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8 अप्रैल से महंगा होगा Air India का सफर, फ्यूल सरचार्ज बढ़ा
नेशनल डेस्क
Air India ने 8 अप्रैल से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया, ATF कीमतों में उछाल से फ्लाइट किराया महंगा होगा।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने 8 अप्रैल से अपने फ्यूल सरचार्ज ढांचे में बदलाव लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही रूट्स पर ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। कंपनी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है। एयरलाइंस का कहना है कि ऑपरेशनल लागत बढ़ने से किराए में संशोधन जरूरी हो गया था।
घरेलू उड़ानों के लिए नया सरचार्ज मॉडल
एयर इंडिया ने घरेलू फ्लाइट्स के लिए पहले लागू फ्लैट रेट सिस्टम को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों से दूरी के आधार पर फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। कम दूरी की उड़ानों पर कम सरचार्ज और लंबी दूरी की उड़ानों पर अधिक शुल्क लिया जाएगा। यह नया सिस्टम किराए को अधिक डायनामिक और दूरी आधारित बनाता है, जिससे हर रूट पर लागत का सीधा असर दिखेगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ेगा असर
कंपनी ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया गया है। हालांकि, वहां के लिए विस्तृत दरें अलग-अलग सेक्टर के अनुसार लागू होंगी। इसका मतलब है कि विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को भी बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ सकता है।
ATF की कीमतों में तेज उछाल
हाल के दिनों में जेट फ्यूल की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक वैश्विक औसत कीमत लगभग दोगुनी हो गई। फरवरी के अंत में जहां कीमतें करीब 99 डॉलर प्रति बैरल थीं, वहीं मार्च के अंत तक यह बढ़कर लगभग 195 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रिफाइनरी मार्जिन में बढ़ोतरी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
एयरलाइंस इंडस्ट्री पर बढ़ता दबाव
एविएशन सेक्टर में ईंधन लागत सबसे बड़ा खर्च होता है। जब ATF की कीमतें बढ़ती हैं, तो एयरलाइंस के लिए संचालन करना महंगा हो जाता है। ऐसे में कंपनियां अतिरिक्त लागत को संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का विकल्प चुनती हैं। एयर इंडिया का यह फैसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए
अगर आप आने वाले दिनों में फ्लाइट से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग से पहले किराए की नई दरों को जरूर जांच लें। साथ ही, जल्दी बुकिंग करने से बढ़ती कीमतों से कुछ हद तक बचा जा सकता है।
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8 अप्रैल से महंगा होगा Air India का सफर, फ्यूल सरचार्ज बढ़ा
नेशनल डेस्क
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने 8 अप्रैल से अपने फ्यूल सरचार्ज ढांचे में बदलाव लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही रूट्स पर ज्यादा किराया चुकाना पड़ सकता है। कंपनी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है। एयरलाइंस का कहना है कि ऑपरेशनल लागत बढ़ने से किराए में संशोधन जरूरी हो गया था।
घरेलू उड़ानों के लिए नया सरचार्ज मॉडल
एयर इंडिया ने घरेलू फ्लाइट्स के लिए पहले लागू फ्लैट रेट सिस्टम को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों से दूरी के आधार पर फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। कम दूरी की उड़ानों पर कम सरचार्ज और लंबी दूरी की उड़ानों पर अधिक शुल्क लिया जाएगा। यह नया सिस्टम किराए को अधिक डायनामिक और दूरी आधारित बनाता है, जिससे हर रूट पर लागत का सीधा असर दिखेगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ेगा असर
कंपनी ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया गया है। हालांकि, वहां के लिए विस्तृत दरें अलग-अलग सेक्टर के अनुसार लागू होंगी। इसका मतलब है कि विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को भी बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ सकता है।
ATF की कीमतों में तेज उछाल
हाल के दिनों में जेट फ्यूल की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक वैश्विक औसत कीमत लगभग दोगुनी हो गई। फरवरी के अंत में जहां कीमतें करीब 99 डॉलर प्रति बैरल थीं, वहीं मार्च के अंत तक यह बढ़कर लगभग 195 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इस तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रिफाइनरी मार्जिन में बढ़ोतरी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
एयरलाइंस इंडस्ट्री पर बढ़ता दबाव
एविएशन सेक्टर में ईंधन लागत सबसे बड़ा खर्च होता है। जब ATF की कीमतें बढ़ती हैं, तो एयरलाइंस के लिए संचालन करना महंगा हो जाता है। ऐसे में कंपनियां अतिरिक्त लागत को संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का विकल्प चुनती हैं। एयर इंडिया का यह फैसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए
अगर आप आने वाले दिनों में फ्लाइट से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग से पहले किराए की नई दरों को जरूर जांच लें। साथ ही, जल्दी बुकिंग करने से बढ़ती कीमतों से कुछ हद तक बचा जा सकता है।
