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अमेरिका ने ईरान से आ रहे 13 जहाज लौटाए, 3 दिन में एक भी जहाज पार नहीं कर सका होर्मुज
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 13 जहाज लौटाए गए, होर्मुज में नाकाबंदी और इजराइल-लेबनान वार्ता से पश्चिम एशिया में हलचल तेज।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहरा हो गया है, जहां अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक और सामरिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुए नए विवाद ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई और 13 जहाजों की वापसी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार से शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद से अब तक कोई भी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार नहीं कर सका है। इसे अमेरिका द्वारा लगाए गए एक तरह के समुद्री नियंत्रण या नाकाबंदी के रूप में देखा जा रहा है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर गंभीर प्रभाव की आशंका पैदा कर दी है।
ईरान की चेतावनी और बढ़ता तनाव
ईरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने यह रोक नहीं हटाई, तो वह खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार को बाधित करने की दिशा में कदम उठा सकता है। इससे क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकता है।
इजराइल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक वार्ता
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि इजराइल और लेबनान के शीर्ष नेता आज सीधे बातचीत करेंगे। यह पिछले 34 वर्षों में दोनों देशों के बीच पहली प्रत्यक्ष बातचीत होगी। इससे पहले दोनों देशों के नेता वर्ष 1991 में मैड्रिड कॉन्फ्रेंस में आमने-सामने बैठे थे। यह वार्ता लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की कोशिशें तेज
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल को समाप्त हो रहे मौजूदा सीजफायर से पहले किसी संभावित समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि कुछ मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कई मध्यस्थ देश सक्रिय हैं।
क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका और कूटनीतिक प्रयास
इस प्रक्रिया में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर पहले ही तेहरान पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि वे अमेरिकी संदेश लेकर आए हैं, जिससे वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
वहीं अमेरिकी पक्ष से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मिलकर एक संभावित समझौते का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि बातचीत सफल रहती है तो सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अभी तक अमेरिका ने इस पर आधिकारिक सहमति नहीं दी है।
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अमेरिका ने ईरान से आ रहे 13 जहाज लौटाए, 3 दिन में एक भी जहाज पार नहीं कर सका होर्मुज
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहरा हो गया है, जहां अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक और सामरिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुए नए विवाद ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई और 13 जहाजों की वापसी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे 13 जहाजों को वापस लौटा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार से शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद से अब तक कोई भी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार नहीं कर सका है। इसे अमेरिका द्वारा लगाए गए एक तरह के समुद्री नियंत्रण या नाकाबंदी के रूप में देखा जा रहा है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर गंभीर प्रभाव की आशंका पैदा कर दी है।
ईरान की चेतावनी और बढ़ता तनाव
ईरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने यह रोक नहीं हटाई, तो वह खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार को बाधित करने की दिशा में कदम उठा सकता है। इससे क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंका और बढ़ गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकता है।
इजराइल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक वार्ता
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि इजराइल और लेबनान के शीर्ष नेता आज सीधे बातचीत करेंगे। यह पिछले 34 वर्षों में दोनों देशों के बीच पहली प्रत्यक्ष बातचीत होगी। इससे पहले दोनों देशों के नेता वर्ष 1991 में मैड्रिड कॉन्फ्रेंस में आमने-सामने बैठे थे। यह वार्ता लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की कोशिशें तेज
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल को समाप्त हो रहे मौजूदा सीजफायर से पहले किसी संभावित समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि कुछ मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कई मध्यस्थ देश सक्रिय हैं।
क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका और कूटनीतिक प्रयास
इस प्रक्रिया में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर पहले ही तेहरान पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि वे अमेरिकी संदेश लेकर आए हैं, जिससे वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
वहीं अमेरिकी पक्ष से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मिलकर एक संभावित समझौते का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि बातचीत सफल रहती है तो सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अभी तक अमेरिका ने इस पर आधिकारिक सहमति नहीं दी है।
