघरा डैम में शनिवार शाम हुआ एक दर्दनाक हादसा पूरे मेडिकल कॉलेज और छात्र समुदाय को झकझोर गया। गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के MBBS सेकेंड ईयर के दो छात्र डैम के गहरे पानी में डूब गए। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे छात्र की तलाश रविवार को भी जारी रही। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने डैम पहुंचे थे, जहां अचानक यह हादसा हो गया।
घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे तिघरा डैम के कच्ची पार इलाके में हुई। यह क्षेत्र सामान्य लोगों के लिए प्रतिबंधित माना जाता है और यहां आवाजाही की अनुमति नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गजराराजा मेडिकल कॉलेज के आठ छात्र-छात्राओं का एक समूह घूमने के लिए यहां पहुंचा था। समूह में चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थीं। सभी लोग डैम के बोट क्लब क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर कच्ची पार इलाके तक चले गए थे। इसी दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव और सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल पानी के किनारे पहुंचे और नहाने के लिए नीचे उतर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों छात्र पानी में आगे बढ़ते हुए अचानक गहरे हिस्से में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि फिसलन और असंतुलन के कारण उनका पैर फिसल गया और वे देखते ही देखते गहराई में समा गए। उस समय उनके अन्य साथी ऊपर मौजूद थे और उन्हें हादसे की जानकारी तब हुई जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे। दोस्तों ने आसपास तलाश शुरू की तो किनारे पर दोनों छात्रों के कपड़े और जूते सलीके से रखे मिले। इसके बाद सभी को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। रात होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। डैम की गहराई, कीचड़ और पथरीले हिस्सों के कारण खोज अभियान में काफी मुश्किलें सामने आईं। इसके बावजूद स्थानीय गोताखोरों और SDRF जवानों ने हाई-पावर लाइट और बोट की मदद से रातभर सर्चिंग जारी रखी। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आयुष श्रीवास्तव का अब तक कोई पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह एक बार फिर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार डैम के जिस हिस्से में दोनों छात्र डूबे हैं, वहां पानी की गहराई 40 से 50 फीट तक बताई जा रही है। साथ ही नीचे चट्टानें और कीचड़ होने के कारण गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लापता छात्र का जल्द पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही दोनों छात्रों के परिजनों को भी जानकारी दे दी गई थी। रविवार सुबह गोपाल अग्रवाल के परिवार के सदस्य ग्वालियर पहुंच गए। वहीं आयुष श्रीवास्तव के परिजन बिहार से ग्वालियर के लिए रवाना हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में भी इस हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल बन गया। छात्र और शिक्षक दोनों ही इस घटना से स्तब्ध नजर आए। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे कॉलेज परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। कॉलेज प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क में बना हुआ है।
मृतक छात्र गोपाल अग्रवाल के परिजनों ने बताया कि वह परिवार का सबसे छोटा सदस्य था और सभी का बेहद लाड़ला था। गोपाल ने वर्ष 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसके बड़े भाई उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे और चाहते थे कि वह एक सफल डॉक्टर बने। लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया।
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ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे दो MBBS छात्र, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी
ग्वालियर,(म.प्र.)
ग्वालियर के तिघरा डैम में शनिवार शाम हुआ एक दर्दनाक हादसा पूरे मेडिकल कॉलेज और छात्र समुदाय को झकझोर गया। गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के MBBS सेकेंड ईयर के दो छात्र डैम के गहरे पानी में डूब गए। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे छात्र की तलाश रविवार को भी जारी रही। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने डैम पहुंचे थे, जहां अचानक यह हादसा हो गया।
घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे तिघरा डैम के कच्ची पार इलाके में हुई। यह क्षेत्र सामान्य लोगों के लिए प्रतिबंधित माना जाता है और यहां आवाजाही की अनुमति नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गजराराजा मेडिकल कॉलेज के आठ छात्र-छात्राओं का एक समूह घूमने के लिए यहां पहुंचा था। समूह में चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थीं। सभी लोग डैम के बोट क्लब क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर कच्ची पार इलाके तक चले गए थे। इसी दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव और सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल पानी के किनारे पहुंचे और नहाने के लिए नीचे उतर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों छात्र पानी में आगे बढ़ते हुए अचानक गहरे हिस्से में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि फिसलन और असंतुलन के कारण उनका पैर फिसल गया और वे देखते ही देखते गहराई में समा गए। उस समय उनके अन्य साथी ऊपर मौजूद थे और उन्हें हादसे की जानकारी तब हुई जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे। दोस्तों ने आसपास तलाश शुरू की तो किनारे पर दोनों छात्रों के कपड़े और जूते सलीके से रखे मिले। इसके बाद सभी को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। रात होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। डैम की गहराई, कीचड़ और पथरीले हिस्सों के कारण खोज अभियान में काफी मुश्किलें सामने आईं। इसके बावजूद स्थानीय गोताखोरों और SDRF जवानों ने हाई-पावर लाइट और बोट की मदद से रातभर सर्चिंग जारी रखी। कई घंटों की मशक्कत के बाद गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आयुष श्रीवास्तव का अब तक कोई पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह एक बार फिर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार डैम के जिस हिस्से में दोनों छात्र डूबे हैं, वहां पानी की गहराई 40 से 50 फीट तक बताई जा रही है। साथ ही नीचे चट्टानें और कीचड़ होने के कारण गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लापता छात्र का जल्द पता लगाया जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही दोनों छात्रों के परिजनों को भी जानकारी दे दी गई थी। रविवार सुबह गोपाल अग्रवाल के परिवार के सदस्य ग्वालियर पहुंच गए। वहीं आयुष श्रीवास्तव के परिजन बिहार से ग्वालियर के लिए रवाना हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में भी इस हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल बन गया। छात्र और शिक्षक दोनों ही इस घटना से स्तब्ध नजर आए। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे कॉलेज परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। कॉलेज प्रशासन लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क में बना हुआ है।
मृतक छात्र गोपाल अग्रवाल के परिजनों ने बताया कि वह परिवार का सबसे छोटा सदस्य था और सभी का बेहद लाड़ला था। गोपाल ने वर्ष 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसके बड़े भाई उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे और चाहते थे कि वह एक सफल डॉक्टर बने। लेकिन एक पल में सब कुछ बदल गया।
