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रीवा में ठेकेदार के घर ईडी की रेड से मचा हड़कंप
रीवा,(म.प्र.)
पद्मधर कॉलोनी में दस्तावेजों की जांच जारी, परिजनों ने आईडी और समन की मांग की, कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा तेज
रीवा शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित पद्मधर कॉलोनी में शुक्रवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने ठेकेदार के घर पर दबिश दी। लालता सदन नामक इस आवास पर सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, पूरे इलाके में हलचल फैल गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा होने लगे। अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम सुबह करीब समय पर कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने घर के भीतर प्रवेश करते ही दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी। विभिन्न फाइलों, लेन-देन के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। घर के भीतर अधिकारियों की मौजूदगी के दौरान बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस बीच कार्रवाई के दौरान एक अलग स्थिति तब देखने को मिली जब घर में मौजूद परिजनों ने ईडी अधिकारियों से पहचान पत्र दिखाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि बिना किसी समन के घर के अंदर कैसे प्रवेश किया गया, इस पर स्पष्टता होनी चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी हुई, हालांकि इसके बावजूद जांच टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जांच प्रक्रिया को रोका नहीं गया। ईडी की टीम घर में मौजूद कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजातों को अलग-अलग करके देखा जा रहा है और कुछ फाइलों को अपने साथ ले जाने की भी तैयारी की जा रही है। कार्रवाई के दौरान घर के अंदर और बाहर सुरक्षा और निगरानी का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं, आसपास के लोग लगातार घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे।
कृष्णकांत सोहगौरा को रीवा के चर्चित ठेकेदारों में गिना जाता है। उनका नाम स्थानीय स्तर पर कई बड़े निर्माण कार्यों से जुड़ा बताया जाता है। वह भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा के भाई भी बताए जाते हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक किसी भी राजनीतिक या सरकारी स्तर पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईडी की इस कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किस मामले में यह जांच शुरू की गई है और इसमें किन वित्तीय लेन-देन की भूमिका हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल ईडी की टीम मौके पर मौजूद है और दस्तावेजों की जांच जारी है। जैसे-जैसे कार्रवाई आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इलाके में तनाव और उत्सुकता दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
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रीवा में ठेकेदार के घर ईडी की रेड से मचा हड़कंप
रीवा,(म.प्र.)
रीवा शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित पद्मधर कॉलोनी में शुक्रवार सुबह उस समय अचानक हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने ठेकेदार के घर पर दबिश दी। लालता सदन नामक इस आवास पर सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, पूरे इलाके में हलचल फैल गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा होने लगे। अचानक हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम सुबह करीब समय पर कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने घर के भीतर प्रवेश करते ही दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी। विभिन्न फाइलों, लेन-देन के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। घर के भीतर अधिकारियों की मौजूदगी के दौरान बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस बीच कार्रवाई के दौरान एक अलग स्थिति तब देखने को मिली जब घर में मौजूद परिजनों ने ईडी अधिकारियों से पहचान पत्र दिखाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि बिना किसी समन के घर के अंदर कैसे प्रवेश किया गया, इस पर स्पष्टता होनी चाहिए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी हुई, हालांकि इसके बावजूद जांच टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जांच प्रक्रिया को रोका नहीं गया। ईडी की टीम घर में मौजूद कई दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजातों को अलग-अलग करके देखा जा रहा है और कुछ फाइलों को अपने साथ ले जाने की भी तैयारी की जा रही है। कार्रवाई के दौरान घर के अंदर और बाहर सुरक्षा और निगरानी का विशेष ध्यान रखा गया। वहीं, आसपास के लोग लगातार घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे।
कृष्णकांत सोहगौरा को रीवा के चर्चित ठेकेदारों में गिना जाता है। उनका नाम स्थानीय स्तर पर कई बड़े निर्माण कार्यों से जुड़ा बताया जाता है। वह भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा के भाई भी बताए जाते हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अब तक किसी भी राजनीतिक या सरकारी स्तर पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ईडी की इस कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किस मामले में यह जांच शुरू की गई है और इसमें किन वित्तीय लेन-देन की भूमिका हो सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल ईडी की टीम मौके पर मौजूद है और दस्तावेजों की जांच जारी है। जैसे-जैसे कार्रवाई आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इलाके में तनाव और उत्सुकता दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
