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सेंसेक्स 123 अंक गिरकर 77,989 पर बंद, निफ्टी भी फिसला; ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली
बिजनेस न्यूज
गिरावट के बावजूद मेटल शेयरों में खरीदारी, एशियाई बाजारों में तेजी का मिला मिला-जुला असर
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 123 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,989 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 35 अंक गिरकर 24,197 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जबकि मेटल शेयरों में खरीदारी का रुझान रहा।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों में से 16 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 14 शेयरों में तेजी रही। निफ्टी पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा। बाजार के इस हल्के कमजोर रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और सेक्टरल मूवमेंट का मिश्रित प्रभाव माना जा रहा है।
यह कारोबार गुरुवार, 16 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में दर्ज किया गया। इसका असर केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एशियाई बाजारों में आई तेजी और अमेरिकी बाजारों के मिले-जुले रुझान ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
एशियाई और वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में कोस्पी, निक्केई और हैंगसेंग इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख रहा, जहां डाउ जोन्स में हल्की गिरावट जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू बाजार में सेक्टरल रोटेशन मुख्य वजह रही। ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली के चलते बिकवाली बढ़ी, जबकि मेटल सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इसके अलावा वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार की चाल को सीमित रखा।
तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी के लिए 23,940 का स्तर प्रमुख सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 24,450 के आसपास रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्तरों के बीच इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बाजार का समग्र रुख
बुधवार को बाजार में तेज उछाल दर्ज किया गया था, जब सेंसेक्स 1,264 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। इसके मुकाबले गुरुवार की गिरावट को एक प्राकृतिक करेक्शन के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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सेंसेक्स 123 अंक गिरकर 77,989 पर बंद, निफ्टी भी फिसला; ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली
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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 123 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,989 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 35 अंक गिरकर 24,197 पर आ गया। दिनभर के कारोबार में ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला, जबकि मेटल शेयरों में खरीदारी का रुझान रहा।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के 30 शेयरों में से 16 में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 14 शेयरों में तेजी रही। निफ्टी पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा। बाजार के इस हल्के कमजोर रुख के पीछे वैश्विक संकेतों और सेक्टरल मूवमेंट का मिश्रित प्रभाव माना जा रहा है।
यह कारोबार गुरुवार, 16 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजारों में दर्ज किया गया। इसका असर केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एशियाई बाजारों में आई तेजी और अमेरिकी बाजारों के मिले-जुले रुझान ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
एशियाई और वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में कोस्पी, निक्केई और हैंगसेंग इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। वहीं अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख रहा, जहां डाउ जोन्स में हल्की गिरावट जबकि नैस्डैक और एसएंडपी 500 में बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू बाजार में सेक्टरल रोटेशन मुख्य वजह रही। ऑटो शेयरों में मुनाफावसूली के चलते बिकवाली बढ़ी, जबकि मेटल सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इसके अलावा वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता ने भी बाजार की चाल को सीमित रखा।
तकनीकी मोर्चे पर निफ्टी के लिए 23,940 का स्तर प्रमुख सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 24,450 के आसपास रेजिस्टेंस बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्तरों के बीच इंडेक्स में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बाजार का समग्र रुख
बुधवार को बाजार में तेज उछाल दर्ज किया गया था, जब सेंसेक्स 1,264 अंक की मजबूती के साथ बंद हुआ था। इसके मुकाबले गुरुवार की गिरावट को एक प्राकृतिक करेक्शन के रूप में देखा जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
