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7.8% GDP Growth: PM मोदी बोले- यह देश की सामूहिक शक्ति का प्रमाण, विपक्ष पर साधा निशाना
भारत
अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी; पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच इसे बड़ी उपलब्धि बताया, विपक्ष पर 'निराशा फैलाने' का आरोप लगाया
भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि दर्ज की है। आधिकारिक आंकड़ों के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह देश के लोगों की सामूहिक शक्ति और मुश्किल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता का प्रतिबिंब है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर GDP के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में झटकों और सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। पीएम ने इसे 'herculean feat' यानी असाधारण उपलब्धि बताया।
मोदी ने अपने संदेश में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन पर उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर निराशावादी माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निराशावादियों की भविष्यवाणियां फिर गलत साबित हुईं और भारत आगे बढ़ रहा है।
अप्रैल-जून तिमाही में कितनी रही GDP Growth?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में वास्तविक GDP ₹81.36 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ थी। इस आधार पर वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। इसी अवधि में Nominal GDP 10.3 प्रतिशत बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। Real GVA में भी 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
किन क्षेत्रों से मिली अर्थव्यवस्था को मजबूती?
ताजा आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन प्रमुख रहा। अप्रैल-जून तिमाही में Manufacturing growth 9.2 प्रतिशत रही। सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों के मुताबिक घरेलू मांग, निवेश और सरकारी खर्च ने भी अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। मजबूत वृद्धि ऐसे समय में दर्ज हुई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।
RBI के अनुमान से बेहतर रहा आंकड़ा
7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक के 7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा गति को लेकर सकारात्मक संकेत मिला है। हालांकि, पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2026 में दर्ज 8.6 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में इस बार वृद्धि दर कुछ कम रही।
PM मोदी ने विपक्ष पर क्या कहा?
GDP आंकड़ों की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष और अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा फैलाने वालों पर भी हमला बोला। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि भारत की तेज वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब दुनिया युद्ध, संकट और सप्लाई चेन में व्यवधान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री ने बाद में आर्थिक वृद्धि को 'स्वदेशी' से भी जोड़ते हुए लोगों से घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने विदेशी यात्राओं, डेस्टिनेशन वेडिंग और गैर-जरूरी सोने की खरीद पर होने वाले खर्च को लेकर भी लोगों को सोचने की सलाह दी।
कांग्रेस ने GDP आंकड़ों पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, कांग्रेस ने GDP के आंकड़ों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि केवल GDP वृद्धि से अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती और रोजगार तथा लोगों की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों को भी देखा जाना चाहिए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने निवेश और उपभोक्ता विश्वास से जुड़े सवाल उठाते हुए GDP आंकड़ों की व्याख्या पर सरकार को घेरा। इस तरह 7.8 प्रतिशत की वृद्धि का आंकड़ा सरकार के लिए अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है, जबकि विपक्ष इसका लाभ आम लोगों और रोजगार तक पहुंचने के सवाल के साथ देख रहा है।
भारत के लिए अब चुनौती इस वृद्धि की रफ्तार को आगे की तिमाहियों में बनाए रखना होगी। वैश्विक ऊर्जा कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और सप्लाई चेन से जुड़ी परिस्थितियां आने वाले समय में विकास की गति को प्रभावित कर सकती हैं। अप्रैल-जून तिमाही का 7.8 प्रतिशत का आंकड़ा बाजार और सरकार के अनुमान से बेहतर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे देश की सामूहिक ताकत बताया है, जबकि विपक्ष ने GDP वृद्धि के साथ रोजगार और व्यापक आर्थिक लाभ के सवाल को भी सामने रखा है।
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