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एअर इंडिया CEO के इस्तीफे का दावा: कैंपबेल विल्सन सितंबर तक छोड़ सकते हैं पद
बिजनेस न्यूज
अहमदाबाद प्लेन क्रैश रिपोर्ट और बढ़ते नुकसान के बीच नेतृत्व बदलाव की चर्चा तेज, कंपनी ने नहीं दी आधिकारिक पुष्टि
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे को लेकर मंगलवार को बड़ा दावा सामने आया है। सूत्रों के हवाले से आई खबरों में कहा गया है कि विल्सन अपना पद सितंबर 2026 तक छोड़ सकते हैं, हालांकि कंपनी की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और कंपनी नए CEO की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि एयरलाइन ने संभावित उम्मीदवारों के साथ उच्चस्तरीय बातचीत भी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रक्रिया जनवरी 2026 से ही जारी है, जब विल्सन ने अपने कार्यकाल के बाद पद छोड़ने के संकेत दिए थे। उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2027 तक था।
इस्तीफे के दावे को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जुलाई 2025 में जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट के बाद ही नए CEO की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
एअर इंडिया इस समय कई परिचालन और वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को लगभग ₹20,000 करोड़ तक के नुकसान की आशंका है। वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे उड़ानों के रूट बदलने पड़े और ईंधन लागत में वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।
इसके अलावा, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से कंपनी की विस्तार योजनाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का असर अब भी एयरलाइन की छवि और संचालन पर दिखाई दे रहा है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिससे कंपनी की साख को बड़ा झटका लगा।
कैंपबेल विल्सन ने सितंबर 2022 में एअर इंडिया की कमान संभाली थी, जब एयरलाइन निजीकरण के बाद टाटा समूह के पास लौटी थी। उनके पास विमानन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है और वे पहले सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट यूनिट स्कूट के CEO रह चुके हैं।
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एअर इंडिया CEO के इस्तीफे का दावा: कैंपबेल विल्सन सितंबर तक छोड़ सकते हैं पद
बिजनेस न्यूज
एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे को लेकर मंगलवार को बड़ा दावा सामने आया है। सूत्रों के हवाले से आई खबरों में कहा गया है कि विल्सन अपना पद सितंबर 2026 तक छोड़ सकते हैं, हालांकि कंपनी की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और कंपनी नए CEO की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि एयरलाइन ने संभावित उम्मीदवारों के साथ उच्चस्तरीय बातचीत भी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रक्रिया जनवरी 2026 से ही जारी है, जब विल्सन ने अपने कार्यकाल के बाद पद छोड़ने के संकेत दिए थे। उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट जुलाई 2027 तक था।
इस्तीफे के दावे को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जुलाई 2025 में जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट के बाद ही नए CEO की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
एअर इंडिया इस समय कई परिचालन और वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को लगभग ₹20,000 करोड़ तक के नुकसान की आशंका है। वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे उड़ानों के रूट बदलने पड़े और ईंधन लागत में वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है।
इसके अलावा, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से कंपनी की विस्तार योजनाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना का असर अब भी एयरलाइन की छवि और संचालन पर दिखाई दे रहा है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिससे कंपनी की साख को बड़ा झटका लगा।
कैंपबेल विल्सन ने सितंबर 2022 में एअर इंडिया की कमान संभाली थी, जब एयरलाइन निजीकरण के बाद टाटा समूह के पास लौटी थी। उनके पास विमानन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है और वे पहले सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट यूनिट स्कूट के CEO रह चुके हैं।
